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सीएमओ की फर्जी मुहर, हस्ताक्षर से बन रहे स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
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फिरोजाबाद। फर्जी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनवाकर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कार्य धड़ल्ले से चल रहा है। आरटीओ कार्यालय के पास रखे खोखे पर ही स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बना दिया जाता है। मुख्य चिकित्साधिकारी की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर भी कर दिए जाते हैं। एक युवक फर्जी प्रमाणपत्र लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंच गया। सीएमओ ने इस फर्जीवाड़े की तह तक पहुंचने के लिए उस युवक को पुलिस के हवाले कर दिया। फर्जीवाड़ा करने वाले गैंग को पकडने के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है।
लाइसेंस बनवाने के लिए राकेश पुत्र शिवशंकर आरटीओ कार्यालय पहुंचा। स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी तो वह दलालों के संपर्क में आ गया। उसने फर्जी प्रमाण पत्र बनवा भी लिया। इस पर सीएमओ के हस्ताक्षर और मुहर लगी थी। उसी फर्जी प्रमाणपत्र को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंच गया। सीएमओ अपने फर्जी हस्ताक्षर देखकर चौंक गए। उन्होंने पुलिस को बुलाकर युवक को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने युवक से पूछताछ की।
युवक ने एआरटीओ कार्यालय के पास एक खोखा संचालक से प्रमाणपत्र बनवाने की बात कही। सीएमओ डॉ. शिवकुमार दीक्षित ने बताया कि फर्जी मुहर कहां से आई और यह फर्जी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र कौन बना रहा है। ऐसे लोगों की जांच कराने और पकड़वाने के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। दबरई चौकी प्रभारी सर्वेश कुमार का कहना है कि डायल 112 का सिपाही युवक को लेकर आया था। युवक को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। संवाद
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लाइसेंस बनवाने के लिए राकेश पुत्र शिवशंकर आरटीओ कार्यालय पहुंचा। स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी तो वह दलालों के संपर्क में आ गया। उसने फर्जी प्रमाण पत्र बनवा भी लिया। इस पर सीएमओ के हस्ताक्षर और मुहर लगी थी। उसी फर्जी प्रमाणपत्र को लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंच गया। सीएमओ अपने फर्जी हस्ताक्षर देखकर चौंक गए। उन्होंने पुलिस को बुलाकर युवक को सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने युवक से पूछताछ की।
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युवक ने एआरटीओ कार्यालय के पास एक खोखा संचालक से प्रमाणपत्र बनवाने की बात कही। सीएमओ डॉ. शिवकुमार दीक्षित ने बताया कि फर्जी मुहर कहां से आई और यह फर्जी स्वास्थ्य प्रमाणपत्र कौन बना रहा है। ऐसे लोगों की जांच कराने और पकड़वाने के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। दबरई चौकी प्रभारी सर्वेश कुमार का कहना है कि डायल 112 का सिपाही युवक को लेकर आया था। युवक को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है। संवाद
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