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एक अप्रैल से बढ़ सकते हैं 30 फीसदी तक चूड़ी के दाम
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एक अप्रैल से प्रति तोड़ा 30 फीसदी तक बढ़ सकते हैं चूड़ी के मूल्य
- केमिकल और कच्चे माल की रेट में इजाफा से पॉट फर्नेश और ब्लोइंग चूड़ी की लागत भी बढ़ी
- गैस मंत्रालय द्वारा एक अप्रैल से नेचुरल गैस की दर संशोधन संबंधी निर्णय पर चूड़ी इंडस्ट्रीज की नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। एक अप्रैल से कारखानों में तैयार होने वाली पॉट फर्नेश और ब्लोइंग चूड़ी में प्रति तोड़ा (288 चूड़ी) 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की संभावना है। केमिकल और कच्चे माल की दरों में इजाफे के चलते ऐसा होना माना जा रहा है। चूड़ी इंडस्ट्रीज से जुडे़ प्रमुख कारखानेदारों व पदाधिकारियों के अनुसार एक अप्रैल से लागू होने वाली नेचुरल गैस के दरों के अनुसार, पॉट फर्नेस और ब्लोइंग चूड़ी के दाम निर्धारित किये जायेंगे।
रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण विदेशों से सोडा-एस,सुहागा और सिलिका-एस का आयात ठप है। वहीं चूड़ी इंडस्ट्रीज में प्रयोग किया जाने वाला कैडियम, कोबाल्ट, जिंक और पर्ल के दामों में भी दो माह से भारी उछाल आया है। इसका सीधा असर कांच चूड़ा कारखानों में तैयार होने वाली पॉट फर्नेस और ब्लोइंग चूडी की लागत पर भी पड़ा है। चूड़ी कारखानेदारों की मानें तो वर्तमान में केमिकल और कच्चे माल की दरों के सापेक्ष प्रति तोड़ा चूड़ी की लागत में करीब 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। चूड़ी इंडस्ट्रीज से जुड़े प्रमुख कारखानेदारों के अनुसार आने वाली एक अप्रैल से नेचुरल गैस के दाम भी बढ़ना तय है। ऐसे में पॉट फर्नेस और ब्लोइंग चूड़ी की वर्तमान दरों में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की संभावना है।
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चूड़ी इंडस्ट्रीज पर एक नजर
- फिरोजाबाद,मक्खनपुर,राजा का ताल में संचालित कुल चूड़ी इकाइयां-120
-चूड़ी इंडस्ट्रीज से अप्रत्यक्ष अथवा प्रत्यक्ष रूप से जुडे़ कुल कामगारों की संख्या-2.5 लाख
-कांच चूड़ी इंडस्ट्रीज में तैयार होतीं हैं सफेद रिंग,रेशम, रंगीन फैंसी के अलावा पॉट फर्नेश और ब्लोइंग चूड़ी
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कारखानेदार बोले
केमिकल और कच्चे माल की दरें तीन माह में बेतहाशा बढ़ी हैं। इससे पॉट फर्नेस और ब्लोइंग चूड़ी की लागत में प्रति तोड़ा 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। साथी कारखानेदारों से वार्ता की जा रही है। संभवत: एक अप्रैल से ही प्रति तोडा चूड़ी के दामों में इजाफा होगा।
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- बिन्नी मित्तल अध्यक्ष द इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव सोसायटी
..
