{"_id":"5728b6a74f1c1b55305cd03c","slug":"bku-s-shout-so-should-not-warrant-a-diagnosis","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाकियू की हुंकार, अब आश्वासन नहीं निदान चाहिए ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाकियू की हुंकार, अब आश्वासन नहीं निदान चाहिए
अमर उजाला ब्यूरो फीरोजाबाद
Updated Tue, 03 May 2016 11:04 PM IST
विज्ञापन
भाकियू की हुंकार, अब आश्वासन नहीं निदान चाहिए
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फरवरी में किए गए आंदोलन के दौरान आश्वासन मिलने के बाद भी समस्याओं का निदान न होने पर भारतीय किसान यूनियन (भानु) ने मंगलवार को पुन: शासन और प्रशासन के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। इमलिया पर हजारों की संख्या में किसानों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। किसानों को मनाने पहुंचे फीरोजाबाद और एटा जिले के अधिकारियों को आंदोलित किसानों ने ज्ञापन तक नहीं दिया। अधिकारियों को बैरंग लौटा दिया। भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने कहा है अब आश्वासन नहीं समस्याओं का निदान चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी अब जब मुख्यमंत्री धरना स्थल पर आएंगे तभी किसानों का आंदोलन खत्म होगा।
भाकियू भानु के कार्यालय इमलिया पर हजारों की संख्या में किसान धरना जमा कर बैठ गए हैं। एटा और फीरोजाबाद जिले के साथ-साथ अन्य पड़ोसी जनपदों के किसान भी यहां पहुंच गए हैं। उनके ठहरने के लिये मान मंदिर वरसाना में सैकड़ों तंबूू-टेंट लगवाने के अलावा भोजन के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है। उपचार के लिए चिकित्सा कैंप भी लगाया गया है। धरना स्थल पर किसान नेताओं ने सरकार को जमकर कोसा। इस दौरान कई थानों का पुलिस फोर्स तैनात रहा।
एसडीएम जलेसर संदीप गुप्ता, क्षेत्राधिकरी पुलिस कौशलेंद्र प्रताप सिंह, विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता राजकुमार, उपखंड विद्युत अधिकारी कर्मवीर सिंह, टूंडला के एसडीएम पंकज वर्मा, तहीलदार रामौतर समेत अनेक अधिकारी धरना स्थल पर पहुुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन किसान नेता नहीं माने। अधिकारियों को ज्ञापन भी नहीं सौंपा। इसके चलते दो जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।
विज्ञापन
धरना प्रदर्शन स्थल पर भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानुप्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जब फीरोजाबाद से सांसद का चुनाव लडे़ थे, उस समय कार्यालय पर आने और किसानों का आर्शीवाद मिलने पर वे चुनाव जीते थे। किसानों ने समाजवादी पार्टी की बहुमत के साथ सरकार बनवाई। लेकिन सरकार बनने के बाद किसानों की समस्याओं के समाधान के लिये कोई प्रयास नहीं हुए। किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। लगातार आंदोलन के बाद सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। अब आश्वासन नहीं समस्याओं का समाधान चाहिए। समाधान नहीं होने तक किसान यहीं पर डटे रहेंगे। राष्ट्रीय प्रवक्ता श्यौराज सिंह ने कहा कि पिछले छह माह से जलेसर-टूंडला तहसील की नहर में पानी न आने से किसान परेशान हैं। किसान यूनियन नहर में पानी की मांग कर रही है, परंतु अधिकारी बार-बार आश्वासन देकर चले जाते हैं। प्रदेश महासचिव पिंटू त्यागी ने कहा कि बुधवार शाम पांच बजे तक समस्याओं के समाधान का ठोस हल नहीं निकला तो किसान आंदोलन को उग्र बनाने की रणनीति तैयार करेंगे। प्रमुख पदाधिकारियों ने आंदोलन की रणनीति के लिए बैठक बुलाई है। संचालन सतेंद्र सिंह जिलाध्यक्ष एटा और खुर्शीद आलम ने संयुक्त रूप से किया।
