{"_id":"af3c3578aedeeb7324e87d00bf00095d","slug":"chekdam-construct-on-rivers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदियों पर बनेंगे चेकडैम, बढे़गा जल स्तर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदियों पर बनेंगे चेकडैम, बढे़गा जल स्तर
ब्यूूराो, अमर उजाला
Updated Sun, 01 Feb 2015 11:06 PM IST
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जिले में घटते जलस्तर को ऊंचा उठाने की पहल जिले के प्रभारी एवं लघु सिंचाई व पशुधन मंत्री राजकिशोर सिंह की पहल पर विभाग ने शुरू की। नदियों का पानी रोकने को चेकडैम बनाए जाने का निर्णय लिया है। एक दर्जन चेकडैम बनाए जाने का प्रस्ताव बना लिया है। इनके बनने से जलस्तर तो बढ़ेगा ही साथ ही किसानों को सिंचाई की सुविधा भी मिलेगी। प्रयोग सफल रहा तो फिर और चेकडैम बनाए जाएंगे।
(राज कुमार)
फीरोजाबाद। कांच उद्योग के नाम से विश्व विख्यात सुहागनगरी में जलस्तर काफी तेजी से गिर रहा है। जिले के नौ में से पांच ब्लाक फीरोजाबाद, टूंडला, नारखी, हाथवंत क्रिटीकल एवं शिकोहाबाद ब्लाक सेमी क्रिटीकल श्रेणी में शामिल हो गया है। डार्क ब्लाकों के किसानों को फ्री बोरिंग योजना का लाभ मिलना बंद है। हैंडपंप लगाने में भी विभागीय अधिकारी कतराते हैं। हाथवंत ब्लाक में देखें तो अधिकांश गांवों का पानी गुणवत्ता प्रभावित है। भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट में जलस्तर 42 से 48 मीटर गहराई तक जा पहुंचा। लघु सिंचाई विभाग की ओर से जलस्तर बढ़ाने की दिशा में पहल की जा रही है। जिले में सूखी पड़ी नदियों में बारिश के दौरान बेकार बहते पानी को रोकने से जलस्तर बढ़ेगा साथ ही आस-पास के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसके लिए आठ से अधिक स्थानों पर चेकडैम बनाए जा रहे हैं।
यहां बनाएं जाएंगे चेकडैम
लघु सिंचाई विभाग के अफसरों की मानें तो अरिंद नदी में छह चेकडैम बनेंगे। इनमें नकटपुर, उड़ेसर, मोहम्मदपुर, मोगरा, गढ़ी सोनई व सुंदरपुर क्षेत्र में तथा सिरसा नदी में नगला वली, छत्तरपुर की ठार, नगला कूंम, खेड़ा खुुर्द को शामिल किया है।
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जिले से गुजरतीं हैं यह प्रमुख नदियां
फीरोजाबाद जिले से करीब आधा दर्जन नदियां गुजरती हैं इनमें यमुना नदी में तो हमेशा पानी रहता है जबकि इस क्षेत्र की सिरसा, सेंगर, अरिंद, आवा, ईसन नदियों में पानी कम ही मिलता है। बारिश के दिनों में यही नदियां उफनती हैं। नदियों में चेकडैम बनाकर जलस्तर बढ़ाने के साथ सिंचाई की सुविधा देने की ओर प्रयास किए गए हैं।
यमुना नदी में बांध की उठाई थी मांग
सुहागनगरी में तेजी से घटते जलस्तर एवं कई ब्लाकों के डार्क घोषित हो जाने के कारण पूर्व वनमंत्री रहे स्वर्गीय रघुवर दयाल वर्मा ने यमुना नदी में फरौल नगरिया के निकट बांध बनाने की मांग उठाई थी। इस लड़ाई को वह जिले से लेकर लखनऊ तक लड़े लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी।
डार्क ब्लाकों में भूगर्भ जल का औसत स्तर
ब्लाक बार औसत जलस्तर
फीरोजाबाद 48 मीटर
टूंडला 46 मीटर
नारखी 45 मीटर
हाथवंत 44 मीटर
शिकोहाबाद 42 मीटर
