{"_id":"57d6f3f34f1c1b2d46d47a11","slug":"after-two-days-of-silence-agitator-roared","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो दिन की खामोशी के बाद फिर गरजे आंदोलनकारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो दिन की खामोशी के बाद फिर गरजे आंदोलनकारी
Amar Ujala
Updated Mon, 12 Sep 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
दो दिन की खामोशी के बाद फिर गरजे आंदोलनकारी
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
आंगनबाड़ी कार्यकत्री, लेखपालों, रोजगार सेवकों, संविदा स्वास्थ्य कर्मियों का प्रदर्शन
सहकारी समिति कर्मियों ने 22 से हड़ताल की चेतावनी दी, विभाग को दिया अल्टीमेटम
दो दिन की खामोशी के बाद सोमवार को जिला मुख्यालय पर शोर-शराबे सुनाई दिए। एक ओर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने विकास भवन के सामने प्रदर्शन एवं भैंस के आगे बीन बजाई वहीं लेखपालों ने प्रदर्शन कर हक के लिए हुंकार भरी। संविदा स्वास्थ्य कर्मी आंदोलन करते दिखाई दिए वहीं शिक्षामित्रों की तर्ज पर रोजगार सेवकों ने नियमित करने की मांग बुलंद की। विकास भवन के बाहर सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर बैठक कर समस्याओं के समाधान की मांग की....।
भैंस के आगे बीन बजाई, निदेशक का फूंका पुतला
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश शर्मा राज के नेतृत्व में विकास भवन के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें चार हजार से अधिक कार्यकत्री शामिल हुईं। कार्यकत्रियों ने कहा कि दो सितंबर से कार्य बहिष्कार आंदोलन के बाद शासन द्वारा कोई सुनवाई नहीं किए जाने के कारण भैंस के आगे बीन बजाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान, पल्स पोलियो अभियान, टीकाकरण के साथ ही अन्य कार्य हम लोग करते हैं, लेकिन मानदेय इतना कम गलत है। उन्होंने मानदेय 18 हजार करने, पुराने बकाया किराए का भुगतान किए जाने सहित अन्य मांगों को रखा। विभाग के निदेशक का पुतला दहन किया। प्रदर्शन में मुख्यरूप से संघ की जिलाध्यक्ष आसमा कुलश्रेष्ठ, सीमा यादव, राधा सिंह, स्नेहलता, मोहिनी देवी, सरला देवी, प्रमिला देवी, आरती देवी, सुधा शर्मा, सुमन यादव आदि शामिल थे।
लेखपालों का प्रदर्शन, कल निकालेंगे पैदल मार्च
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर सोमवार को धरना एवं प्रदर्शन जारी रहा। संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि शासनादेश जारी करने में देरी की जा रही है। जिला मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हमारी मांगों को नहीं माने जाने तक आंदोलन चलेगा। जरूरत पड़ी तो जेल भरने में भी पीछे नहीं हटेंगे। सदर तहसील इकाई के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि 14 को मुख्यालय पर पैदल मार्च निकालेंगे। 15 को रक्तदान शिविर अनशन स्थल पर आयोजित होगा। 19 को बाइक रैली तथा 21, 22 को क्रमिक अनशन तथा 23 को जेल भरो आंदोलन होगा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से नेपाल सिंह, रवेंद्र बघेल, विवेक यादव, ब्रजेश उपाध्याय, विनोद पाल सिंह, रज्जनपाल सिंह, सुभाषचंद्र, नील कमल, अवनीश यादव, अयाज अहमद, हरीशंकर गोस्वामी, अवधेश यादव आदि शामिल थे।
विज्ञापन
रोजगार सेवकों ने नियमितीकरण को किया प्रदर्शन
जिला रोजगार सेवक संघ ने जिलाध्यक्ष आदित्य यादव के नेतृत्व में विकास भवन के बाहर धरना प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों की तर्ज पर रोजगार सेवकों को नियमित करने व राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि रोजगार सेवकों के लिए गठित कमेटी ने प्रस्ताव को अग्रसारित किया है। यदि शीघ्र ही अनुमोदन नहीं हुआ तो 19 सितंबर को लखनऊ में सीएम आवास पर धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे। इस दौरान मीना शाक्य, नवनीत यादव, संदेश देवी, पवन कुमार, ममता, सुनीता शाक्य, लता शाक्य, रजनी, कन्हैयालाल, छबिनाथ सिंह आदि लोग शामिल थे।
सहकारी कर्मचारी संघ ने 22 से दी हड़ताल की चेतावनी
उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्रपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में विकास भवन के बाहर बैठक हुई। उन्होंने सहायक निबंधक सहकारिता को आठ सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि 22 सितंबर तक संघ की समस्याओं का कोई ठोस हल नहीं निकाला गया तो 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को ही बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। बैठक में जिला महासचिव चौधरी जबर सिंह, रबीशचंद्र शर्मा, वीरपाल सिंह, अखिलेश यादव के अलावा जिले भर की समिति के कर्मचारी शामिल थे।
सहकारी समिति कर्मियों ने 22 से हड़ताल की चेतावनी दी, विभाग को दिया अल्टीमेटम
दो दिन की खामोशी के बाद सोमवार को जिला मुख्यालय पर शोर-शराबे सुनाई दिए। एक ओर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने विकास भवन के सामने प्रदर्शन एवं भैंस के आगे बीन बजाई वहीं लेखपालों ने प्रदर्शन कर हक के लिए हुंकार भरी। संविदा स्वास्थ्य कर्मी आंदोलन करते दिखाई दिए वहीं शिक्षामित्रों की तर्ज पर रोजगार सेवकों ने नियमित करने की मांग बुलंद की। विकास भवन के बाहर सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर बैठक कर समस्याओं के समाधान की मांग की....।
भैंस के आगे बीन बजाई, निदेशक का फूंका पुतला
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश शर्मा राज के नेतृत्व में विकास भवन के बाहर प्रदर्शन किया। इसमें चार हजार से अधिक कार्यकत्री शामिल हुईं। कार्यकत्रियों ने कहा कि दो सितंबर से कार्य बहिष्कार आंदोलन के बाद शासन द्वारा कोई सुनवाई नहीं किए जाने के कारण भैंस के आगे बीन बजाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान, पल्स पोलियो अभियान, टीकाकरण के साथ ही अन्य कार्य हम लोग करते हैं, लेकिन मानदेय इतना कम गलत है। उन्होंने मानदेय 18 हजार करने, पुराने बकाया किराए का भुगतान किए जाने सहित अन्य मांगों को रखा। विभाग के निदेशक का पुतला दहन किया। प्रदर्शन में मुख्यरूप से संघ की जिलाध्यक्ष आसमा कुलश्रेष्ठ, सीमा यादव, राधा सिंह, स्नेहलता, मोहिनी देवी, सरला देवी, प्रमिला देवी, आरती देवी, सुधा शर्मा, सुमन यादव आदि शामिल थे।
विज्ञापन
लेखपालों का प्रदर्शन, कल निकालेंगे पैदल मार्च
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर सोमवार को धरना एवं प्रदर्शन जारी रहा। संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि शासनादेश जारी करने में देरी की जा रही है। जिला मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि हमारी मांगों को नहीं माने जाने तक आंदोलन चलेगा। जरूरत पड़ी तो जेल भरने में भी पीछे नहीं हटेंगे। सदर तहसील इकाई के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि 14 को मुख्यालय पर पैदल मार्च निकालेंगे। 15 को रक्तदान शिविर अनशन स्थल पर आयोजित होगा। 19 को बाइक रैली तथा 21, 22 को क्रमिक अनशन तथा 23 को जेल भरो आंदोलन होगा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से नेपाल सिंह, रवेंद्र बघेल, विवेक यादव, ब्रजेश उपाध्याय, विनोद पाल सिंह, रज्जनपाल सिंह, सुभाषचंद्र, नील कमल, अवनीश यादव, अयाज अहमद, हरीशंकर गोस्वामी, अवधेश यादव आदि शामिल थे।
विज्ञापन
रोजगार सेवकों ने नियमितीकरण को किया प्रदर्शन
जिला रोजगार सेवक संघ ने जिलाध्यक्ष आदित्य यादव के नेतृत्व में विकास भवन के बाहर धरना प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों की तर्ज पर रोजगार सेवकों को नियमित करने व राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि रोजगार सेवकों के लिए गठित कमेटी ने प्रस्ताव को अग्रसारित किया है। यदि शीघ्र ही अनुमोदन नहीं हुआ तो 19 सितंबर को लखनऊ में सीएम आवास पर धरना प्रदर्शन को बाध्य होंगे। इस दौरान मीना शाक्य, नवनीत यादव, संदेश देवी, पवन कुमार, ममता, सुनीता शाक्य, लता शाक्य, रजनी, कन्हैयालाल, छबिनाथ सिंह आदि लोग शामिल थे।
सहकारी कर्मचारी संघ ने 22 से दी हड़ताल की चेतावनी
उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्रपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में विकास भवन के बाहर बैठक हुई। उन्होंने सहायक निबंधक सहकारिता को आठ सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि 22 सितंबर तक संघ की समस्याओं का कोई ठोस हल नहीं निकाला गया तो 22 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को ही बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी अधिकारियों की होगी। बैठक में जिला महासचिव चौधरी जबर सिंह, रबीशचंद्र शर्मा, वीरपाल सिंह, अखिलेश यादव के अलावा जिले भर की समिति के कर्मचारी शामिल थे।