धरना स्थल पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी विक्रांत चौधरी, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष केशवदेव, बुंदेलखंड अध्यक्ष शिवनरायन परिहार, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष दुष्यंत सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र प्रसाद शास्त्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता मास्टर श्योराज सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप, राष्ट्रीय महासचिव सुनील सिंह, अवनीत पवार, प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद आदिल खान, प्रदेश प्रभारी पवन ठाकुर, प्रदेश सचिव अनुराग गुप्ता लाल बेटा, पिंटू त्यागी, गंर्धव सिंह सिसोदिया, जलदेवी, मुज्जफरनगर के जिलाध्यक्ष संजीव तोमर, राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव राजेंद्र प्रसाद शास्त्री, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह, राष्ट्रीय सचिव रामचंद्र राजपूत, प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप सिंह, प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा केशवदेव, दिल्ली के प्रदेशाध्यक्ष दुष्यंत कुमार, यमुना मुक्तिकरण के प्रभारी श्याम चतुर्वेदी मौजूद थे।
किसानों की प्रमुख मांगे
कृषि आयोग का गठन कर कृषि को उद्योग का दर्जा, 60 साल पूरी कर चुके किसान को पांच हजार रुपये प्रति माह वृद्धावस्था पेंशन, किसान एवं मजदूर का दुर्घटना बीमा 10 लाख रुपये सुनिश्चित करने, टीटी जेड क्षेत्र में 24 घंटे बिजली एवं पूरे प्रदेश में 18 घंटे बिजली आपूर्ति के अलावा किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त में बिजली देने की मांग है। गांवों की सड़कों का डामरीकरण करने की भी मांग है। नहर एवं रजवाहों में सिंचाई के लिए रोस्टर के अनुसार टेल तक पानी पहुंचाने, यूपी को गुजरात एवं बिहार की तर्ज पर शराब मुक्त प्रदेश बनाने की भी मांग उठाई गई है। किसानों के सभी प्रकार के कर्ज माफ करने, हाथरस ब्रंाच से सकरौली रजवाहे में पानी छोड़ने की मांग की गई है।
तीन फरवरी को किया था आंदोलन
भारतीय किसान यूनियन भानु ने किसानों की समस्याओं के निदान के लिए तीन फरवरी को विशाल जनसभा की थी। तब फीरोजाबाद-एटा के उच्चाधिकारियों ने उनकी सभी मांगे मानकर निस्तारित करने का आश्वासन दिया था, किंतु तीन महीने में किसानों की समस्याएं जस की तस बनी रहीं।
जब अधिकारी मंच के पीछे जाकर बैठे..
टूंडला। मंच से किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने अपने भाषण में शासन-प्रशासन के लोगों को अंग्रेजों की औलाद की संज्ञा दे दी। इस दौरान अधिकारीगण चुपचाप मंच के पीछे जाकर बैठ गए। बाद में राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह भानु के कहने पर अधिकारी मंच के सामने दीर्घा में बैठे।
विज्ञापन
भाकियू भानु के कार्यालय इमलिया पर हजारों की संख्या में किसान धरना जमा कर बैठ गए हैं। एटा और फीरोजाबाद जिले के साथ-साथ अन्य पड़ोसी जनपदों के किसान भी यहां पहुंच गए हैं। उनके ठहरने के लिये मान मंदिर वरसाना में सैकड़ों तंबूू-टेंट लगवाने के अलावा भोजन के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है। उपचार के लिए चिकित्सा कैंप भी लगाया गया है। धरना स्थल पर किसान नेताओं ने सरकार को जमकर कोसा। इस दौरान कई थानों का पुलिस फोर्स तैनात रहा।
विज्ञापन
एसडीएम जलेसर संदीप गुप्ता, क्षेत्राधिकरी पुलिस कौशलेंद्र प्रताप सिंह, विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता राजकुमार, उपखंड विद्युत अधिकारी कर्मवीर सिंह, टूंडला के एसडीएम पंकज वर्मा, तहीलदार रामौतर समेत अनेक अधिकारी धरना स्थल पर पहुुंचे। उन्होंने किसानों को समझाने का हर संभव प्रयास किया, लेकिन किसान नेता नहीं माने। अधिकारियों को ज्ञापन भी नहीं सौंपा। इसके चलते दो जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को बैरंग लौटना पड़ा।
विज्ञापन
