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बिना वीजा के रह रहा पाकिस्तानी युवक दबोचा
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 05 Feb 2016 07:50 PM IST
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पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बाद पुलिस और खुफिया विभाग सक्रिय है। टीम ने बिना वीजा के सुहागनगरी में कई दिनों से रह रहे युवक को दबोच लिया। उसके पास से उसकी दो बेटियों और बहन का वीजा कार्ड बरामद हुआ है। वह वर्ष 2015 के माह नवंबर की दस तारीख को एक माह के वीजा पर आया था। उसे जेल भेज दिया है।
मूलरूप से पाकिस्तान के कराची के थाना सौदाबाद के मोहल्ला मलीन कालावोर का रहने वाला इरशाद खां (28) पुत्र अब्दुल लतीफ दस नवंबर 2015 को एक माह के वीजा पर अपनी रिश्तेदारी में फीरोजाबाद आया था। नौ दिसंबर को वीजा समाप्त होने पर खुफिया विभाग ने कागजी कार्रवाई को पूरा कर उसे पाकिस्तान के लिए रवाना कर दिया लेकिन इरशाद जिले में ही एक रिश्तेदारी में छुपकर रहने लगा। इरशाद के पाकिस्तान वापस न जाने की जानकारी खुफिया विभाग के अधिकारियों को मुख्यालय से मिली तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। गुरुवार रात खुफिया विभाग के अधिकारियों ने इरशाद को रसूलपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला शीतल खां से गिरफ्तार कर लिया और उसको थाना रसूलपुर ले गए। वहां पुलिस और आईबी के अधिकारियों ने इरशाद से पूछताछ की। एलआईयू प्रभारी सुरेश पाल सिंह तोमर ने बताया कि आरोपी इरशाद के पास से उसकी दो बेटी हानिया और मुस्कान के साथ बहन शबाना का वीजा बरामद किया गया है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है। इसके बाद उसको पाकिस्तान भेजा जाएगा।
मां की चाहत ले आई अपने वतन...
रसूलपुर के शीतल खां क्षेत्र में लिया था इरशाद ने जन्म, बाद में कराची की युवती से किया था निकाह
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। मां की याद इरशाद को अपने वतन खींच लाई। खुफिया विभाग के अधिकारियों की माने तो पाकिस्तानी नागरिक इरशाद मूलरूप से फीरोजाबाद का रहने वाला है। उसका जन्म रसूलपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला शीलत खां निवासी अब्दुल लतीफ के परिवार में हुआ था। अब्दुल लतीफ की मौत हो चुकी है। इरशाद तीन भाइयों में सबसे छोटा है। मां बेबी अनवर, भाई शकील, अनवार, बहन शबाना हैं। बेबी अनवर ने अपनी बेटी शबाना का निकाह पाकिस्तान के कराची शहर में रहने वाले अपने रिश्तेदार के बेटे आसिफ के साथ किया था।
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खुफिया विभाग के अधिकारियों की माने तो दस वर्ष पूर्व इरशाद अपने दोनों भाइयों और मां को छोड़कर बहन शबाना के पास पाकिस्तान चला गया। वहां उसने पाकिस्तान की नागरिकता ले ली। वर्ष 2012 में कराची में निवास करने वाले इकबाल की पुत्री फैय्याजा के साथ निकाह किया। उसकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी मुस्कान (तीन) तथा छोटी बेटी हानिया (दो वर्ष) की हैं। पान की दुकान पर काम कर परिवार का जीवन यापन कर रहा था। बताते हैं कि पत्नी फैय्याज बेटियों को इरशाद के पास छोड़कर पिता के पास रहने लगी थी। पत्नी के छोड़कर जाने पर उसने फीरोजाबाद आने का मन बनाया और दोनों बेटियों के साथ बहन का वीजा बनवा लिया लेकिन बाद में खुद अकेला आ गया। इरशाद के बड़े भाई शकील की मौत के बाद उसकी मां अपने छोटे बेटे अनवार के साथ गाजियाबाद में रह रही है।
पड़ोसी के पते पर बनवाया था वीजा
