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कृषि एवं उद्योग विभाग की टीम ने कांच कारखानों में जांच
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रफ़रोजाबाद ! मक्खनपुर स्थित एक कारखाने में जांच करते कृषि व उधोग विभाग के अधिकारी
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। कांच व अन्य इकाईयों में किसानों को वितरित होने वाली यूरिया खपाने की आशंका के चलते कृषि एवं उद्योग विभाग की संयुक्त टीम ने कई कांच इंडस्ट्रीज में निरीक्षण किया। हालांकि निरीक्षण के दौरान को आपत्तिजनक स्थिति सामने नहीं आई।
शासन ने औद्योगिक इकाईयों खास तौर पर प्लाईबोर्ड, पेपर एवं प्रिंटिग प्रेस जैसे कार्यों में किसानों को मिलने वाली अनुदानित यूरिया को डायवर्जन कर रॉ मैटेरियल के रूप प्रयोग किए जाने की आशंका जताई थी। जिन जगहों पर इस तरह की शिकायतें मिलीं उनके अलावा फिरोजाबाद में संचालित औद्योगिक इकाईयों में भी जांच कराने को भी कहा गया। शासन के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने उद्योग एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को जिला कृषि अधिकारी रविकांत सिंह, सहायक प्रबंधक उद्योग संदीप कुमार एवं उद्योग निरीक्षक पूजा सिंह की टीम ने कई कारखानों में जांच की हालांकि नौ से अधिक कारखानों में हुई जांच के दौरान किसी भी कारखाने में अनुदानित यूरिया को रॉ मैटेरियल के रूप में प्रयुक्त किए जाने की बात सामने नहीं आई।
इन कारखानों में हुई जांच
टीम ने चॉइस ग्लास, फिरोजाबाद ग्लास सेल, सरस्वती ब्रीडस, अजंता ग्लास, एसएन ग्लास,इरफान ग्लास,रचना ग्लास के अलावा पूजा ग्लास वर्क्स राजा का ताल में निरीक्षण किया।
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शासन ने औद्योगिक इकाईयों खास तौर पर प्लाईबोर्ड, पेपर एवं प्रिंटिग प्रेस जैसे कार्यों में किसानों को मिलने वाली अनुदानित यूरिया को डायवर्जन कर रॉ मैटेरियल के रूप प्रयोग किए जाने की आशंका जताई थी। जिन जगहों पर इस तरह की शिकायतें मिलीं उनके अलावा फिरोजाबाद में संचालित औद्योगिक इकाईयों में भी जांच कराने को भी कहा गया। शासन के निर्देशों के बाद जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने उद्योग एवं कृषि विभाग की संयुक्त टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को जिला कृषि अधिकारी रविकांत सिंह, सहायक प्रबंधक उद्योग संदीप कुमार एवं उद्योग निरीक्षक पूजा सिंह की टीम ने कई कारखानों में जांच की हालांकि नौ से अधिक कारखानों में हुई जांच के दौरान किसी भी कारखाने में अनुदानित यूरिया को रॉ मैटेरियल के रूप में प्रयुक्त किए जाने की बात सामने नहीं आई।
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इन कारखानों में हुई जांच
टीम ने चॉइस ग्लास, फिरोजाबाद ग्लास सेल, सरस्वती ब्रीडस, अजंता ग्लास, एसएन ग्लास,इरफान ग्लास,रचना ग्लास के अलावा पूजा ग्लास वर्क्स राजा का ताल में निरीक्षण किया।
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