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घर में शौचालय पर खुले में जाते हैं शौच
Amar Ujala
Updated Fri, 09 Sep 2016 11:47 PM IST
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घर में शौचालय पर खुले में जाते हैं शौच
- फोटो : Amar Ujala
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ओडीएफ गांव जमालपुर की हकीकत, लोहिया गांव घोषित, फिर भी विकास अधूरा
ओडीएफ घोषित होने के बावजूद लोहिया गांव जमालपुर के बाशिंदों का पुराना ढर्रा चल रहा है। शौचालय बने लेकिन आज भी 50 प्रतिशत ग्रामीण घरों से बाहर शौच के लिए जाते हैं।
ग्राम जमालपुर ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त घोषित) है। प्रधान ने अधिकांश घरों में शौचालय बनवाए लेकिन प्रयोग काफी कम हो रहा है। युवकों, महिलाओं के साथ पुरुषों की निगरानी की टीमें सक्रिय हुई। निगरानी टीमों को पुरस्कार देने की बात कही गई लेकिन किसी टीम को फूटी कौड़ी नहीं दी गई। घरों में शौचालय होने के बाद भी 50 प्रतिशत लोग घरों से बाहर शौच जाते हैं। काफी कुछ समझाने के बाद भी नहीं मानते।
शौचालय बने पर विकास अभी तक अधूरा
- शौचालय बने हैं लेकिन अन्य विकास नहीं हुआ। गलियां कच्ची हैं। नालियां गंदगी भरी है। गलियों का निर्माण होना चाहिए। मच्छरों का प्रकोप रहता है।
गीता देवी जमालपुर
- शौचालय बनवाने की बात कही थी लेकिन आज हमारे घर शौचालय नहीं है। पति रोजीरोटी की तलाश के कारण बाहर रहते हैं। हम पड़ोसियों का शौचालय प्रयोग को विवश हैं।
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संगीता देवी जमालपुर
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत निगरानी टीम में शामिल हुई थी। काफी तेज गति से काम हुआ। पहले पुरस्कार देने की बात कही थी लेकिन आज तक कुछ नहीं मिला। टीम ने काम करना बंद कर दिया।
आरती देवी टीम की सदस्य
जमालपुर गांव में निर्मल भारत अभियान के तहत 326 शौचालय एवं 27 नए शौचालय और बनवाए गए थे। शेष शौचालय ग्रामीणों ने खुद बनवाए। अधिकांश ग्रामीण शौचालय प्रयोग कर रहे हैं।
राजीव नयन गुप्ता
डीपीसी स्वच्छ भारत मिशन फीरोजाबाद।
संदलपुर के गरीबों के मिलेगी शौचालय की धनराशि
सीडीओ बोले, 304 थे पात्र, 148 के शौचालय का प्रधान को दिया था पैसाहाथवंत ब्लाक के ओडीएफ संदलपुर की हकीकत ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। सीडीओ कर्मेंद्र सिंह ने डीपीआरओ यतेंद्र सिंह यादव एवं डीपीसी राजीव नयन गुप्ता के साथ बैठक की। उन्होंने गांव को शौचालय निर्माण के लिए आवंटित धनराशि के संबंध में बात की।
सीडीओ कर्मेंद्र सिंह ने बताया हाथवंत ब्लाक के गांव संदलपुर में 2011 के सर्वे के अनुसार 304 पात्र मिले थे। शौचालय निर्माण की धनराशि सीधे प्रधान एवं सचिवों के खाते में स्थानांतरित की थी। ओडीएफ गांव संदलपुर को 304 में से 148 की धनराशि जारी की गई थी। उन्होंने कहा कि यदि कोई गरीब है और उसने शौचालय का निर्माण कराया है तो इसका हम सर्वे कराएंगे। डीपीसी राजीव नयन गुप्ता ने कहा कि शुक्रवार को मीटिंग होने के कारण संदलपुर की जांच करने नहीं जा सका।
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ओडीएफ घोषित होने के बावजूद लोहिया गांव जमालपुर के बाशिंदों का पुराना ढर्रा चल रहा है। शौचालय बने लेकिन आज भी 50 प्रतिशत ग्रामीण घरों से बाहर शौच के लिए जाते हैं।
ग्राम जमालपुर ओडीएफ (खुले में शौचमुक्त घोषित) है। प्रधान ने अधिकांश घरों में शौचालय बनवाए लेकिन प्रयोग काफी कम हो रहा है। युवकों, महिलाओं के साथ पुरुषों की निगरानी की टीमें सक्रिय हुई। निगरानी टीमों को पुरस्कार देने की बात कही गई लेकिन किसी टीम को फूटी कौड़ी नहीं दी गई। घरों में शौचालय होने के बाद भी 50 प्रतिशत लोग घरों से बाहर शौच जाते हैं। काफी कुछ समझाने के बाद भी नहीं मानते।
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शौचालय बने पर विकास अभी तक अधूरा
- शौचालय बने हैं लेकिन अन्य विकास नहीं हुआ। गलियां कच्ची हैं। नालियां गंदगी भरी है। गलियों का निर्माण होना चाहिए। मच्छरों का प्रकोप रहता है।
गीता देवी जमालपुर
- शौचालय बनवाने की बात कही थी लेकिन आज हमारे घर शौचालय नहीं है। पति रोजीरोटी की तलाश के कारण बाहर रहते हैं। हम पड़ोसियों का शौचालय प्रयोग को विवश हैं।
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संगीता देवी जमालपुर
- स्वच्छ भारत मिशन के तहत निगरानी टीम में शामिल हुई थी। काफी तेज गति से काम हुआ। पहले पुरस्कार देने की बात कही थी लेकिन आज तक कुछ नहीं मिला। टीम ने काम करना बंद कर दिया।
आरती देवी टीम की सदस्य
जमालपुर गांव में निर्मल भारत अभियान के तहत 326 शौचालय एवं 27 नए शौचालय और बनवाए गए थे। शेष शौचालय ग्रामीणों ने खुद बनवाए। अधिकांश ग्रामीण शौचालय प्रयोग कर रहे हैं।
राजीव नयन गुप्ता
डीपीसी स्वच्छ भारत मिशन फीरोजाबाद।
संदलपुर के गरीबों के मिलेगी शौचालय की धनराशि
सीडीओ बोले, 304 थे पात्र, 148 के शौचालय का प्रधान को दिया था पैसाहाथवंत ब्लाक के ओडीएफ संदलपुर की हकीकत ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। सीडीओ कर्मेंद्र सिंह ने डीपीआरओ यतेंद्र सिंह यादव एवं डीपीसी राजीव नयन गुप्ता के साथ बैठक की। उन्होंने गांव को शौचालय निर्माण के लिए आवंटित धनराशि के संबंध में बात की।
सीडीओ कर्मेंद्र सिंह ने बताया हाथवंत ब्लाक के गांव संदलपुर में 2011 के सर्वे के अनुसार 304 पात्र मिले थे। शौचालय निर्माण की धनराशि सीधे प्रधान एवं सचिवों के खाते में स्थानांतरित की थी। ओडीएफ गांव संदलपुर को 304 में से 148 की धनराशि जारी की गई थी। उन्होंने कहा कि यदि कोई गरीब है और उसने शौचालय का निर्माण कराया है तो इसका हम सर्वे कराएंगे। डीपीसी राजीव नयन गुप्ता ने कहा कि शुक्रवार को मीटिंग होने के कारण संदलपुर की जांच करने नहीं जा सका।