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एक बजे ही चेंबर छोड़ कर चले गए डाक्टर
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Tue, 25 Apr 2017 10:59 PM IST
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जिला अस्पताल में खाली पड़ा चिकित्सक कक्ष।
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शासन के निर्देश के बाद भी जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रहीं हैं। यहां डाक्टर और अन्य स्टाफ निर्धारित समय से पूर्व ही सीट छोड़ कर चले जाते हैं। ओपीडी का समय दोपहर दो बजे तक का है लेकिन चिकित्सक एक बजे ही उठ जाते हैं। अमर उजाला की टीम ने दोपहर एक बजे से दो बजे तक की स्थिति को देखा तो कई स्टाफ गायब मिला। वहीं इस दौरान मरीज भटकते मिले। उन्हें यह तक बताने वाला भी कोई नहीं था कि डाक्टर कब आएंगे...। उधर, भले ही मरीज भटकते रहें लेकिन ठीक दो बजे अस्पताल की ओपीडी का मेन गेट बंद हो जाता है।
समय दोपहर 1.10 बजे
हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष
यहां डा. शशी कुमार की तैनाती है। कक्ष में चिकित्सक न होने पर बुजुर्ग महिला चंपादेवी भटकती रहीं। बाद में थक कर डाक्टर के कक्ष में ही जमीन पर सो गईं। चंपादेवी ने बताया कि वह 12 बजे से आई है लेकिन डाक्टर नहीं हैं। कब आएंगे, कोई जेऊ न बताए रयो।
दोपहर 1.25 बजे।
ड्रेसिंग एवं इंजेक्शन कक्ष
यहां कोई स्टाफ मौजूद नहीं था जबकि यहां एक संविदाकर्मी की तैनाती है। इंजेक्शन एवं ड्रेसिंग कराने के लिए मरीजों को भटकना पड़ा। कई मरीज तो इंतजार देखकर लौट गए।
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दोपहर 1.32 बजे।
एनसीडी क्लीनिक
यह खाली पड़ा हुआ था। यहां चिकित्सक डा. राजीव अग्रवाल, डा. अजय अग्रवाल, काउंसलर डा. कंचन जैन समय से पहले उठ गए थे। अक्सर यहां चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ नदारद रहता है। मगर अस्पताल प्रशासन का कोई ध्यान नहीं।
दोपहर 1.40 बजे
शल्य चिकित्सक कक्ष
यहां डा. पीके गुप्ता, डा. जेएल गुप्ता और डा. राजवीर की तैनाती है। फिर भी ओपीडी समय में कमरा खाली था। चिकित्सक को दिखाने आए अंजली, राजकुमारी, अंजू अग्रवाल, राजीव इंतजार करते दिखे। पूछने पर मरीजों ने बताया कि डाक्टर का दोपहर एक बजे से इंतजार कर रहे हैं। मगर कमरा खाली पड़ा हुआ है।
दोपहर 1.45 बजे।
काय चिकित्सक कक्ष
यहां डा. मनोज कुमार, डा. संजय सिंह, डा. विष्णु रावत की तैनाती है। मगर दोपहर ओपीडी कक्ष में कोई मौजूद नहीं था। चिकित्सक का इंतजार करते हुए मरीज अंजुमन बेगम इंतजार करते-करते सोने लगीं। बबिता, प्रेमवती, सोमादेवी ने बताया कि एक बजे आ गए थे। मगर डाक्टर है ही नहीं, अब लौट के जा रए हैं।
कुछ चिकित्सक समय पर रहते हैं
हृदय रोग विशेषज्ञ डा. आरके पांडेय और बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में कोई मरीज नहीं था। मगर दोनों ही चिकित्सक दोपहर दो बजे तक मरीजों के आने का इंतजार करते दिखे।
ताले लगे थे, फ्लैश पड़ते ही खुले
