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बारिश ने बढ़ाई ठिठुरन, छूटी कंपकंपी
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 02 Jan 2015 11:21 PM IST
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शुक्रवार को तड़के रिमझिम बारिश के साथ शीतलहर में इजाफा हो गया। बढ़ी
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सर्दी से हर कोई ठिठुर गया। बारिश का मौसम उन आलू उत्पादकों के लिए मुसीबत
बना जो अभी खुदाई करके गेहूं की फसल बोने की तैयारी में थे। गेहूं एवं आलू
की पिछैती फसलों को बारिश लाभदायक होगी। बारिश के कारण सुबह टहलने जाने
वाले घरों से नहीं निकले, पार्कों में सन्नाटा पसरा रहा। आलू की खुदाई
प्रभावित होने के साथ सब्जियों के राजा आलू के भाव भी बढ़ गए।
घरों से आवश्यक काम से निकले लोग
घने कोहरे एवं शीतलहर ने सर्दी में इजाफा तो पहले ही कर दिया था। शुक्रवार की शाम अचानक आसमान में घटाओं के घिरने के साथ ही देर रात्रि बारिश शुरू होने से लोग ठिठुरने गए। लोग घरों से जरूरी काम से ही निकले। सुबह टहलने जाने वालों की गांधीपार्क में काफी कम भीड़ दिखाई दी।
देर से खुले बाजार, जल्दी हुए बंद
शीतलहर एवं रिमझिम बारिश के कारण बाजार जहां देर से खुले वहीं शाम को जल्दी बंद हो गए। बारिश होने के कारण दुकानदारों ने फड़ों को बाहर तक नहीं सजाया। इस दौरान कोई ग्राहक नहीं आने के कारण दुकानदार भी हाथ पर हाथ रखे बैठे अलाव आदि जलाकर तापते रहे।
अलाव को नहीं मिली सूखी लकड़ी
बारिश होने के साथ नगर निगम एवं तहसील की ओर से जलवाए जाने वाले अलाव के लिए भी सूखी लकड़ी और उपले तक नहीं मिले थे। वहीं चौराहों पर जिन स्थानों पर अलाव जलवाए जाते थे वह भी छांव वाले स्थल की तलाश करते दिखे ताकि वहां अलाव जलवाए जा सकें।
सब्जियों के राजा के बढ़े भाव
बारिश होने के साथ मंडी में नए आलू की आवक भी घट गई। आवक घटने के साथ ही बाजार में 35 रुपये में पांच किलोग्राम बिकने वाला आलू एक साथ 20 रुपये में डेढ़ किलोग्राम बिकना शुरू हो गया। मंडी से आलू खरीदकर लाने वाले भी भाव सुनकर दंग थे।
बारिश का मौसम गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है लेकिन मौसम एक दो दिन में नहीं खुला तो आलू, मटर, सरसों की फसल को को प्रभावित करेगी। सर्दी के कारण माहूं लगने की संभावना अधिक ही रहती है। आलू में झूलसा रोग लग सकता है।
अखिलेश पांडेय, जिला कृषि अधिकारी फीरोजाबाद।
घरों से आवश्यक काम से निकले लोग
घने कोहरे एवं शीतलहर ने सर्दी में इजाफा तो पहले ही कर दिया था। शुक्रवार की शाम अचानक आसमान में घटाओं के घिरने के साथ ही देर रात्रि बारिश शुरू होने से लोग ठिठुरने गए। लोग घरों से जरूरी काम से ही निकले। सुबह टहलने जाने वालों की गांधीपार्क में काफी कम भीड़ दिखाई दी।
देर से खुले बाजार, जल्दी हुए बंद
शीतलहर एवं रिमझिम बारिश के कारण बाजार जहां देर से खुले वहीं शाम को जल्दी बंद हो गए। बारिश होने के कारण दुकानदारों ने फड़ों को बाहर तक नहीं सजाया। इस दौरान कोई ग्राहक नहीं आने के कारण दुकानदार भी हाथ पर हाथ रखे बैठे अलाव आदि जलाकर तापते रहे।
अलाव को नहीं मिली सूखी लकड़ी
बारिश होने के साथ नगर निगम एवं तहसील की ओर से जलवाए जाने वाले अलाव के लिए भी सूखी लकड़ी और उपले तक नहीं मिले थे। वहीं चौराहों पर जिन स्थानों पर अलाव जलवाए जाते थे वह भी छांव वाले स्थल की तलाश करते दिखे ताकि वहां अलाव जलवाए जा सकें।
सब्जियों के राजा के बढ़े भाव
बारिश होने के साथ मंडी में नए आलू की आवक भी घट गई। आवक घटने के साथ ही बाजार में 35 रुपये में पांच किलोग्राम बिकने वाला आलू एक साथ 20 रुपये में डेढ़ किलोग्राम बिकना शुरू हो गया। मंडी से आलू खरीदकर लाने वाले भी भाव सुनकर दंग थे।
बारिश का मौसम गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है लेकिन मौसम एक दो दिन में नहीं खुला तो आलू, मटर, सरसों की फसल को को प्रभावित करेगी। सर्दी के कारण माहूं लगने की संभावना अधिक ही रहती है। आलू में झूलसा रोग लग सकता है।
अखिलेश पांडेय, जिला कृषि अधिकारी फीरोजाबाद।