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आदित्य हत्याकांड: पुलिस ने जुटाए सबूत
Amar Ujala
Updated Sun, 28 Aug 2016 01:23 AM IST
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आदित्य हत्याकांड: पुलिस ने जुटाए सबूत
- फोटो : Amar Ujala
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कर्मयोगी अपार्टमेंट पहुंचे एसपी सिटी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
आदित्य की हत्या के बाद शनिवार को सर्कुलर रोड पर जहां सन्नाटा दिखाई दिया। वहीं बाजार तो खुला, लेकिन प्रतिदिन जैसी रौनक दिखाई नहीं दी। पीड़ित परिवारीजनों को जहां लोग सांत्वना देने पहुंच रहे थे, वहीं पुलिस ने आदित्य मित्तल हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है। शनिवार को एसपी सिटी जलेसर रोड स्थित कर्मयोगी अपार्टमेंट पहुंचे। यहां आरोपी रोहन सिंघल ने अपने साथियों के साथ आदित्य मित्तल को बंधक बनाकर रखा था। इसके साथ ही उन्होंने आसपास के लोगों सेे भी पूछताछ की। उधर फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टूंडला पुलिस ने उनके संबंधित ठिकानों पर दबिश भी दी। लेकिन एक भी आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सका।
रसूलपुर थाना क्षेत्र के सर्कुलर रोड निवासी आदित्य मित्तल का 22 अगस्त की सुबह राजा का ताल स्थित आर्चिट ग्रीन के समीप से अपहरण कर लिया गया था। गुरुवार शाम को शिकोहाबाद स्थित नहर से आदित्य का शव बरामद होते ही पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसते हुए रोहन सिंघल और उसके यहां काम करने वाले पवन को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किए दोनों आरोपियों को जेल भी भेज दिया। इसके साथ ही अन्य आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए जांच को आगे बढ़ा दिया। शनिवार दोपहर एसपी सिटी संजीव बाजपेयी पुलिस बल के साथ जलेसर रोड स्थित कर्मयोगी अपार्टमेंट पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए वारदात स्थल का नक्शा आदि बनाया।
आरोपी की गिरफ्तारी को टीमें गठित
एसपी सिटी संजीव बाजपेयी ने बताया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। इससे फरार चल रहे आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के साथ ही उनके खिलाफ न्यायालय में चार्टशीट दाखिल कर सजा दिलाई जा सके।
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सुहागनगरी में हो चुकी है अपहरण की कई घटनाएं
अपहरणकर्ताओं के निशाने पर रहे हैं उद्योगपति, व्यापारी और चिकित्सक
सुहागनगरी में अपहरण कर हत्या की कई घटनाएं हुई है। उद्योगपति, कारोबारी, चिकित्सक और धनाढ्य परिवारों के बेटे अपहरणकर्ताओं के निशाने पर रहे हैं। उद्योगपति के बेटे के अपहरण और हत्या की सनसनीखेज वारदात ने एक फिर इन घटनाओं को लोगों के जहन में ताजा कर दिया है।
केस एक
वर्ष 2015, अक्तूबर में व्यापारी संजीव गुप्ता के पुत्र रितीक (15) निवासी एका का अपहरण कर उसकी हत्या कर शव को कैलई नहर में फेंक दिया था। उसका शव पुलिस आज तक बरामद नहीं कर सकी है। जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस उनके खिलाफ न्यायालय में चार्टशीट भी दाखिल कर चुकी है।
केस दो
वर्ष 2013 में रसूलपुर थाना क्षेत्र में निवास करने वाले शहर के प्रमुख सुतली व्यापारी ग्या प्रसाद के पुत्र सचिन (19) का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम सचिन गुप्ता के करीबियों ने दिया। सचिन के शव को रसूलपुर पुलिस ने शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के जंगल से बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने अपहरणकर्ता और उनके परिवारीजनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
