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Firozabad News: शिकोहाबाद तहसील में कब्जा मुक्त कराने के लिए जमीन का करा लिया इकरारनामा
Sun, 14 Jul 2024 12:12 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 14 Jul 2024 12:12 AM IST
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फिरोजाबाद। सिरसागंज के रुधैनी की तरह शिकोहाबाद तहसील क्षेत्र का मामला सामने आया है। यहां जमीन कब्जामुक्त कराने के एवज में किसान से 15 लाख रुपये की घूस की मांगी गई। इससे चार लाख की नकदी लेने के साथ 30 लाख कीमती खेत का इकरारनामा एक आउटसोसिंग कर्मचारी के नाम करा लिया गया। इसके बाद भी जमीन को कब्जामुक्त नहीं कराया गया। पीड़ित ने डीएम से शपथ पत्र पर शिकायत की है। डीएम रमेश रंजन ने इस मामले की जांच एडीएम विशु राजा को सौंपी है।मामला थाना मक्खनपुर क्षेत्र के नवादा का है। मोहम्मदपुर नवादा निवासी दीपचंद्र यादव की शिकोहाबाद के जसलई में कृषि भूमि है। इस भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। इसकी शिकायत उन्होंने एसडीएम शिकोहाबाद से इसी वर्ष अप्रैल में की थी। पीड़ित की ओर से दिए शपथ पत्र के अनुसार तत्कालीन एसडीएम ने दीपचंद्र को तहसील में तैनात ठेकाकर्मी (आउट सोसिंग) हर्ष कुमार से मिलने को कहा गया था। आरोप है कि हर्ष ने उससे एसडीएम द्वारा 15 लाख रुपये मांगे जाने की बात कही थी। दीपचंद्र द्वारा इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जाहिर की थी। क्योकि उसके पास चार लाख की नकदी ही थी। आरोप है कि उक्त कर्मचारी द्वारा चार लाख रुपये की नकदी लेने के साथ शेष धनराशि के एवज में उसकी दस बीघा भूमि का इकरारनामा कराने के लिए कहा गया था। यह इकरारनामा अप्रैल में हर्ष कुमार निवासी गांव रीठरा शिकोहाबाद के नाम से कराया गया था। इतना सब करने के बाद भी जमीन को कब्जा मुक्त नहीं कराई गई थी।
एसडीएम का तहसील से स्थानांतरण होने के बाद जब दीपचंद्र ने हर्ष से रुपया मांगे तो उसने यह कहते हुए रुपया वापस करने से इंकार कर दिया कि उसने यह पैसा एसडीएम के कहने पर ही मांगे थे। और यह पैसा उनको ही दे दिए। पीड़ित की ओर से दिए शपथ पत्र में दीपचंद्र ने डीएम से चार लाख रुपये वापस दिलाने, इकरारनामा निरस्त कराने और दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
शिकायत के बाद हर्ष को तहसील से हटाया
दीपचंद्र की ओर से शिकायत किए जाने के कुछ दिन के बाद ही हर्ष कुमार को शिकोहाबाद तहसील से हटा दिया गया। इस संबंध में जब शिकोहाबाद एसडीएम विकल्प से बात की तो उन्होंने कहा कि उसका काम ठीक नहीं होने और अनुबंध समाप्त होने के कारण उसको तहसील से हटाया गया है। संवाद
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-शिकोहाबाद तहसील क्षेत्र से शपथपत्र में एक शिकायत आई थी। उस के सथ कोई साक्ष्य नहीं दिए गए हैं। फिर भी मामले की जांच कराई जा रही है। यदि कुछ गड़बड़ मिला तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रमेश रंजन, डीएम
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एसडीएम का तहसील से स्थानांतरण होने के बाद जब दीपचंद्र ने हर्ष से रुपया मांगे तो उसने यह कहते हुए रुपया वापस करने से इंकार कर दिया कि उसने यह पैसा एसडीएम के कहने पर ही मांगे थे। और यह पैसा उनको ही दे दिए। पीड़ित की ओर से दिए शपथ पत्र में दीपचंद्र ने डीएम से चार लाख रुपये वापस दिलाने, इकरारनामा निरस्त कराने और दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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शिकायत के बाद हर्ष को तहसील से हटाया
दीपचंद्र की ओर से शिकायत किए जाने के कुछ दिन के बाद ही हर्ष कुमार को शिकोहाबाद तहसील से हटा दिया गया। इस संबंध में जब शिकोहाबाद एसडीएम विकल्प से बात की तो उन्होंने कहा कि उसका काम ठीक नहीं होने और अनुबंध समाप्त होने के कारण उसको तहसील से हटाया गया है। संवाद
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-शिकोहाबाद तहसील क्षेत्र से शपथपत्र में एक शिकायत आई थी। उस के सथ कोई साक्ष्य नहीं दिए गए हैं। फिर भी मामले की जांच कराई जा रही है। यदि कुछ गड़बड़ मिला तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रमेश रंजन, डीएम