खुफिया विभाग के अधिकारियों की माने तो इरशाद ने वीजा अपने शीतल खां निवासी पड़ोसी के पते पर बनवाया था, जबकि उसकी रिश्तेदारी रामगढ़ थाना क्षेत्र के कोहिनूर रोड पर है। इरशाद के फीरोजाबाद आने पर उसकी मां भी उससे मिलने के लिए आई थी। इरशाद भी गाजियाबाद गया था।
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मूलरूप से पाकिस्तान के कराची के थाना सौदाबाद के मोहल्ला मलीन कालावोर का रहने वाला इरशाद खां (28) पुत्र अब्दुल लतीफ दस नवंबर 2015 को एक माह के वीजा पर अपनी रिश्तेदारी में फीरोजाबाद आया था। नौ दिसंबर को वीजा समाप्त होने पर खुफिया विभाग ने कागजी कार्रवाई को पूरा कर उसे पाकिस्तान के लिए रवाना कर दिया लेकिन इरशाद जिले में ही एक रिश्तेदारी में छुपकर रहने लगा। इरशाद के पाकिस्तान वापस न जाने की जानकारी खुफिया विभाग के अधिकारियों को मुख्यालय से मिली तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। गुरुवार रात खुफिया विभाग के अधिकारियों ने इरशाद को रसूलपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला शीतल खां से गिरफ्तार कर लिया और उसको थाना रसूलपुर ले गए। वहां पुलिस और आईबी के अधिकारियों ने इरशाद से पूछताछ की। एलआईयू प्रभारी सुरेश पाल सिंह तोमर ने बताया कि आरोपी इरशाद के पास से उसकी दो बेटी हानिया और मुस्कान के साथ बहन शबाना का वीजा बरामद किया गया है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया है। इसके बाद उसको पाकिस्तान भेजा जाएगा।
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मां की चाहत ले आई अपने वतन...
रसूलपुर के शीतल खां क्षेत्र में लिया था इरशाद ने जन्म, बाद में कराची की युवती से किया था निकाह
अमर उजाला ब्यूरो
फीरोजाबाद। मां की याद इरशाद को अपने वतन खींच लाई। खुफिया विभाग के अधिकारियों की माने तो पाकिस्तानी नागरिक इरशाद मूलरूप से फीरोजाबाद का रहने वाला है। उसका जन्म रसूलपुर थाना क्षेत्र के मोहल्ला शीलत खां निवासी अब्दुल लतीफ के परिवार में हुआ था। अब्दुल लतीफ की मौत हो चुकी है। इरशाद तीन भाइयों में सबसे छोटा है। मां बेबी अनवर, भाई शकील, अनवार, बहन शबाना हैं। बेबी अनवर ने अपनी बेटी शबाना का निकाह पाकिस्तान के कराची शहर में रहने वाले अपने रिश्तेदार के बेटे आसिफ के साथ किया था।
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खुफिया विभाग के अधिकारियों की माने तो दस वर्ष पूर्व इरशाद अपने दोनों भाइयों और मां को छोड़कर बहन शबाना के पास पाकिस्तान चला गया। वहां उसने पाकिस्तान की नागरिकता ले ली। वर्ष 2012 में कराची में निवास करने वाले इकबाल की पुत्री फैय्याजा के साथ निकाह किया। उसकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी मुस्कान (तीन) तथा छोटी बेटी हानिया (दो वर्ष) की हैं। पान की दुकान पर काम कर परिवार का जीवन यापन कर रहा था। बताते हैं कि पत्नी फैय्याज बेटियों को इरशाद के पास छोड़कर पिता के पास रहने लगी थी। पत्नी के छोड़कर जाने पर उसने फीरोजाबाद आने का मन बनाया और दोनों बेटियों के साथ बहन का वीजा बनवा लिया लेकिन बाद में खुद अकेला आ गया। इरशाद के बड़े भाई शकील की मौत के बाद उसकी मां अपने छोटे बेटे अनवार के साथ गाजियाबाद में रह रही है।
पड़ोसी के पते पर बनवाया था वीजा
खुफिया विभाग के अधिकारियों की माने तो इरशाद ने वीजा अपने शीतल खां निवासी पड़ोसी के पते पर बनवाया था, जबकि उसकी रिश्तेदारी रामगढ़ थाना क्षेत्र के कोहिनूर रोड पर है। इरशाद के फीरोजाबाद आने पर उसकी मां भी उससे मिलने के लिए आई थी। इरशाद भी गाजियाबाद गया था।