केस तीन
कई वर्ष पूर्व सुहागनगरी के प्रमुख उद्योगपति सत्यप्रकाश मित्तल उर्फ सत्तो बाबू का अपहरण कारखाने जाते समय किया गया था। उस समय इसमें बड़ी फिरौती हुई थी। तब सक्रिय मोहन डान गैंग ने इस वारदात को अंजाम दिया। उस समय राजनीति में सक्रिय मुकेश गुप्ता का नाम अपहरणकर्ता के रूप में सामने आया था। बाद में एटीएफ ने मुकेश गुप्ता को लखनऊ मुठभेड़ में मार दिया था। तब खुलासा हुआ था कि मुकेश गुप्ता मोहन डान गैंग का सरगना था। उसके निशाने पर शहर के कई उद्योगपति थे। वह यहां के कुछ बड़े कारोबारी परिवारों से चौथ लेता था।
केस चार
वर्ष 2003 में उत्तर थाना क्षेत्र के मोहल्ला छिंगामल का बाग निवासी केमिकल व्यापारी प्रदीप गर्ग के बेटे का स्कूल से लौटते समय अपहरण कर लिया गया था। बच्चे का शव परिवारीजनों को मिला था। इस दौरान काफी बवाल शहर में हुआ था।
इनका भी हुआ था अपहरण
कोटला रोड स्थित माता मंदिर के समीप निवास करने वाले श्रीराम महेश्वरी और उद्योगपति आशीष बंसल का भी अपहरण हुआ था। शहर के एक प्रमुख चिकित्सक का अपहरणकर्ताओं ने उस वक्त अपहरण किया था, जब चिकित्सक कार द्वारा घर से क्लीनिक आ रहे थे।
इनका पुलिस ने किया था एनकाउंटर
अपहरण उद्योग के मास्टर माइंड कहे जाने वाले ऊलाऊ खेड़ा निवासी राजेंद्र फौजी का पुलिस ने बांस झरना के नाले पर एकाउंटर किया था। राजवीर का भारत टाकीज के समीप, सिकेरा निवासी पप्पू का नसीरपुर थाना क्षेत्र के नौरंगी घाट के समीप। मनोज का नसीरपुर थाना क्षेत्र के रपड़ी के बीहड़ में तथा फतेहगढ़ की सेंट्रल जेल में जन्म लेने वाले बिल्ला मक्खनपुर थाना क्षेत्र में रेलवे रोड पर पुलिस ने एनकाउंटर करने के साथ ही अन्य बदमाशों को मार गिराया था, तब कहीं जाकर सुहागनगरी में अपहरण उद्योग को ब्रेक लगा था।
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आदित्य की हत्या के बाद शनिवार को सर्कुलर रोड पर जहां सन्नाटा दिखाई दिया। वहीं बाजार तो खुला, लेकिन प्रतिदिन जैसी रौनक दिखाई नहीं दी। पीड़ित परिवारीजनों को जहां लोग सांत्वना देने पहुंच रहे थे, वहीं पुलिस ने आदित्य मित्तल हत्याकांड की जांच शुरू कर दी है। शनिवार को एसपी सिटी जलेसर रोड स्थित कर्मयोगी अपार्टमेंट पहुंचे। यहां आरोपी रोहन सिंघल ने अपने साथियों के साथ आदित्य मित्तल को बंधक बनाकर रखा था। इसके साथ ही उन्होंने आसपास के लोगों सेे भी पूछताछ की। उधर फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टूंडला पुलिस ने उनके संबंधित ठिकानों पर दबिश भी दी। लेकिन एक भी आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लग सका।
रसूलपुर थाना क्षेत्र के सर्कुलर रोड निवासी आदित्य मित्तल का 22 अगस्त की सुबह राजा का ताल स्थित आर्चिट ग्रीन के समीप से अपहरण कर लिया गया था। गुरुवार शाम को शिकोहाबाद स्थित नहर से आदित्य का शव बरामद होते ही पुलिस ने आरोपियों पर शिकंजा कसते हुए रोहन सिंघल और उसके यहां काम करने वाले पवन को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को पूरे घटनाक्रम का खुलासा करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किए दोनों आरोपियों को जेल भी भेज दिया। इसके साथ ही अन्य आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए जांच को आगे बढ़ा दिया। शनिवार दोपहर एसपी सिटी संजीव बाजपेयी पुलिस बल के साथ जलेसर रोड स्थित कर्मयोगी अपार्टमेंट पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए वारदात स्थल का नक्शा आदि बनाया।
