{"_id":"580b69ab4f1c1b722b704a0a","slug":"buddhm-srnm-dmmm-srnm-gchchhami-gchchhami","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुद्धम् शरणम् गच्छामि....धम्मम् शरणम् गच्छामि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुद्धम् शरणम् गच्छामि....धम्मम् शरणम् गच्छामि
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 22 Oct 2016 11:11 PM IST
विज्ञापन
बौद्ध महासम्मेलन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर का पीडी जैन कालेज मैदान में शनिवार को बुद्धम् शरणम् गच्छामि..,धम्मम् शरणम् गच्छामि....की गूंज सुनाई दी।भगवान बुद्ध ने हमेशा शांति का संदेश दिया। पंचशील को अपनाएं,जीवों पर दया करें। तृष्णा और अहंकार से दूर रहें। ज्ञानार्जन करके समाज को सही रास्ते पर ले जाना ही इस महासम्मेलन का उद्देश्य है। नारी शिक्षा पर भी जोर देते हुए कहा कि महिलाएं शिक्षित होंगी तो तरक्की के नए रास्ते खुलेंगे। बौद्ध धर्म समाज को जोड़ने का काम ही करता है।
अखिल भारतीय बौद्ध संघ के राष्ट्रीय महासचिव एवं भदंत प्रज्ञादीप महास्थिविर ने पीडी जैन इंटर कालेज मैदान में ही आयोजित दो दिवसीय भिक्षु महासम्मेलन में व्यक्त किए। इससे पूर्व बाबा साहब डा.भीमराव अंबेडकर एवं भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके व माला पहनाकर सम्मेलन का शुभारंभ किया।अखिल भारतीय भिक्षु महासंघ के अध्यक्ष भदंत आनंद महास्थविर ने कहा भिक्षु किसी का गुलाम नहीं होता। भिक्षु हमेशा मानवता का पुजारी है और रहेगा। आमजन को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने और समाज में शांति कायम रहे यह प्रयास करता है। गुजरात से आए भिक्षु देवानंद ने कहा कि तथागत के संदेश को जीवन में उतारना ही इस बौद्ध महासम्मेलन की सार्थकता है। हमें रोग,भय एवं दुख से मुक्ति मिल जाएगी। जीवन को अच्छा बनाना है तो तथागत की शरण में जाओ। सम्मेलन में जापान के कोवेसिटी यूनीवर्सिटी में प्रोफेसर बौद्ध भिक्षु भदंत रवि ने कहा कि हम सभी बुद्धम् शरणम् गच्छामि... बोलते हैं लेकिन जाते नहीं है। यदि चलें जाएं तो फिर तो कोई दिक्कत नहीं होगी। पंचशील को अपनाने पर जोर दिया बताया कि थाईलैंड में बौद्ध धर्म को अपनाने वाला शासक बनता है। उन्होंने भारत में बौद्ध भिक्षुओं की कमी पर चिंता जाहिर की। केपी सिंह बौद्ध एडवोकेट ने कहा कि पंचशील को अपनाना जरूरी है। दिल्ली से आए महीपाल सिंह महीप ने भिक्षु के 227 नियम अपने आप में एक कानून है। बाबा साहब ने 24 नवंबर 1949 में संविधान सभा में भाषण ही दिया तो उसी का अंश है। अध्यक्षता करते हुए भदंत बुध शरण महास्थिविर ने बौद्ध धर्म का महत्व समझाया। काफी संख्या में बौद्ध उपासकों ने दीक्षा ग्रहण की।
नगर में निकली धम्मयात्रा,बुद्ध प्रतिमा का अनावरण
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। नगर में आयोजित दो दिवसीय भारतीय बौद्ध भिक्षु महासम्मेलन के शुभारंभ पर नगर में भव्य धम्म यात्रा निकाली गई। मार्ग में कई स्थानों पर स्वागत हुआ। रत्नपुंज बुद्ध बिहार नगला मिर्जा बड़ा पर धम्म यात्रा के समापन के साथ भिक्षु संघ ने भगवान बुद्ध का प्रतिमा का अनावरण किया। पूज्य भदंत बुद्धशरण महास्थविर के निर्देशन में धम्म यात्रा का शुभारंभ कोटला चुंगी चौराहा से प्रारंभ हुई। दखल,बोधाश्रम रोड, टापा कलां, वाईपास रोड, सैलई एवं जगजीवन राम नगर एवं सैलई वाईपास रोड होते हुए रत्नपुंज बुद्ध बिहार पर पहुंचकर समाप्त हुई। यात्रा के समापन के पश्चात बुद्ध संघ ने बुद्ध बिहार में स्थापित भगवान बौद्ध की प्रतिमा का सामूहिक रूप से अनावरण किया गया। इस दौरान आयोजिन समिति के मीत्तल प्रसाद निमेष, गजेंद्र सिंह बौद्ध एडवोकेट,हेमराज सिंह, रामवीर सिंह तारबाबू, बीडी देशमुख, प्रदीप कुमार गौतम, मुरारी लाल सभासद, डा. वीरालाल आनंद,वीरी सिंह आनंद व इं. हरीमोहन,राजवीर सिंह सिद्धार्थ पदाधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
साहित्य के लगे थे काउंटर
सम्मेलन स्थल पर बौद्ध धर्म के अनेक पाठ्य पुस्तकों के काउंटर लगाए गए थे ताकि बौद्ध उपासक वहां से पाठ्य पुस्तकों की खरीददारी कर सकें। महिलाएं, पुरुष ही नहीं बल्कि छात्र एवं छात्राएं खरीददारी कर रहीं थी।