धरना प्रदर्शन स्थल पर भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानुप्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जब फीरोजाबाद से सांसद का चुनाव लडे़ थे, उस समय कार्यालय पर आने और किसानों का आर्शीवाद मिलने पर वे चुनाव जीते थे। किसानों ने समाजवादी पार्टी की बहुमत के साथ सरकार बनवाई। लेकिन सरकार बनने के बाद किसानों की समस्याओं के समाधान के लिये कोई प्रयास नहीं हुए। किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। लगातार आंदोलन के बाद सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। अब आश्वासन नहीं समस्याओं का समाधान चाहिए। समाधान नहीं होने तक किसान यहीं पर डटे रहेंगे। राष्ट्रीय प्रवक्ता श्यौराज सिंह ने कहा कि पिछले छह माह से जलेसर-टूंडला तहसील की नहर में पानी न आने से किसान परेशान हैं। किसान यूनियन नहर में पानी की मांग कर रही है, परंतु अधिकारी बार-बार आश्वासन देकर चले जाते हैं। प्रदेश महासचिव पिंटू त्यागी ने कहा कि बुधवार शाम पांच बजे तक समस्याओं के समाधान का ठोस हल नहीं निकला तो किसान आंदोलन को उग्र बनाने की रणनीति तैयार करेंगे। प्रमुख पदाधिकारियों ने आंदोलन की रणनीति के लिए बैठक बुलाई है। संचालन सतेंद्र सिंह जिलाध्यक्ष एटा और खुर्शीद आलम ने संयुक्त रूप से किया।
धरना स्थल पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी विक्रांत चौधरी, हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष केशवदेव, बुंदेलखंड अध्यक्ष शिवनरायन परिहार, दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष दुष्यंत सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र प्रसाद शास्त्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता मास्टर श्योराज सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप, राष्ट्रीय महासचिव सुनील सिंह, अवनीत पवार, प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद आदिल खान, प्रदेश प्रभारी पवन ठाकुर, प्रदेश सचिव अनुराग गुप्ता लाल बेटा, पिंटू त्यागी, गंर्धव सिंह सिसोदिया, जलदेवी, मुज्जफरनगर के जिलाध्यक्ष संजीव तोमर, राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव राजेंद्र प्रसाद शास्त्री, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह, राष्ट्रीय सचिव रामचंद्र राजपूत, प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप सिंह, प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा केशवदेव, दिल्ली के प्रदेशाध्यक्ष दुष्यंत कुमार, यमुना मुक्तिकरण के प्रभारी श्याम चतुर्वेदी मौजूद थे।
किसानों की प्रमुख मांगे
कृषि आयोग का गठन कर कृषि को उद्योग का दर्जा, 60 साल पूरी कर चुके किसान को पांच हजार रुपये प्रति माह वृद्धावस्था पेंशन, किसान एवं मजदूर का दुर्घटना बीमा 10 लाख रुपये सुनिश्चित करने, टीटी जेड क्षेत्र में 24 घंटे बिजली एवं पूरे प्रदेश में 18 घंटे बिजली आपूर्ति के अलावा किसानों को सिंचाई के लिए मुफ्त में बिजली देने की मांग है। गांवों की सड़कों का डामरीकरण करने की भी मांग है। नहर एवं रजवाहों में सिंचाई के लिए रोस्टर के अनुसार टेल तक पानी पहुंचाने, यूपी को गुजरात एवं बिहार की तर्ज पर शराब मुक्त प्रदेश बनाने की भी मांग उठाई गई है। किसानों के सभी प्रकार के कर्ज माफ करने, हाथरस ब्रंाच से सकरौली रजवाहे में पानी छोड़ने की मांग की गई है।
तीन फरवरी को किया था आंदोलन
भारतीय किसान यूनियन भानु ने किसानों की समस्याओं के निदान के लिए तीन फरवरी को विशाल जनसभा की थी। तब फीरोजाबाद-एटा के उच्चाधिकारियों ने उनकी सभी मांगे मानकर निस्तारित करने का आश्वासन दिया था, किंतु तीन महीने में किसानों की समस्याएं जस की तस बनी रहीं।
जब अधिकारी मंच के पीछे जाकर बैठे..
टूंडला। मंच से किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने अपने भाषण में शासन-प्रशासन के लोगों को अंग्रेजों की औलाद की संज्ञा दे दी। इस दौरान अधिकारीगण चुपचाप मंच के पीछे जाकर बैठ गए। बाद में राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह भानु के कहने पर अधिकारी मंच के सामने दीर्घा में बैठे।