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आरोपी की गिरफ्तारी को टीमें गठित
एसपी सिटी संजीव बाजपेयी ने बताया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। इससे फरार चल रहे आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के साथ ही उनके खिलाफ न्यायालय में चार्टशीट दाखिल कर सजा दिलाई जा सके।
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सुहागनगरी में हो चुकी है अपहरण की कई घटनाएं
अपहरणकर्ताओं के निशाने पर रहे हैं उद्योगपति, व्यापारी और चिकित्सक
सुहागनगरी में अपहरण कर हत्या की कई घटनाएं हुई है। उद्योगपति, कारोबारी, चिकित्सक और धनाढ्य परिवारों के बेटे अपहरणकर्ताओं के निशाने पर रहे हैं। उद्योगपति के बेटे के अपहरण और हत्या की सनसनीखेज वारदात ने एक फिर इन घटनाओं को लोगों के जहन में ताजा कर दिया है।
केस एक
वर्ष 2015, अक्तूबर में व्यापारी संजीव गुप्ता के पुत्र रितीक (15) निवासी एका का अपहरण कर उसकी हत्या कर शव को कैलई नहर में फेंक दिया था। उसका शव पुलिस आज तक बरामद नहीं कर सकी है। जबकि आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस उनके खिलाफ न्यायालय में चार्टशीट भी दाखिल कर चुकी है।
केस दो
वर्ष 2013 में रसूलपुर थाना क्षेत्र में निवास करने वाले शहर के प्रमुख सुतली व्यापारी ग्या प्रसाद के पुत्र सचिन (19) का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई। घटना को अंजाम सचिन गुप्ता के करीबियों ने दिया। सचिन के शव को रसूलपुर पुलिस ने शिकोहाबाद थाना क्षेत्र के जंगल से बरामद किया था। इस मामले में पुलिस ने अपहरणकर्ता और उनके परिवारीजनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
केस तीन
कई वर्ष पूर्व सुहागनगरी के प्रमुख उद्योगपति सत्यप्रकाश मित्तल उर्फ सत्तो बाबू का अपहरण कारखाने जाते समय किया गया था। उस समय इसमें बड़ी फिरौती हुई थी। तब सक्रिय मोहन डान गैंग ने इस वारदात को अंजाम दिया। उस समय राजनीति में सक्रिय मुकेश गुप्ता का नाम अपहरणकर्ता के रूप में सामने आया था। बाद में एटीएफ ने मुकेश गुप्ता को लखनऊ मुठभेड़ में मार दिया था। तब खुलासा हुआ था कि मुकेश गुप्ता मोहन डान गैंग का सरगना था। उसके निशाने पर शहर के कई उद्योगपति थे। वह यहां के कुछ बड़े कारोबारी परिवारों से चौथ लेता था।
केस चार
वर्ष 2003 में उत्तर थाना क्षेत्र के मोहल्ला छिंगामल का बाग निवासी केमिकल व्यापारी प्रदीप गर्ग के बेटे का स्कूल से लौटते समय अपहरण कर लिया गया था। बच्चे का शव परिवारीजनों को मिला था। इस दौरान काफी बवाल शहर में हुआ था।
इनका भी हुआ था अपहरण
कोटला रोड स्थित माता मंदिर के समीप निवास करने वाले श्रीराम महेश्वरी और उद्योगपति आशीष बंसल का भी अपहरण हुआ था। शहर के एक प्रमुख चिकित्सक का अपहरणकर्ताओं ने उस वक्त अपहरण किया था, जब चिकित्सक कार द्वारा घर से क्लीनिक आ रहे थे।
इनका पुलिस ने किया था एनकाउंटर
अपहरण उद्योग के मास्टर माइंड कहे जाने वाले ऊलाऊ खेड़ा निवासी राजेंद्र फौजी का पुलिस ने बांस झरना के नाले पर एकाउंटर किया था। राजवीर का भारत टाकीज के समीप, सिकेरा निवासी पप्पू का नसीरपुर थाना क्षेत्र के नौरंगी घाट के समीप। मनोज का नसीरपुर थाना क्षेत्र के रपड़ी के बीहड़ में तथा फतेहगढ़ की सेंट्रल जेल में जन्म लेने वाले बिल्ला मक्खनपुर थाना क्षेत्र में रेलवे रोड पर पुलिस ने एनकाउंटर करने के साथ ही अन्य बदमाशों को मार गिराया था, तब कहीं जाकर सुहागनगरी में अपहरण उद्योग को ब्रेक लगा था।