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सिपाही ने रची गई थी दोहरे हत्याकांड की साजिश
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Tue, 11 Aug 2015 11:27 PM IST
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फीरोजाबाद। छारबाग में हुए दोहरे हत्याकांड की साजिश शिकोहाबाद में निलंबित सिपाही के घर रची गई थी। हमलावर आरोपी सिपाही के साथ उसकी कार में सवार होकर दुकान खाली कराने को छारबाग पहुंचे थे। इसका खुलासा पुलिस ने चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कर दिया।
छह अगस्त की शाम को छारबाग क्षेत्र में हुई फायरिंग के दौरान चंद्रवारगेट निवासी ओमकार गुप्ता व छारबाग निवासी कुलदीप की मौत हो गई थी। जबकि बिहारी नामक श्रमिक घायल हुआ था। उसको उपचार के लिए आगरा रेफर किया गया था। कुलदीप के पिता की तहरीर पर पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए थे। सोमवार रात लाइनपार पुलिस ने नामजद आरोपी प्रदीप कुमार, राजू, मोहन और संजीव पुत्र मौजीराम निवासी गली बोहरान थाना दक्षिण को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने प्रदीप से राइफल बरामद करने के साथ ही संजीव और मोहन से तमंचा बरामद किया है। कोतवाल लाइनपार ने बताया कि रामू से दुकान खाली कराने के लिए प्रदीप ने अपने चचेरे भाई प्रेम सिंह पुत्र उजागर सिंह निवासी जैन नगर थाना उत्तर से संपर्क किया था। प्रेम सिंह प्रदीप को लेकर शिकोहाबाद निवासी पप्पू उर्फ रजनेश पुत्र मोतीलाल के घर पहुंचा। पप्पू पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में वह निलंबित चल रहा है। यहां पप्पू ने उनकी मुलाकात मैनपुरी के कसबा घिरौर निवासी टिंकू उर्फ मच्छर पुत्र धर्मपाल से कराई। बातचीत होने के बाद प्रदीप ने पप्पू को कुछ रुपये देने के साथ ही शेष रकम काम होने के बाद दिए जाने की बात कही थी। छह अगस्त को पप्पू और टिंकू अपने साथ तीन चार युवकों के साथ प्रदीप के घर पहुंचा था। यहां सभी ने शराब का सेवन किया था और फोन पर प्रदीप ने किराएदार रामू से बात की थी। इसके बाद सभी लोग छारबाग पहुंच गए। यहां रामू से दुकान खाली करने को कहा गया तो उसने विरोध शुरू कर दिया था। रामू को निशाना बनाते हुए गोली चलाई गई थी, तब तक क्षेत्रीय लोग एकत्रित हो गए और रामू बच कर भाग गया जबकि ओमकार और कुलदीप की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेज दिया है। वहीं शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे है।
बरामद राइफल आखिर किसकी
प्रदीप के कब्जे से पुलिस ने जिस राइफल को बरामद किया है। वह किसके नाम है, इसकी जानकारी पुलिस नहीं दे सकी। कोतवाल लाइनपार का कहना है कि लाइसेंस धारक का नाम पता ज्ञात करने के लिए असलहा बाबू से संपर्क किया जाएगा।
छह अगस्त की शाम को छारबाग क्षेत्र में हुई फायरिंग के दौरान चंद्रवारगेट निवासी ओमकार गुप्ता व छारबाग निवासी कुलदीप की मौत हो गई थी। जबकि बिहारी नामक श्रमिक घायल हुआ था। उसको उपचार के लिए आगरा रेफर किया गया था। कुलदीप के पिता की तहरीर पर पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए थे। सोमवार रात लाइनपार पुलिस ने नामजद आरोपी प्रदीप कुमार, राजू, मोहन और संजीव पुत्र मौजीराम निवासी गली बोहरान थाना दक्षिण को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने प्रदीप से राइफल बरामद करने के साथ ही संजीव और मोहन से तमंचा बरामद किया है। कोतवाल लाइनपार ने बताया कि रामू से दुकान खाली कराने के लिए प्रदीप ने अपने चचेरे भाई प्रेम सिंह पुत्र उजागर सिंह निवासी जैन नगर थाना उत्तर से संपर्क किया था। प्रेम सिंह प्रदीप को लेकर शिकोहाबाद निवासी पप्पू उर्फ रजनेश पुत्र मोतीलाल के घर पहुंचा। पप्पू पुलिस में सिपाही है और वर्तमान में वह निलंबित चल रहा है। यहां पप्पू ने उनकी मुलाकात मैनपुरी के कसबा घिरौर निवासी टिंकू उर्फ मच्छर पुत्र धर्मपाल से कराई। बातचीत होने के बाद प्रदीप ने पप्पू को कुछ रुपये देने के साथ ही शेष रकम काम होने के बाद दिए जाने की बात कही थी। छह अगस्त को पप्पू और टिंकू अपने साथ तीन चार युवकों के साथ प्रदीप के घर पहुंचा था। यहां सभी ने शराब का सेवन किया था और फोन पर प्रदीप ने किराएदार रामू से बात की थी। इसके बाद सभी लोग छारबाग पहुंच गए। यहां रामू से दुकान खाली करने को कहा गया तो उसने विरोध शुरू कर दिया था। रामू को निशाना बनाते हुए गोली चलाई गई थी, तब तक क्षेत्रीय लोग एकत्रित हो गए और रामू बच कर भाग गया जबकि ओमकार और कुलदीप की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेज दिया है। वहीं शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे है।
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बरामद राइफल आखिर किसकी
प्रदीप के कब्जे से पुलिस ने जिस राइफल को बरामद किया है। वह किसके नाम है, इसकी जानकारी पुलिस नहीं दे सकी। कोतवाल लाइनपार का कहना है कि लाइसेंस धारक का नाम पता ज्ञात करने के लिए असलहा बाबू से संपर्क किया जाएगा।
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