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पंचकल्याणक में शामिल होने पर 18 वर्ष की पूजा का लाभ : वसुनंदी
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Sat, 13 May 2017 11:06 PM IST
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पंचकल्याणक महोत्सव में मौजूद महिला श्रद्धालु।
पंचकल्याणक महोत्सव में मात्र छह दिन की पूजा-अर्चना करने से 18 वर्ष तक पूजा करने का लाभ मिलता है। यह प्रवचन श्री मज्जिनेन्द्र पंचकल्याणक महोत्सव के दौरान जैनमुनि वसुनंदी महाराज ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि सभी को सबकुछ नहीं मिलता। मनुष्य का जीवन बहुत चंचल है। आत्मा के कल्याण्ण के लिए धर्म के मार्ग को अपनाना होगा। समझ, सामर्थ्य, सामग्री और समय महानुभावों को प्राप्प्त होती है। जिसको ये चारों एक साथ मिल गईं, उसका कल्याण निश्वित है। इससे पूर्व सुबह बेला में जैन मुनि वसुनंदी महाराज के सानिध्य में भगवान आदिन्नाथ दिगंबर जैन मंदिर से घटयात्रा निकाली गयी। घटयात्रा सुभाष चौराहा होते हुए शांतिनाथ मंदिर पहुंची वहां से पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई। इसके उपरांत इंन्द्र और इंद्राणियों द्वारा पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर जैन समाज के लोग मौजूद रहे।
फोटो-घ्टूंडला में घटयात्र्त्रा में शामिल इंद्राण्णियां, प्रवचन करते जैन मुनि वसुनंदी और कार्यक्रम में मौजूद जैन समाज के महिला व पुरुष।
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उन्होंने कहा कि सभी को सबकुछ नहीं मिलता। मनुष्य का जीवन बहुत चंचल है। आत्मा के कल्याण्ण के लिए धर्म के मार्ग को अपनाना होगा। समझ, सामर्थ्य, सामग्री और समय महानुभावों को प्राप्प्त होती है। जिसको ये चारों एक साथ मिल गईं, उसका कल्याण निश्वित है। इससे पूर्व सुबह बेला में जैन मुनि वसुनंदी महाराज के सानिध्य में भगवान आदिन्नाथ दिगंबर जैन मंदिर से घटयात्रा निकाली गयी। घटयात्रा सुभाष चौराहा होते हुए शांतिनाथ मंदिर पहुंची वहां से पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर पर पहुंचकर संपन्न हुई। इसके उपरांत इंन्द्र और इंद्राणियों द्वारा पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर जैन समाज के लोग मौजूद रहे।
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फोटो-घ्टूंडला में घटयात्र्त्रा में शामिल इंद्राण्णियां, प्रवचन करते जैन मुनि वसुनंदी और कार्यक्रम में मौजूद जैन समाज के महिला व पुरुष।