-फिलहाल की स्थिति में चूड़ी उत्पादन की लागत और डिमांड में काफी बड़ा अंतर है। निश्चित रूप से वर्तमान स्थिति में चूड़ी कारखानेदारों को नुकसान हो रहा है। हम एक अप्रैल तक नेचुरल गैस की दर निर्धारण का इंतजार करेंगे। नेचुरल गैस की कीमत जिस अनुपात में बढ़ेगी उसी के हिसाब से प्रति तोड़ा चूड़ी की दर निर्धारण का निर्णय लेंगे।
- हनुमान प्रसाद गर्ग अध्यक्ष द ग्लास सिंडिकेट
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- केमिकल और कच्चे माल की रेट में इजाफा से पॉट फर्नेश और ब्लोइंग चूड़ी की लागत भी बढ़ी
- गैस मंत्रालय द्वारा एक अप्रैल से नेचुरल गैस की दर संशोधन संबंधी निर्णय पर चूड़ी इंडस्ट्रीज की नजर
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। एक अप्रैल से कारखानों में तैयार होने वाली पॉट फर्नेश और ब्लोइंग चूड़ी में प्रति तोड़ा (288 चूड़ी) 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की संभावना है। केमिकल और कच्चे माल की दरों में इजाफे के चलते ऐसा होना माना जा रहा है। चूड़ी इंडस्ट्रीज से जुडे़ प्रमुख कारखानेदारों व पदाधिकारियों के अनुसार एक अप्रैल से लागू होने वाली नेचुरल गैस के दरों के अनुसार, पॉट फर्नेस और ब्लोइंग चूड़ी के दाम निर्धारित किये जायेंगे।
रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण विदेशों से सोडा-एस,सुहागा और सिलिका-एस का आयात ठप है। वहीं चूड़ी इंडस्ट्रीज में प्रयोग किया जाने वाला कैडियम, कोबाल्ट, जिंक और पर्ल के दामों में भी दो माह से भारी उछाल आया है। इसका सीधा असर कांच चूड़ा कारखानों में तैयार होने वाली पॉट फर्नेस और ब्लोइंग चूडी की लागत पर भी पड़ा है। चूड़ी कारखानेदारों की मानें तो वर्तमान में केमिकल और कच्चे माल की दरों के सापेक्ष प्रति तोड़ा चूड़ी की लागत में करीब 25 से 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। चूड़ी इंडस्ट्रीज से जुड़े प्रमुख कारखानेदारों के अनुसार आने वाली एक अप्रैल से नेचुरल गैस के दाम भी बढ़ना तय है। ऐसे में पॉट फर्नेस और ब्लोइंग चूड़ी की वर्तमान दरों में करीब 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी की संभावना है।
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चूड़ी इंडस्ट्रीज पर एक नजर
- फिरोजाबाद,मक्खनपुर,राजा का ताल में संचालित कुल चूड़ी इकाइयां-120
-चूड़ी इंडस्ट्रीज से अप्रत्यक्ष अथवा प्रत्यक्ष रूप से जुडे़ कुल कामगारों की संख्या-2.5 लाख
-कांच चूड़ी इंडस्ट्रीज में तैयार होतीं हैं सफेद रिंग,रेशम, रंगीन फैंसी के अलावा पॉट फर्नेश और ब्लोइंग चूड़ी
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कारखानेदार बोले
केमिकल और कच्चे माल की दरें तीन माह में बेतहाशा बढ़ी हैं। इससे पॉट फर्नेस और ब्लोइंग चूड़ी की लागत में प्रति तोड़ा 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। साथी कारखानेदारों से वार्ता की जा रही है। संभवत: एक अप्रैल से ही प्रति तोडा चूड़ी के दामों में इजाफा होगा।
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- बिन्नी मित्तल अध्यक्ष द इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव सोसायटी
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-फिलहाल की स्थिति में चूड़ी उत्पादन की लागत और डिमांड में काफी बड़ा अंतर है। निश्चित रूप से वर्तमान स्थिति में चूड़ी कारखानेदारों को नुकसान हो रहा है। हम एक अप्रैल तक नेचुरल गैस की दर निर्धारण का इंतजार करेंगे। नेचुरल गैस की कीमत जिस अनुपात में बढ़ेगी उसी के हिसाब से प्रति तोड़ा चूड़ी की दर निर्धारण का निर्णय लेंगे।
- हनुमान प्रसाद गर्ग अध्यक्ष द ग्लास सिंडिकेट