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ट्रांसपोर्ट नगर के लिए कम की जाएंगी सर्किल रेट
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शहर में नहीं है ट्रांसपोर्ट नगर, हाईवे पर खडे़ होते हैं लोड अनलोड वाहन।
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। शहर के बाहर ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के लिए विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बीच का रास्ता निकाल लिया है। इसको लेकर नई प्लानिंग के तहत सर्किल रेट कम करने के संकेत विकास प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता ने दिए हैं। नई रेट क्या रहेगी यह अभी स्पष्ट नहीं किया गया है। ट्रांसपोर्ट नगर का मामला पिछले दिनों विधायक मनीष असीजा ने विधानसभा में उठाया था। ट्रांसपोर्ट नगर के लिए अनुदान देने के लिए पत्र भी लिखा है।
शहर के बाहर उसायनी के समीप ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के लिए विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2008 में 45 करोड़ रुपये से 13.76 हैक्टेयर भूमि अधिग्रहित की थी। यह जमीन ट्रांसपोर्टरों को 42 हजार रुपये स्क्वायर मीटर के हिसाब से दी जानी थी। महंगी जमीन खरीदने के लिए ट्रांसपोर्टर राजी नहीं थे। जिसको लेकर 15 जुलाई को डीएम चंद्र विजय सिंह और नगर विधायक मनीष असीजा के नेतृत्व में एक बैठक भी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बुलाई विधायक ने नए सिरे से पैमाइश करने का सुझाव भी दिया था।
जमीन महंगी होने की बात कहकर ट्रांसपोर्टरों ने जमीन खरीदने से मना कर दिया था। जिसको लेकर नए सिरे से प्लानिंग तैयार करने की योजना बनाई गई। जिससे जमीन के तहत जमीन के रेट कम किए जा सकें। इस योजना के तहत विभागीय अधिकारियों ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिसके तहत ट्रांसपोर्टरों की दी जाने वाली सुविधाओं को काटकर सर्किल रेट कम करने पर विभागीय अधिकारियों ने पहल की है।
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इस तरह तैयार हो रही है नई प्लानिंग
13.76 हैक्टेयर जमीन को तीन सेक्टर में बांटा गया है। पहले यह दो सेक्टर में थी। तीन लेन की जगह दो लेन का रोड बनाया जाएगा। सार्वजनिक पार्किंग खत्म कर दी गई है। प्रत्येक दुकान के आगे पार्किंग होगी। पार्किंग का सौंदर्यीकरण दुकानदार को खुद करना होगा।
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शहर के बाहर उसायनी के समीप ट्रांसपोर्ट नगर बसाने के लिए विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2008 में 45 करोड़ रुपये से 13.76 हैक्टेयर भूमि अधिग्रहित की थी। यह जमीन ट्रांसपोर्टरों को 42 हजार रुपये स्क्वायर मीटर के हिसाब से दी जानी थी। महंगी जमीन खरीदने के लिए ट्रांसपोर्टर राजी नहीं थे। जिसको लेकर 15 जुलाई को डीएम चंद्र विजय सिंह और नगर विधायक मनीष असीजा के नेतृत्व में एक बैठक भी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बुलाई विधायक ने नए सिरे से पैमाइश करने का सुझाव भी दिया था।
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जमीन महंगी होने की बात कहकर ट्रांसपोर्टरों ने जमीन खरीदने से मना कर दिया था। जिसको लेकर नए सिरे से प्लानिंग तैयार करने की योजना बनाई गई। जिससे जमीन के तहत जमीन के रेट कम किए जा सकें। इस योजना के तहत विभागीय अधिकारियों ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिसके तहत ट्रांसपोर्टरों की दी जाने वाली सुविधाओं को काटकर सर्किल रेट कम करने पर विभागीय अधिकारियों ने पहल की है।
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इस तरह तैयार हो रही है नई प्लानिंग
13.76 हैक्टेयर जमीन को तीन सेक्टर में बांटा गया है। पहले यह दो सेक्टर में थी। तीन लेन की जगह दो लेन का रोड बनाया जाएगा। सार्वजनिक पार्किंग खत्म कर दी गई है। प्रत्येक दुकान के आगे पार्किंग होगी। पार्किंग का सौंदर्यीकरण दुकानदार को खुद करना होगा।