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मथुरा की वारदात से सहमे शहर के सराफा व्यापारी
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Tue, 16 May 2017 11:51 PM IST
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मथुरा की घटना के बाद जिले के सराफा बाजार में भी सन्नाटा रहा।
मथुरा की वारदात से जिले के सराफा कारोबारियों में भी दहशत है। शहर के सराफा बाजार कृष्णापाड़ा में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। यहां न पुलिस पिकेट लगती है और न ही गश्त होती है।
सराफा कारोबारियों के साथ सराफा बाजार में कई सालों से खुद के मकान में निवास करने वाले लोगों का कहना था कि सराफा बाजार में सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं है। आठ नौ माह से रात को लगने वाला पुलिस पिकेट भी बंद हो गया है। यहां न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही कोई ऐसी व्यवस्था की गई है, जबकि कृष्ण पाड़ा जिले का सबसे बड़ा सराफा बाजार है।
जिले में भी सुरक्षित नहीं है सरार्फा कारोबारी
कसबा पाढ़म में बदमाशोें ने लूट के दौरान सराफा व्यापारी को गोली मार दी थी। बाद में मौत हो गई थी। 27 मार्च को मक्खनपुर क्षेत्र के गांव तुर्किया में सराफा व्यापारी की लूट के दौरान बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वर्ष 2015 में दाऊ दयाल महिला महाविद्यालय के समीप करबला निवासी सराफा व्यापारी को हथियारों के बल पर लूट लिया गया था। आठ साल पूर्व घंटाघर के समीप सराफा कारोबारी राजेंद्र बंसल को बदमाशों ने हथियारों के बल पर घंटाघर के समीप गोली मारकर लूट लिया था। साथ ही जसराना, शिकोहाबाद, सिरसागंज और टूंडला के साथ मक्खनपुर में भी सराफा कारोबारियों के साथ लगातार घटनाएं होती रही है।
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पुलिस नियमित गश्त करे तो नहीं हों वारदात
सराफा व्यापारी राजेश वर्मा का कहना है कि मथुरा जैसी घटना भले ही नहीं हुई हो लेकिन वारदात अक्सर होती हैं। इसका प्रमुख कारण बाजार में पुलिस का गश्त न होना। यदि पुलिस अलर्ट हो जाए तो घटनाएं निश्चित ही रुकेगी। दिलीप राजौरिया ने कहा कि अब चूड़ी का कारोबार करने लगे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से सराफा कारोबारी हर वक्त दहशत में रहता है। इसके चलते शाम को बाजार भी जल्द बंद हो जाता है।
कोट
सराफा बाजार की सुरक्षा को लेकर बुधवार से दो पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया जाएगा। ये बिना नंबर की बाइक और संदिग्धों पर नजर रखेंगे। सीसीटीवी कैमरे भी लगवाएं जाएंगे। सराफा व्यापारियों के साथ बैठक कर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
अजय कुमार एसएसपी फिरोजाबाद।
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सराफा कारोबारियों के साथ सराफा बाजार में कई सालों से खुद के मकान में निवास करने वाले लोगों का कहना था कि सराफा बाजार में सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं है। आठ नौ माह से रात को लगने वाला पुलिस पिकेट भी बंद हो गया है। यहां न तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और न ही कोई ऐसी व्यवस्था की गई है, जबकि कृष्ण पाड़ा जिले का सबसे बड़ा सराफा बाजार है।
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जिले में भी सुरक्षित नहीं है सरार्फा कारोबारी
कसबा पाढ़म में बदमाशोें ने लूट के दौरान सराफा व्यापारी को गोली मार दी थी। बाद में मौत हो गई थी। 27 मार्च को मक्खनपुर क्षेत्र के गांव तुर्किया में सराफा व्यापारी की लूट के दौरान बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वर्ष 2015 में दाऊ दयाल महिला महाविद्यालय के समीप करबला निवासी सराफा व्यापारी को हथियारों के बल पर लूट लिया गया था। आठ साल पूर्व घंटाघर के समीप सराफा कारोबारी राजेंद्र बंसल को बदमाशों ने हथियारों के बल पर घंटाघर के समीप गोली मारकर लूट लिया था। साथ ही जसराना, शिकोहाबाद, सिरसागंज और टूंडला के साथ मक्खनपुर में भी सराफा कारोबारियों के साथ लगातार घटनाएं होती रही है।
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पुलिस नियमित गश्त करे तो नहीं हों वारदात
सराफा व्यापारी राजेश वर्मा का कहना है कि मथुरा जैसी घटना भले ही नहीं हुई हो लेकिन वारदात अक्सर होती हैं। इसका प्रमुख कारण बाजार में पुलिस का गश्त न होना। यदि पुलिस अलर्ट हो जाए तो घटनाएं निश्चित ही रुकेगी। दिलीप राजौरिया ने कहा कि अब चूड़ी का कारोबार करने लगे हैं। सुरक्षा की दृष्टि से सराफा कारोबारी हर वक्त दहशत में रहता है। इसके चलते शाम को बाजार भी जल्द बंद हो जाता है।
कोट
सराफा बाजार की सुरक्षा को लेकर बुधवार से दो पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया जाएगा। ये बिना नंबर की बाइक और संदिग्धों पर नजर रखेंगे। सीसीटीवी कैमरे भी लगवाएं जाएंगे। सराफा व्यापारियों के साथ बैठक कर सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
अजय कुमार एसएसपी फिरोजाबाद।