वालियंटर संभाले हुए थे व्यवस्थाएं
बौद्ध अनुयायी युवा उपासक (वालियंटर) बौद्ध सम्मेलन की सुरक्षा व्यवस्था की कमान को संभाले हुए थे। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से क्यूआरटी की गाड़ी तैनात थी। लेकिन वहां पर आने वाले वाहनों को व्यवस्थित ढंग से खड़ा कराने तथा कार्यक्रम में आने वालों को बैठाने तक की व्यवस्थाओं का वालियंटरों ने संभाल रखी थी।
विज्ञापन
अखिल भारतीय बौद्ध संघ के राष्ट्रीय महासचिव एवं भदंत प्रज्ञादीप महास्थिविर ने पीडी जैन इंटर कालेज मैदान में ही आयोजित दो दिवसीय भिक्षु महासम्मेलन में व्यक्त किए। इससे पूर्व बाबा साहब डा.भीमराव अंबेडकर एवं भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके व माला पहनाकर सम्मेलन का शुभारंभ किया।अखिल भारतीय भिक्षु महासंघ के अध्यक्ष भदंत आनंद महास्थविर ने कहा भिक्षु किसी का गुलाम नहीं होता। भिक्षु हमेशा मानवता का पुजारी है और रहेगा। आमजन को राष्ट्र की मुख्य धारा से जोड़ने और समाज में शांति कायम रहे यह प्रयास करता है। गुजरात से आए भिक्षु देवानंद ने कहा कि तथागत के संदेश को जीवन में उतारना ही इस बौद्ध महासम्मेलन की सार्थकता है। हमें रोग,भय एवं दुख से मुक्ति मिल जाएगी। जीवन को अच्छा बनाना है तो तथागत की शरण में जाओ। सम्मेलन में जापान के कोवेसिटी यूनीवर्सिटी में प्रोफेसर बौद्ध भिक्षु भदंत रवि ने कहा कि हम सभी बुद्धम् शरणम् गच्छामि... बोलते हैं लेकिन जाते नहीं है। यदि चलें जाएं तो फिर तो कोई दिक्कत नहीं होगी। पंचशील को अपनाने पर जोर दिया बताया कि थाईलैंड में बौद्ध धर्म को अपनाने वाला शासक बनता है। उन्होंने भारत में बौद्ध भिक्षुओं की कमी पर चिंता जाहिर की। केपी सिंह बौद्ध एडवोकेट ने कहा कि पंचशील को अपनाना जरूरी है। दिल्ली से आए महीपाल सिंह महीप ने भिक्षु के 227 नियम अपने आप में एक कानून है। बाबा साहब ने 24 नवंबर 1949 में संविधान सभा में भाषण ही दिया तो उसी का अंश है। अध्यक्षता करते हुए भदंत बुध शरण महास्थिविर ने बौद्ध धर्म का महत्व समझाया। काफी संख्या में बौद्ध उपासकों ने दीक्षा ग्रहण की।
विज्ञापन
नगर में निकली धम्मयात्रा,बुद्ध प्रतिमा का अनावरण
फीरोजाबाद(ब्यूरो)। नगर में आयोजित दो दिवसीय भारतीय बौद्ध भिक्षु महासम्मेलन के शुभारंभ पर नगर में भव्य धम्म यात्रा निकाली गई। मार्ग में कई स्थानों पर स्वागत हुआ। रत्नपुंज बुद्ध बिहार नगला मिर्जा बड़ा पर धम्म यात्रा के समापन के साथ भिक्षु संघ ने भगवान बुद्ध का प्रतिमा का अनावरण किया। पूज्य भदंत बुद्धशरण महास्थविर के निर्देशन में धम्म यात्रा का शुभारंभ कोटला चुंगी चौराहा से प्रारंभ हुई। दखल,बोधाश्रम रोड, टापा कलां, वाईपास रोड, सैलई एवं जगजीवन राम नगर एवं सैलई वाईपास रोड होते हुए रत्नपुंज बुद्ध बिहार पर पहुंचकर समाप्त हुई। यात्रा के समापन के पश्चात बुद्ध संघ ने बुद्ध बिहार में स्थापित भगवान बौद्ध की प्रतिमा का सामूहिक रूप से अनावरण किया गया। इस दौरान आयोजिन समिति के मीत्तल प्रसाद निमेष, गजेंद्र सिंह बौद्ध एडवोकेट,हेमराज सिंह, रामवीर सिंह तारबाबू, बीडी देशमुख, प्रदीप कुमार गौतम, मुरारी लाल सभासद, डा. वीरालाल आनंद,वीरी सिंह आनंद व इं. हरीमोहन,राजवीर सिंह सिद्धार्थ पदाधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
साहित्य के लगे थे काउंटर
सम्मेलन स्थल पर बौद्ध धर्म के अनेक पाठ्य पुस्तकों के काउंटर लगाए गए थे ताकि बौद्ध उपासक वहां से पाठ्य पुस्तकों की खरीददारी कर सकें। महिलाएं, पुरुष ही नहीं बल्कि छात्र एवं छात्राएं खरीददारी कर रहीं थी।
वालियंटर संभाले हुए थे व्यवस्थाएं
बौद्ध अनुयायी युवा उपासक (वालियंटर) बौद्ध सम्मेलन की सुरक्षा व्यवस्था की कमान को संभाले हुए थे। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से क्यूआरटी की गाड़ी तैनात थी। लेकिन वहां पर आने वाले वाहनों को व्यवस्थित ढंग से खड़ा कराने तथा कार्यक्रम में आने वालों को बैठाने तक की व्यवस्थाओं का वालियंटरों ने संभाल रखी थी।