{"_id":"56b99a071fcf6d1ecc62768dc4cff6df","slug":"are-preventing-workers-from-coming-to-work-domineering-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रमिकों को काम पर आने से रोक रहे दबंग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रमिकों को काम पर आने से रोक रहे दबंग
ब्यूरो अमर उजाला, फीरोजाबाद
Updated Mon, 11 May 2015 11:36 PM IST
विज्ञापन
लस्टर कारखाने में आठ दिनों से चल रहे कार्य बहिष्कार के पीछे कारण जानने को सहायक श्रमायुक्त द्वारा सेवायोजकों की वार्ता बुलाई गई। सेवायोजकों का कहना था कि कुछ असामाजिक तत्व श्रमिकों को काम पर आने से रोक रहे हैं। कारखाना चलाना चाहते हैं, लेकिन श्रमिक काम पर नहीं आ रहे हैं।
बता दें कि लस्टर के आधा दर्जन से अधिक कारखाने पिछले आठ दिन से बंद हैं। श्रमिकों द्वारा कार्य बहिष्कार किए जाने से कारखानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। कारखानों में उत्पादन ठप होने से उद्यमियों को हर रोज लाखों रुपये की चपत लग रही है। ऐसे हाल में उद्यमियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अभी तक किसी भी श्रमिक द्वारा सेवायोजक अथवा सहायक श्रमायुक्त को डिमांड नोटिस नहीं दिया गया। ऐसी विषम परिस्थितियों में श्रमिकों के कार्य पर वापस लौटने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
कारखानों में कार्य बहिष्कार के पीछे क्या कारण हैं, यह जानने को सोमवार को सहायक श्रमायुक्त राजेश मिश्रा ने सेवायोजकों की वार्ता बुलाई, जिसमें सेवायोजकों ने कहा कि श्रमिक स्वत: ही कार्य छोड़कर चले गए हैं। कारखाने में कार्यरत सभी श्रमिकों को न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। फिर भी श्रमिकों की यदि कोई डिमांड हैं तो वह सामने आकर वार्ता करें, संभव होने पर अपनी डिमांड पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। जो श्रमिक कार्य करना चाहते हैं उन्हें रास्ते में रोका जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
बुधवार को फिर से वार्ता
कांच उद्योग क्रांतिकारी मजदूर संघ की ओर से मंत्री भूरी सिंह यादव द्वारा मांगों के संबंध में सोमवार को एक नोटिस सौंपा गया। एएलसी राजेश मिश्रा ने बताया कि श्रमिक संगठन के मांग पत्र पर बुधवार को पुन: वार्ता बुलाई गई है।
विज्ञापन
बता दें कि लस्टर के आधा दर्जन से अधिक कारखाने पिछले आठ दिन से बंद हैं। श्रमिकों द्वारा कार्य बहिष्कार किए जाने से कारखानों में सन्नाटा पसरा हुआ है। कारखानों में उत्पादन ठप होने से उद्यमियों को हर रोज लाखों रुपये की चपत लग रही है। ऐसे हाल में उद्यमियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अभी तक किसी भी श्रमिक द्वारा सेवायोजक अथवा सहायक श्रमायुक्त को डिमांड नोटिस नहीं दिया गया। ऐसी विषम परिस्थितियों में श्रमिकों के कार्य पर वापस लौटने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
विज्ञापन
कारखानों में कार्य बहिष्कार के पीछे क्या कारण हैं, यह जानने को सोमवार को सहायक श्रमायुक्त राजेश मिश्रा ने सेवायोजकों की वार्ता बुलाई, जिसमें सेवायोजकों ने कहा कि श्रमिक स्वत: ही कार्य छोड़कर चले गए हैं। कारखाने में कार्यरत सभी श्रमिकों को न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। फिर भी श्रमिकों की यदि कोई डिमांड हैं तो वह सामने आकर वार्ता करें, संभव होने पर अपनी डिमांड पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। जो श्रमिक कार्य करना चाहते हैं उन्हें रास्ते में रोका जा रहा है। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
बुधवार को फिर से वार्ता
कांच उद्योग क्रांतिकारी मजदूर संघ की ओर से मंत्री भूरी सिंह यादव द्वारा मांगों के संबंध में सोमवार को एक नोटिस सौंपा गया। एएलसी राजेश मिश्रा ने बताया कि श्रमिक संगठन के मांग पत्र पर बुधवार को पुन: वार्ता बुलाई गई है।