फिरोजाबाद। एक्सरे कक्ष हो या फिर अल्ट्रासाउंड कक्ष। रोज की तरह मंगलवार को भी दोपहर दो बजे से पहले ही ताले लगना शुरु हो गए थे। हांलाकि जब कैमरा चलते देखा तो स्टाफ फटाफट ताले खोलता नजर आया।
ओपीडी में काफी संख्या में मरीज देखे जाते हैं। कई चिकित्सक मंगलवार को कोर्ट एवीडेंस में जाते हैं। मजबूरन ओपीडी छोड़नी पड़ती है लेकिन हम जांच करेंगे कि समय से पहले कौन-कौन उठ गया।
डा. अजय अग्रवाल, सीएमएस
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समय दोपहर 1.10 बजे
हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष
यहां डा. शशी कुमार की तैनाती है। कक्ष में चिकित्सक न होने पर बुजुर्ग महिला चंपादेवी भटकती रहीं। बाद में थक कर डाक्टर के कक्ष में ही जमीन पर सो गईं। चंपादेवी ने बताया कि वह 12 बजे से आई है लेकिन डाक्टर नहीं हैं। कब आएंगे, कोई जेऊ न बताए रयो।
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दोपहर 1.25 बजे।
ड्रेसिंग एवं इंजेक्शन कक्ष
यहां कोई स्टाफ मौजूद नहीं था जबकि यहां एक संविदाकर्मी की तैनाती है। इंजेक्शन एवं ड्रेसिंग कराने के लिए मरीजों को भटकना पड़ा। कई मरीज तो इंतजार देखकर लौट गए।
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दोपहर 1.32 बजे।
एनसीडी क्लीनिक
यह खाली पड़ा हुआ था। यहां चिकित्सक डा. राजीव अग्रवाल, डा. अजय अग्रवाल, काउंसलर डा. कंचन जैन समय से पहले उठ गए थे। अक्सर यहां चिकित्सक एवं अन्य स्टाफ नदारद रहता है। मगर अस्पताल प्रशासन का कोई ध्यान नहीं।
दोपहर 1.40 बजे
शल्य चिकित्सक कक्ष
यहां डा. पीके गुप्ता, डा. जेएल गुप्ता और डा. राजवीर की तैनाती है। फिर भी ओपीडी समय में कमरा खाली था। चिकित्सक को दिखाने आए अंजली, राजकुमारी, अंजू अग्रवाल, राजीव इंतजार करते दिखे। पूछने पर मरीजों ने बताया कि डाक्टर का दोपहर एक बजे से इंतजार कर रहे हैं। मगर कमरा खाली पड़ा हुआ है।
दोपहर 1.45 बजे।
काय चिकित्सक कक्ष
यहां डा. मनोज कुमार, डा. संजय सिंह, डा. विष्णु रावत की तैनाती है। मगर दोपहर ओपीडी कक्ष में कोई मौजूद नहीं था। चिकित्सक का इंतजार करते हुए मरीज अंजुमन बेगम इंतजार करते-करते सोने लगीं। बबिता, प्रेमवती, सोमादेवी ने बताया कि एक बजे आ गए थे। मगर डाक्टर है ही नहीं, अब लौट के जा रए हैं।
कुछ चिकित्सक समय पर रहते हैं
हृदय रोग विशेषज्ञ डा. आरके पांडेय और बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष में कोई मरीज नहीं था। मगर दोनों ही चिकित्सक दोपहर दो बजे तक मरीजों के आने का इंतजार करते दिखे।
ताले लगे थे, फ्लैश पड़ते ही खुले
फिरोजाबाद। एक्सरे कक्ष हो या फिर अल्ट्रासाउंड कक्ष। रोज की तरह मंगलवार को भी दोपहर दो बजे से पहले ही ताले लगना शुरु हो गए थे। हांलाकि जब कैमरा चलते देखा तो स्टाफ फटाफट ताले खोलता नजर आया।
ओपीडी में काफी संख्या में मरीज देखे जाते हैं। कई चिकित्सक मंगलवार को कोर्ट एवीडेंस में जाते हैं। मजबूरन ओपीडी छोड़नी पड़ती है लेकिन हम जांच करेंगे कि समय से पहले कौन-कौन उठ गया।
डा. अजय अग्रवाल, सीएमएस