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कबाड़ में पडे हैं स्टील के डस्टबिन, कई स्थानों से हुए चोरी
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सदर बाजार स्थित जामा मस्जिद के पास टूटे पड़े स्टील के डस्टबिन
- फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। शहर को साफ स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम ने स्वच्छता अभियान के तहत शहर में सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए स्टील के डस्टिबन कबाड़ में पडे़ हैं। कई स्थानों से डस्टबिन चोरी हो गए हैं। जहां लगे हैं उन स्थानों से उखड़ गए हैं। सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग स्थानों पर डालने के लिए यह लगाए गए थे। नगर निगम ने सात सौ स्थानों पर यह डस्टबिन लगाए हैं। एक जोड़ी डस्टबिन की कीमत छह हजार रुपये है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगर निगम के लिए एक हजार स्टील के डस्टबिन मंजूर हुए थे। इनमें से 750 डस्टबिन नगर निगम ने खरीदे। सात सौ स्थानों पर इन्हें लगाया गया जबकि 50 डस्टबिन रिर्जव में नगर निगम ने अपने स्टोर में रखे हैं। शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों के साथ शहर में 70 वार्डों में डस्टबिन लगाए गए। एक जोड़ी डस्टबिन की कीमत छह हजार रुपये है। 45 लाख रुपये डस्टबिन पर खर्च किए हैं। अब डस्टबिन कई जगह से चोरी हो गए हैं। कई जगह से उखड़ गए हैं। जहां लगाए गए हैं उनके फाउंडेशन टूट गए हैं। कहीं एक ही डस्टबिन बचा है। गौर करने वाली बात यह है कि यह डस्टबिन सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग डालने के लिए लगाए गए थे।
चौकीगेट पर कबाड़ में पडे़ हैं दो जोड़ी डस्टबिन
सात सौ डस्टबिन लगवाने का ठेका नगर निगम द्वारा कार्यदायी संस्था को दिया गया था। उस कार्यदायी संस्था ने सभी डस्टबिन नहीं लगाए। सात सौ डस्टबिन में से कुछ डस्टबिन ऐसे हैं, जो खुले आसमान के नीचे कबाड़ में पड़े हुए हैं। चौकी गेट पर एक स्थान पर दो जोड़ी डस्टबिन कबाड़ में पड़े हैं। यह बारिश में खराब हो रहे हैं।
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स्वच्छ भारत अभियान के तहत नगर निगम के लिए एक हजार स्टील के डस्टबिन मंजूर हुए थे। इनमें से 750 डस्टबिन नगर निगम ने खरीदे। सात सौ स्थानों पर इन्हें लगाया गया जबकि 50 डस्टबिन रिर्जव में नगर निगम ने अपने स्टोर में रखे हैं। शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों के साथ शहर में 70 वार्डों में डस्टबिन लगाए गए। एक जोड़ी डस्टबिन की कीमत छह हजार रुपये है। 45 लाख रुपये डस्टबिन पर खर्च किए हैं। अब डस्टबिन कई जगह से चोरी हो गए हैं। कई जगह से उखड़ गए हैं। जहां लगाए गए हैं उनके फाउंडेशन टूट गए हैं। कहीं एक ही डस्टबिन बचा है। गौर करने वाली बात यह है कि यह डस्टबिन सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग डालने के लिए लगाए गए थे।
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चौकीगेट पर कबाड़ में पडे़ हैं दो जोड़ी डस्टबिन
सात सौ डस्टबिन लगवाने का ठेका नगर निगम द्वारा कार्यदायी संस्था को दिया गया था। उस कार्यदायी संस्था ने सभी डस्टबिन नहीं लगाए। सात सौ डस्टबिन में से कुछ डस्टबिन ऐसे हैं, जो खुले आसमान के नीचे कबाड़ में पड़े हुए हैं। चौकी गेट पर एक स्थान पर दो जोड़ी डस्टबिन कबाड़ में पड़े हैं। यह बारिश में खराब हो रहे हैं।
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