{"_id":"624b3d90cb28a6118851683e","slug":"bangle-firozabad-news-agr5292294145","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवरात्र और रमजान में चूड़ी कारोबार ने पकड़ी रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवरात्र और रमजान में चूड़ी कारोबार ने पकड़ी रफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नवरात्र और रमजान में चूड़ी कारोबार ने पकड़ी रफ्तार
- घरेलू बाजारों में डिमांड बढ़ने से उत्साहित हैं चूड़ी कारखानेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। नवरात्र, रमजान और ईद के मद्देनजर फिरोजाबाद के परंपरागत चूड़ी उद्योग जगत में कारोबारी गतिविधियां रफ्तार पकड़ रहीं है। चूड़ी कारखानेदारों व कारोबारियों की माने तो सुहागनगरी के अधिकांश चूड़ी कारखानों में काम सुचारु रूप से हो रहा है। जिन कारखानों में अभी काम शुरू नहीं हुआ है। उनमें भी इस सप्ताहांत तक काम लगने की पूरी संभावना है।
होली से पूर्व बंद हुए शहर के अलावा राजा का ताल,मक्खनपुर के अलावा मोढा-कनेंटा आदि जगहों पर संचालित कांच चूड़ी कारखानों में उत्पादन का पहिया अब रफ्तार पकड़ रहा है। नवरात्र की के मद्देनजर अधिकांश कारखानों में कामकाज होते दिखने लगा है। चूड़ी कारखानेदारों और कारोबारियों की माने तो फिलहाल करीब 70 से 80 कारखानों में चूड़ी की खनक सुनाईं देने लगी है। इसका प्रमुख कारण नवरात्र और ईद के कारण बाजारों में चूड़ी ग्राहकों की आवाजाही तेज होने के साथ ही मांग भी बढ़ने लगी है। घरेलू बाजार और पड़ोसी देेश नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान से भी सुहागनगरी में निर्मित चूड़ी की डिमांड आने लगी है।
चूड़ी की डिमांड पर नहीं दिख रहा महंगाई का असर
कारोबारियों की माने तो प्रति तोड़ा चूड़ी की रेट बढ़ने के कारण शुरू में बाजार से डिमांड निकलने को लेकर अंदेशा था। हालांकि नवरात्र व ईद शुरू होते ही उक्त अंदेशा को विराम लग गया। घरेलू बाजारों व पूर्वी उत्तर प्रदेश से सादा व कटिंग वाली चूड़ी के आर्डर मिलने लगे हैं।
विज्ञापन
होली के बाद से नेचुरल गैस मंहगी होने एवं कच्चे माल की कीमतों में इजाफा के कारण कारखानों में काम नहीं लग पा रहा था। अब स्थिति साफ हो गई है। खुदरा व्यापारियों का भी सहयोग मिल रहा है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह के अंत तक लगभग 100 से अधिक चूड़ी कारखानों में कामकाज सुचारू हो जाएगा।
- बिन्नी मितल, अध्यक्ष, द इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव सोसायटी
हमें उम्मीद है कि चैत्र नवरात्र और रमजान व ईद के कारण रफ्तार पकड़ रहे चूड़ी कारोबार में अभी और तेजी आयेगी। हम आने वाले दो-तीन माह में 300 से 400 करोड़ रुपये तक चूड़ी कारोबार बढ़ने की उम्मीद पर काम कर रहे हैं। खास बात है कि पड़ोसी देशों से डिमांड और घरेलू बाजारों में चूड़ी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ रही है।
- संजय जैन घंटू, कांच चूड़ी कारखानेदार
विज्ञापन
- घरेलू बाजारों में डिमांड बढ़ने से उत्साहित हैं चूड़ी कारखानेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। नवरात्र, रमजान और ईद के मद्देनजर फिरोजाबाद के परंपरागत चूड़ी उद्योग जगत में कारोबारी गतिविधियां रफ्तार पकड़ रहीं है। चूड़ी कारखानेदारों व कारोबारियों की माने तो सुहागनगरी के अधिकांश चूड़ी कारखानों में काम सुचारु रूप से हो रहा है। जिन कारखानों में अभी काम शुरू नहीं हुआ है। उनमें भी इस सप्ताहांत तक काम लगने की पूरी संभावना है।
होली से पूर्व बंद हुए शहर के अलावा राजा का ताल,मक्खनपुर के अलावा मोढा-कनेंटा आदि जगहों पर संचालित कांच चूड़ी कारखानों में उत्पादन का पहिया अब रफ्तार पकड़ रहा है। नवरात्र की के मद्देनजर अधिकांश कारखानों में कामकाज होते दिखने लगा है। चूड़ी कारखानेदारों और कारोबारियों की माने तो फिलहाल करीब 70 से 80 कारखानों में चूड़ी की खनक सुनाईं देने लगी है। इसका प्रमुख कारण नवरात्र और ईद के कारण बाजारों में चूड़ी ग्राहकों की आवाजाही तेज होने के साथ ही मांग भी बढ़ने लगी है। घरेलू बाजार और पड़ोसी देेश नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान से भी सुहागनगरी में निर्मित चूड़ी की डिमांड आने लगी है।
विज्ञापन
चूड़ी की डिमांड पर नहीं दिख रहा महंगाई का असर
कारोबारियों की माने तो प्रति तोड़ा चूड़ी की रेट बढ़ने के कारण शुरू में बाजार से डिमांड निकलने को लेकर अंदेशा था। हालांकि नवरात्र व ईद शुरू होते ही उक्त अंदेशा को विराम लग गया। घरेलू बाजारों व पूर्वी उत्तर प्रदेश से सादा व कटिंग वाली चूड़ी के आर्डर मिलने लगे हैं।
विज्ञापन
होली के बाद से नेचुरल गैस मंहगी होने एवं कच्चे माल की कीमतों में इजाफा के कारण कारखानों में काम नहीं लग पा रहा था। अब स्थिति साफ हो गई है। खुदरा व्यापारियों का भी सहयोग मिल रहा है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह के अंत तक लगभग 100 से अधिक चूड़ी कारखानों में कामकाज सुचारू हो जाएगा।
- बिन्नी मितल, अध्यक्ष, द इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव सोसायटी
हमें उम्मीद है कि चैत्र नवरात्र और रमजान व ईद के कारण रफ्तार पकड़ रहे चूड़ी कारोबार में अभी और तेजी आयेगी। हम आने वाले दो-तीन माह में 300 से 400 करोड़ रुपये तक चूड़ी कारोबार बढ़ने की उम्मीद पर काम कर रहे हैं। खास बात है कि पड़ोसी देशों से डिमांड और घरेलू बाजारों में चूड़ी ग्राहकों की आवाजाही बढ़ रही है।
- संजय जैन घंटू, कांच चूड़ी कारखानेदार