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कैंसर दिवस आज: विशेष सुहागनगरी में कैंसर यूनिट खुलने का इंतजार
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फिरोजाबाद। चार फरवरी को कैंसर दिवस है। सुहागनगरी में कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। यहां न जांच की सुविधा है और न ही इलाज की। सामाजिक संगठन ही कैंसर रोगियों की मदद के लिए आगे आते हैं। कई मरीज तो इलाज समय से न मिलने पर जिंदगी से जंग हार जाते हैं। जनपद में कैंसर यूनिट स्थापित करने के लिए प्रयास हुए हैं लेकिन अभी योजना स्वीकृत ही नहीं हुई है। मरीज और तीमारदार सुहागनगरी में कैंसर यूनिट खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
जिले में हर साल 300 से 400 नए कैंसर के रोगी मिलते हैं। सुहागनगरी में जांच सुविधा न होने के कारण कैंसर का पता लगने में देरी हो जाती है और कैंसर रोग गंभीरवस्था में पहुंचने पर मरीज के प्राण भी चले जाते हैं। शासन को प्रस्ताव भी भेजा गया है। यहां तक कि कैंसर यूनिट के लिए दिनेश चंद्र चैरिटेबिल ट्रस्ट की ओर से अपनी जमीन भी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को दिया है। मरीजों को ग्वालियर और मुंबई आदि शहरों में इलाज के लिए जाना पडता है।
कैंसर यूनिट के लिए शासन में लगातार पैरवी की जा रही है। जलेसर रोड स्थित मेडिकल कॉलेज में कैंसर यूनिट के लिए शासन प्रस्ताव भेजा है। विधानसभा और आश्वासन समिति की बैठक में भी यह विषय उठाया गया है। शासन ने यहां कैंसर यूनिट की जरूरत को स्वीकार कर लिया है। यूनिट भी जल्द बनेगी।
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मनीष असीजा - भाजपा विधायक
800 मरीजों की कर चुके हैं मदद
समाजसेवी निर्भय गुप्ता ने कैंसर रोगियों के इलाज के लिए सद्भावना सोसायटी की स्थापना की थी। यह कैंसर रोगियों को टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल में इलाज कराने में मदद करते हैं। साथ ही मुंबई में रहने और खाने का इंतजाम भी कराते हैं। करीब 800 लोगों की मदद कर चुके हैं।
हर साल लगाते हैं कैंप
समाजसेवी राहुल जैन सिटीजन अपने पिता की स्मृति में दिनेश चंद्र जैन चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से पिछले साल से कैंसर शिविर लगा रहे हैं। हर कैंप में तीन सौ रोगी आते हैं। उन्होंने बताया कि कैंसर यूनिट की जनपद में बहुत आवश्यकता है।
एक माह में 40 से अधिक मरीज आ रहे
पूरे माह में 40 से अधिक मरीज ऐसे आते हैं, जिनको कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है। तंबाकू और सिगरेट इसका मुख्य कारण है।
डा. मनोज चतुर्वेदी, ईएनटी
महिलाओं में बढ़ रहे कैंसर के मामले
माह में 60 से 70 मरीज में कैंसर के संभावित लक्षण होते हैं। हमारे पास अधिकतर बच्चेदानी में कैंसर की मरीज आती हैं। महिलाओं में यह आम बात हो गई है। सजग रहने के लिए 30 साल की उम्र के बाद हर छह माह में जांच कराएं।
डॉ. पूनम अग्रवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ
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जिले में हर साल 300 से 400 नए कैंसर के रोगी मिलते हैं। सुहागनगरी में जांच सुविधा न होने के कारण कैंसर का पता लगने में देरी हो जाती है और कैंसर रोग गंभीरवस्था में पहुंचने पर मरीज के प्राण भी चले जाते हैं। शासन को प्रस्ताव भी भेजा गया है। यहां तक कि कैंसर यूनिट के लिए दिनेश चंद्र चैरिटेबिल ट्रस्ट की ओर से अपनी जमीन भी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव जिला प्रशासन को दिया है। मरीजों को ग्वालियर और मुंबई आदि शहरों में इलाज के लिए जाना पडता है।
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कैंसर यूनिट के लिए शासन में लगातार पैरवी की जा रही है। जलेसर रोड स्थित मेडिकल कॉलेज में कैंसर यूनिट के लिए शासन प्रस्ताव भेजा है। विधानसभा और आश्वासन समिति की बैठक में भी यह विषय उठाया गया है। शासन ने यहां कैंसर यूनिट की जरूरत को स्वीकार कर लिया है। यूनिट भी जल्द बनेगी।
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मनीष असीजा - भाजपा विधायक
800 मरीजों की कर चुके हैं मदद
समाजसेवी निर्भय गुप्ता ने कैंसर रोगियों के इलाज के लिए सद्भावना सोसायटी की स्थापना की थी। यह कैंसर रोगियों को टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल में इलाज कराने में मदद करते हैं। साथ ही मुंबई में रहने और खाने का इंतजाम भी कराते हैं। करीब 800 लोगों की मदद कर चुके हैं।
हर साल लगाते हैं कैंप
समाजसेवी राहुल जैन सिटीजन अपने पिता की स्मृति में दिनेश चंद्र जैन चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से पिछले साल से कैंसर शिविर लगा रहे हैं। हर कैंप में तीन सौ रोगी आते हैं। उन्होंने बताया कि कैंसर यूनिट की जनपद में बहुत आवश्यकता है।
एक माह में 40 से अधिक मरीज आ रहे
पूरे माह में 40 से अधिक मरीज ऐसे आते हैं, जिनको कैंसर होने की संभावना अधिक होती है। कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है। तंबाकू और सिगरेट इसका मुख्य कारण है।
डा. मनोज चतुर्वेदी, ईएनटी
महिलाओं में बढ़ रहे कैंसर के मामले
माह में 60 से 70 मरीज में कैंसर के संभावित लक्षण होते हैं। हमारे पास अधिकतर बच्चेदानी में कैंसर की मरीज आती हैं। महिलाओं में यह आम बात हो गई है। सजग रहने के लिए 30 साल की उम्र के बाद हर छह माह में जांच कराएं।
डॉ. पूनम अग्रवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