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शासनादेश की पैरवी को श्रम विभाग ने हाईकोर्ट में डाला डेरा
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फिरोजाबाद। छह मई को जारी जुड़ाई श्रमिकों के मेहनताना बढ़ाने संबंधी शासनादेश के बचाव को जिला श्रम विभाग जुट गया है। प्रदेश सरकार की ओर से याचिका की पैरवी कर रहे स्थायी अधिवक्ता के सहयोग के लिए स्थानीय एएलसी कार्यालय में तैनात श्रम अधिकारियों ने भी उच्च न्यायालय में डेरा डाल दिया है। याचिका पर दो अगस्त को सुनवाई होनी है।
प्रदेश सरकार द्वारा कांच चूड़ी उद्योग में संलग्न जुड़ाई श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए गत छह मई 2021 को शासनादेश जारी किया। शासनादेश के अनुसार जुड़ाई श्रमिकों को अब प्रति सैकड़ा तोड़ा जुड़ाई पर तीन हजार रुपये का अर्जित मेहनताना का भुगतान सेवायोजकों को करना होगा। छह मई को जारी शासनादेश के खिलाफ सेवायोजकों व अन्य द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर की हैं। उक्त याचिकाओं पर दो अगस्त 2021 को सुनवाई होनी है। जानकारी के अनुसार छह मई को जारी गजट को यथावत रखने के लिए प्रदेश शासन के स्थायी अधिवक्ता व स्थानीय श्रम विभाग के अधिकारी अपना पक्ष रख रहे हैं। सहायक श्रमायुक्त के निर्देश पर श्रम प्रवर्तन अधिकारियों की एक टीम बाकायदा कई तथ्यों के साथ उच्च न्यायालय में अपनी बात रख रही है।
शासनादेश के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के संबंध में प्रदेश के स्थायी अधिवक्ता पूरी मजबूती से सरकार का पक्ष रख रहे हैं। हमने भी अपना जवाब दाखिल कर दिया है। श्रमिक हित में जारी शासनादेश को यथावत रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
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अरुण कुमार सिंह, सहायक श्रमायुक्त, फिरोजाबाद
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प्रदेश सरकार द्वारा कांच चूड़ी उद्योग में संलग्न जुड़ाई श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए गत छह मई 2021 को शासनादेश जारी किया। शासनादेश के अनुसार जुड़ाई श्रमिकों को अब प्रति सैकड़ा तोड़ा जुड़ाई पर तीन हजार रुपये का अर्जित मेहनताना का भुगतान सेवायोजकों को करना होगा। छह मई को जारी शासनादेश के खिलाफ सेवायोजकों व अन्य द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर की हैं। उक्त याचिकाओं पर दो अगस्त 2021 को सुनवाई होनी है। जानकारी के अनुसार छह मई को जारी गजट को यथावत रखने के लिए प्रदेश शासन के स्थायी अधिवक्ता व स्थानीय श्रम विभाग के अधिकारी अपना पक्ष रख रहे हैं। सहायक श्रमायुक्त के निर्देश पर श्रम प्रवर्तन अधिकारियों की एक टीम बाकायदा कई तथ्यों के साथ उच्च न्यायालय में अपनी बात रख रही है।
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शासनादेश के खिलाफ हाईकोर्ट में दाखिल याचिका के संबंध में प्रदेश के स्थायी अधिवक्ता पूरी मजबूती से सरकार का पक्ष रख रहे हैं। हमने भी अपना जवाब दाखिल कर दिया है। श्रमिक हित में जारी शासनादेश को यथावत रखने के लिए प्रयास कर रहे हैं।
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अरुण कुमार सिंह, सहायक श्रमायुक्त, फिरोजाबाद