नोट- आंकड़े लघु सिंचाई विभाग के अनुसार हैं।
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नदियों में बारिश के बर्बाद होते पानी को रोककर किसानों को सिंचाई की सुविधा मुहैया कराने के लिए चेकडैम बनाने का काम किया जा रहा है। चेकडैम वाले इलाकों में जलस्तर भी बढ़ेगा।
केके श्रीवास्तव, सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग फीरोजाबाद
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(राज कुमार)
फीरोजाबाद। कांच उद्योग के नाम से विश्व विख्यात सुहागनगरी में जलस्तर काफी तेजी से गिर रहा है। जिले के नौ में से पांच ब्लाक फीरोजाबाद, टूंडला, नारखी, हाथवंत क्रिटीकल एवं शिकोहाबाद ब्लाक सेमी क्रिटीकल श्रेणी में शामिल हो गया है। डार्क ब्लाकों के किसानों को फ्री बोरिंग योजना का लाभ मिलना बंद है। हैंडपंप लगाने में भी विभागीय अधिकारी कतराते हैं। हाथवंत ब्लाक में देखें तो अधिकांश गांवों का पानी गुणवत्ता प्रभावित है। भूगर्भ जल विभाग की रिपोर्ट में जलस्तर 42 से 48 मीटर गहराई तक जा पहुंचा। लघु सिंचाई विभाग की ओर से जलस्तर बढ़ाने की दिशा में पहल की जा रही है। जिले में सूखी पड़ी नदियों में बारिश के दौरान बेकार बहते पानी को रोकने से जलस्तर बढ़ेगा साथ ही आस-पास के किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। इसके लिए आठ से अधिक स्थानों पर चेकडैम बनाए जा रहे हैं।
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यहां बनाएं जाएंगे चेकडैम
लघु सिंचाई विभाग के अफसरों की मानें तो अरिंद नदी में छह चेकडैम बनेंगे। इनमें नकटपुर, उड़ेसर, मोहम्मदपुर, मोगरा, गढ़ी सोनई व सुंदरपुर क्षेत्र में तथा सिरसा नदी में नगला वली, छत्तरपुर की ठार, नगला कूंम, खेड़ा खुुर्द को शामिल किया है।
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जिले से गुजरतीं हैं यह प्रमुख नदियां
फीरोजाबाद जिले से करीब आधा दर्जन नदियां गुजरती हैं इनमें यमुना नदी में तो हमेशा पानी रहता है जबकि इस क्षेत्र की सिरसा, सेंगर, अरिंद, आवा, ईसन नदियों में पानी कम ही मिलता है। बारिश के दिनों में यही नदियां उफनती हैं। नदियों में चेकडैम बनाकर जलस्तर बढ़ाने के साथ सिंचाई की सुविधा देने की ओर प्रयास किए गए हैं।
यमुना नदी में बांध की उठाई थी मांग
सुहागनगरी में तेजी से घटते जलस्तर एवं कई ब्लाकों के डार्क घोषित हो जाने के कारण पूर्व वनमंत्री रहे स्वर्गीय रघुवर दयाल वर्मा ने यमुना नदी में फरौल नगरिया के निकट बांध बनाने की मांग उठाई थी। इस लड़ाई को वह जिले से लेकर लखनऊ तक लड़े लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी।
डार्क ब्लाकों में भूगर्भ जल का औसत स्तर
ब्लाक बार औसत जलस्तर
फीरोजाबाद 48 मीटर
टूंडला 46 मीटर
नारखी 45 मीटर
हाथवंत 44 मीटर
शिकोहाबाद 42 मीटर
नोट- आंकड़े लघु सिंचाई विभाग के अनुसार हैं।
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नदियों में बारिश के बर्बाद होते पानी को रोककर किसानों को सिंचाई की सुविधा मुहैया कराने के लिए चेकडैम बनाने का काम किया जा रहा है। चेकडैम वाले इलाकों में जलस्तर भी बढ़ेगा।
केके श्रीवास्तव, सहायक अभियंता लघु सिंचाई विभाग फीरोजाबाद