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गिट्टी से भरा ट्रॉला निर्माणाधीन पुल पर पलटा, बड़ा हादसा टला
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निर्माणाधीन पुल के पिलर पर पलटा हुआ गिट्टी से भरा ट्रॉला ।
- फोटो : FIROZABAD
शिकोहाबाद। स्टेशन रोड स्थित निर्माणाधीन नहरपुल पर गिट्टी से भरा ट्रॉला शुक्रवार सुबह पलट गया। ट्रॉला के पलटते ही निर्माण कार्य में लगे मजदूरों में चीखपुकार मच गई। गनीमत रही कि घटना से मात्र दस मिनट पहले ही मजदूर उस जगह से हटे थे।
निचली गंगा नहर के संकरे होने के कारण यहां जाम के हालात रहते हैं। स्थानीय लोगों के अथक प्रयासों से नये पुल का निर्माण शुरू हुआ। निर्माण कार्य में लापरवाही शुरू से ही चल रही है। पहले मानक बोर्ड नहीं लगाया, उसके बाद मानक के अनुरूप बालू का प्रयोग नहीं किया गया। इतना ही नहीं कार्य के दौरान भी मजदूरों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए।
शुक्रवार सुबह लापरवाही के चलते गिट्टी से भरा ट्रॉला निर्माणाधीन पिलर पर गिर पड़ा। गनीमत रही जिस समय ट्रॉला पलटा उससे दस मिनट पूर्व पिलर पर काम कर रहे मजदूर बाहर खड़े हो गए। अगर थोड़ी चूक हो जाती तो प्रशासन, ठेकेदार और कार्यदायी संस्था को जवाब देते नहीं बनता। ट्रॉला चालक अजीत खान का कहना है कि साइट इंजीनियर ने जबरन उससे गिट्टी अंदर जाकर डालने के लिए कहा।
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जब वह ट्रॉला बैक कर रहा था तभी पिलर के लिए काटी गई बारिश से भीगी हुई सड़क वजन पड़ने से धंस गई और ट्रॉला पलट गया। ट्रॉला चालक और क्लीनर ट्रॉला के केबिन का शीशा तोड़ कर बाहर निकले। इस संबंध में साइड इंजीनियर दुष्यंत कुमार ने बताया कि बारिश से मिट्टी गीली होने के कारण जमीन धंस गई। जिससे यह हादसा हुआ है।
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निचली गंगा नहर के संकरे होने के कारण यहां जाम के हालात रहते हैं। स्थानीय लोगों के अथक प्रयासों से नये पुल का निर्माण शुरू हुआ। निर्माण कार्य में लापरवाही शुरू से ही चल रही है। पहले मानक बोर्ड नहीं लगाया, उसके बाद मानक के अनुरूप बालू का प्रयोग नहीं किया गया। इतना ही नहीं कार्य के दौरान भी मजदूरों की सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए।
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शुक्रवार सुबह लापरवाही के चलते गिट्टी से भरा ट्रॉला निर्माणाधीन पिलर पर गिर पड़ा। गनीमत रही जिस समय ट्रॉला पलटा उससे दस मिनट पूर्व पिलर पर काम कर रहे मजदूर बाहर खड़े हो गए। अगर थोड़ी चूक हो जाती तो प्रशासन, ठेकेदार और कार्यदायी संस्था को जवाब देते नहीं बनता। ट्रॉला चालक अजीत खान का कहना है कि साइट इंजीनियर ने जबरन उससे गिट्टी अंदर जाकर डालने के लिए कहा।
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जब वह ट्रॉला बैक कर रहा था तभी पिलर के लिए काटी गई बारिश से भीगी हुई सड़क वजन पड़ने से धंस गई और ट्रॉला पलट गया। ट्रॉला चालक और क्लीनर ट्रॉला के केबिन का शीशा तोड़ कर बाहर निकले। इस संबंध में साइड इंजीनियर दुष्यंत कुमार ने बताया कि बारिश से मिट्टी गीली होने के कारण जमीन धंस गई। जिससे यह हादसा हुआ है।