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बीटीसी छात्रों का हंगामा, अवैध वसूली की शिकायत
Amar Ujala
Updated Sat, 28 Jan 2017 01:11 AM IST
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हंगामा करते बीटीसी के प्रशिक्षु
- फोटो : Amar Ujala
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शिकोहाबाद स्थित एसआरडी कालेज और उसायनी स्थित एफएस कालेज के बीटीसी छात्रों ने शुक्रवार को स्कूल प्रबंधन पर अवैध वसूली का आरोप लगा हंगामा किया। निर्धारित फीस से अधिक फीस न देने पर मारपीट करने और धमकाने का भी आरोप लगाया। बीटीसी के छात्र डीएम से मिलने पहुंचे।
एसआरडी और एफएस कालेज का संचालन सपा एमएलसी डा. दिलीप यादव के भाई डा. दिनेश यादव करते हैं। डा. दिनेश नारखी के ब्लाक प्रमुख भी हैं। छात्र शिवकुमार, दिव्यांशी, कुमुद, रीता, नेहा यादव आदि का कहना है कि वह बीटीसी तृतीय सेमेस्टर का प्रशिक्षण ले रहे हैं। स्कूल प्रबंधक ने फीस के साथ ही कौशन मनी के रुप में मांगे। नहीं देने पर धमकाया, उनको दो दिन का अवकाश दिया जाए तो वह घर से पैसे लाकर फीस जमा कर सकते हैं। इस बात से नाराज हुए स्टाफ ने छात्र पिंटू की पिटाई कर दी। अन्य छात्रों को कालेज से निकलने नहीं दिया।
पुलिस लाइन में छात्रों से एमएलसी डा. दिलीप यादव ने भी बात की और कहा कि जो भी समस्या है उसे बैठकर बताया जाए उसका निदान किया जाएगा। मौके पर एसओ टूंडला प्रेमप्रकाश यादव ने जांच कर कार्रवाई करने की बात कहते हुए छात्र छात्राओं से घर जाने की बात कह दी। लेकिन छात्र-छात्राएं दोपहर बाद डीएम आवास पर पहुंचे और समस्या बताई। इस पर डीएम राजेश प्रकाश ने डायट प्राचार्य और नगर मजिस्ट्रेट को जांच के आदेश दिए। एफएस कालेज के छात्र अमन निवासी विधूना औरैया का आरोप था कि वह घर पर मौजूद था। तभी कालेज के कुछ लोग उसको जबरन ले जाने के लिए पहुंचे। वह भाग कर एक पड़ोसी के घर में छुप गया। जबकि प्रमोद का आरोप था कि उसको कोटला चुंगी पर पकड़ने का प्रयास किया गया। छात्र छात्राओं का आरोप था कालेज प्रबंधक एक दिन कालेज न जाने पर तीन सौ रुपये फाइन के रुप में लेते हैं। टूर के नाम पर उनसे पांच हजार लिए लेकिन उनको कहीं नहीं ले जाया गया।
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छात्र-छात्राओं ने जो भी आरोप लगाए हैं वह निराधार हैं। सभी को नवंबर में फीस का ड्राफ्ट जमा करना था। नवंबर में एक महीने का समय मांगा और दिसंबर में कह दिया कि नोटबंदी के कारण फीस इंतजाम नहीं हो पा रहा है। फीस न देनी पडे़ इसके लिए छात्र पिंटू यादव ने राजनीति की है। कालेज प्रबंधक डा. दिनेश यादव ने भी यही बताया फीस मांगने पर छात्र राजनीति कर रहे हैं।
- डा. सर्वेश कुमार, प्रधानाचार्य एसआरडी कालेज
छात्र-छात्राओं ने कालेज प्रबंध समिति पर जो आरोप लगाए हैं। इसकी जांच सिटी मजिस्ट्रेट कर रहे हैं और जांच हम अपने स्तर से भी करा रहे हैं। दोनो पक्षों को वार्ता के लिए बुलाया गया है। दोनों की वार्ता सुनकर निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे।
- राघवेंद्र वाजपेयी, डायट प्राचार्य
एसआरडी और एफएस कालेज का संचालन सपा एमएलसी डा. दिलीप यादव के भाई डा. दिनेश यादव करते हैं। डा. दिनेश नारखी के ब्लाक प्रमुख भी हैं। छात्र शिवकुमार, दिव्यांशी, कुमुद, रीता, नेहा यादव आदि का कहना है कि वह बीटीसी तृतीय सेमेस्टर का प्रशिक्षण ले रहे हैं। स्कूल प्रबंधक ने फीस के साथ ही कौशन मनी के रुप में मांगे। नहीं देने पर धमकाया, उनको दो दिन का अवकाश दिया जाए तो वह घर से पैसे लाकर फीस जमा कर सकते हैं। इस बात से नाराज हुए स्टाफ ने छात्र पिंटू की पिटाई कर दी। अन्य छात्रों को कालेज से निकलने नहीं दिया।
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पुलिस लाइन में छात्रों से एमएलसी डा. दिलीप यादव ने भी बात की और कहा कि जो भी समस्या है उसे बैठकर बताया जाए उसका निदान किया जाएगा। मौके पर एसओ टूंडला प्रेमप्रकाश यादव ने जांच कर कार्रवाई करने की बात कहते हुए छात्र छात्राओं से घर जाने की बात कह दी। लेकिन छात्र-छात्राएं दोपहर बाद डीएम आवास पर पहुंचे और समस्या बताई। इस पर डीएम राजेश प्रकाश ने डायट प्राचार्य और नगर मजिस्ट्रेट को जांच के आदेश दिए। एफएस कालेज के छात्र अमन निवासी विधूना औरैया का आरोप था कि वह घर पर मौजूद था। तभी कालेज के कुछ लोग उसको जबरन ले जाने के लिए पहुंचे। वह भाग कर एक पड़ोसी के घर में छुप गया। जबकि प्रमोद का आरोप था कि उसको कोटला चुंगी पर पकड़ने का प्रयास किया गया। छात्र छात्राओं का आरोप था कालेज प्रबंधक एक दिन कालेज न जाने पर तीन सौ रुपये फाइन के रुप में लेते हैं। टूर के नाम पर उनसे पांच हजार लिए लेकिन उनको कहीं नहीं ले जाया गया।
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छात्र-छात्राओं ने जो भी आरोप लगाए हैं वह निराधार हैं। सभी को नवंबर में फीस का ड्राफ्ट जमा करना था। नवंबर में एक महीने का समय मांगा और दिसंबर में कह दिया कि नोटबंदी के कारण फीस इंतजाम नहीं हो पा रहा है। फीस न देनी पडे़ इसके लिए छात्र पिंटू यादव ने राजनीति की है। कालेज प्रबंधक डा. दिनेश यादव ने भी यही बताया फीस मांगने पर छात्र राजनीति कर रहे हैं।
- डा. सर्वेश कुमार, प्रधानाचार्य एसआरडी कालेज
छात्र-छात्राओं ने कालेज प्रबंध समिति पर जो आरोप लगाए हैं। इसकी जांच सिटी मजिस्ट्रेट कर रहे हैं और जांच हम अपने स्तर से भी करा रहे हैं। दोनो पक्षों को वार्ता के लिए बुलाया गया है। दोनों की वार्ता सुनकर निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे।
- राघवेंद्र वाजपेयी, डायट प्राचार्य