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वाहनों पर लटक कर भाई के घर पहुंची बहनें
Firozabad
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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फीरोजाबाद। भैया दूज पर वाहनों के लिए मारामारी जैसे हालात रहे। परिवहन निगम, प्राइवेट बसें खचाखच भरकर चलीं। बसों की छतों पर सवार होकर सफर तय करने को विवश होना पड़ा। सुभाष तिराहा के साथ ही रोडवेज बस स्टेंड जलेसर एवं कोटला रोड बस स्टेंड पर इसी तरह का आलम दिखाई दिया।
भैया दूज पर भाई के तिलक करने के लिए महिलाएं तड़के से ही घरों से निकल लीं। सुबह चार बजे से बस स्टेंड पर यात्रियों की भीड़ दिखाई दी। मैनपुरी, इटावा एवं फर्रुखाबाद के लिए वाहनों की संख्या कम होने का फायदा प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने उठाया। इस दौरान बस स्टेंड पर सक्रिय पुलिस कर्मियों ने प्राइवेट बस संचालकों से सुविधा शुल्क वसूलकर खूब सवारियां भरवाई। बस संचालक सरकारी बसों की तरह बस स्टेंड के निकट बसों को लगाकर सवारियां बैठाते रहे। पुलिसकर्मी हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे। हालात यह रहे कि बसों को पूरा भरने के बाद ही रवाना किया जा रहा था। परिवहन निगम की आगरा की ओर जाने वाली बसें खाली चल रही थीं। इसकी वजह यह कि उनमें किराया अधिक था। बस स्टेंड के साथ ही सुभाष तिराहे पर डग्गेमार वाहनों का इसी तरह का आलम दिखाई दिया। यहां यूटिलिटी, मैजिक के साथ ही टेंपो संचालकों को सवारियां खोजनी नहीं पड़ रही थी। घर जाने की जल्दी के कारण सवारियां भी किराया नहीं पूछ रही थी। प्राइवेट बस संचालक सुभाष तिराहे पर ही सवारियों को उतारने के साथ ही आगे की सवारियों को बैठा रहे थे। यहां तैनात पुलिस कर्मी वाहनों को नहीं रुकने दे रहे थे।
रिक्शा ऑटो भी मिले महंगे
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। सवारियां अधिक होने के कारण रिक्शा एवं ऑटो संचालकों ने किराया बढ़ा दिया। कहीं का भी किराया पांच एवं दस रुपया से कम नहीं ले रहे थे। वहीं रिक्शा चालक सदर बाजार के बीस से 25 रुपये तक वसूल रहे थे। एक साथ सवारियां मिल जाने के कारण कइयों को पैदल ही सफर करना पड़ा।
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दरोगा ने बरसाए प्राइवेट बसों पर डंडे
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। स्थानीय रोडवेज बस स्टेंड के निकट खड़ी प्राइवेट बसों में सवारियां भरते देख और परिवहन निगम की बसें आड़ी तिरछी और खाली देख दरोगा जी का पारा काफी चढ़ गया। गाड़ी से उतरते ही प्राइवेट बसों पर उनका गुस्सा उतरा। उन्होंने डंडे मारकर सभी बसों को वहां से भगा दिया। इतना ही नहीं दरोगा जी का पारा चढ़ा देख वहां खड़े दो अन्य पुलिसकर्मी अपनी गाड़ी लेकर भाग गए। इधर दरोगाजी ने सिपाहियों को फटकार लगाई।
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भैया दूज पर भाई के तिलक करने के लिए महिलाएं तड़के से ही घरों से निकल लीं। सुबह चार बजे से बस स्टेंड पर यात्रियों की भीड़ दिखाई दी। मैनपुरी, इटावा एवं फर्रुखाबाद के लिए वाहनों की संख्या कम होने का फायदा प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने उठाया। इस दौरान बस स्टेंड पर सक्रिय पुलिस कर्मियों ने प्राइवेट बस संचालकों से सुविधा शुल्क वसूलकर खूब सवारियां भरवाई। बस संचालक सरकारी बसों की तरह बस स्टेंड के निकट बसों को लगाकर सवारियां बैठाते रहे। पुलिसकर्मी हाथ पर हाथ रखे बैठे रहे। हालात यह रहे कि बसों को पूरा भरने के बाद ही रवाना किया जा रहा था। परिवहन निगम की आगरा की ओर जाने वाली बसें खाली चल रही थीं। इसकी वजह यह कि उनमें किराया अधिक था। बस स्टेंड के साथ ही सुभाष तिराहे पर डग्गेमार वाहनों का इसी तरह का आलम दिखाई दिया। यहां यूटिलिटी, मैजिक के साथ ही टेंपो संचालकों को सवारियां खोजनी नहीं पड़ रही थी। घर जाने की जल्दी के कारण सवारियां भी किराया नहीं पूछ रही थी। प्राइवेट बस संचालक सुभाष तिराहे पर ही सवारियों को उतारने के साथ ही आगे की सवारियों को बैठा रहे थे। यहां तैनात पुलिस कर्मी वाहनों को नहीं रुकने दे रहे थे।
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रिक्शा ऑटो भी मिले महंगे
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। सवारियां अधिक होने के कारण रिक्शा एवं ऑटो संचालकों ने किराया बढ़ा दिया। कहीं का भी किराया पांच एवं दस रुपया से कम नहीं ले रहे थे। वहीं रिक्शा चालक सदर बाजार के बीस से 25 रुपये तक वसूल रहे थे। एक साथ सवारियां मिल जाने के कारण कइयों को पैदल ही सफर करना पड़ा।
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दरोगा ने बरसाए प्राइवेट बसों पर डंडे
फीरोजाबाद (ब्यूरो)। स्थानीय रोडवेज बस स्टेंड के निकट खड़ी प्राइवेट बसों में सवारियां भरते देख और परिवहन निगम की बसें आड़ी तिरछी और खाली देख दरोगा जी का पारा काफी चढ़ गया। गाड़ी से उतरते ही प्राइवेट बसों पर उनका गुस्सा उतरा। उन्होंने डंडे मारकर सभी बसों को वहां से भगा दिया। इतना ही नहीं दरोगा जी का पारा चढ़ा देख वहां खड़े दो अन्य पुलिसकर्मी अपनी गाड़ी लेकर भाग गए। इधर दरोगाजी ने सिपाहियों को फटकार लगाई।