डीजल की कमी से वर्कशॉप में ही खड़े रहे वाहन
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नगर निगम की ग्रांट में डेढ़ करोड़ से अधिक बढ़ोत्तरी होने के बावजूद व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं लौट पा रही हैं। नगर निगम शहर की सफाई, पेयजल व्यवस्था पर प्रतिदिन करीब 700-800 लीटर डीजल खर्च किया जाता है। जबकि पूर्व में प्रतिदिनि 1000-1200 लीटर डीजल आता था।
नगर आयुक्त की कमान संभालने पर पूर्व डीएम नेहा शर्मा ने डीजल की खपत कम करते हुए 800 लीटर कर दिया था। शनिवार को सुबह डीजल न होने के कारण आठ बजे तक वाहन वर्कशॉप से बाहर नहीं निकल सके। रात में शेष बचे 150 लीटर डीजल से कुछ वाहन निकले। डीजल न होने का मामला वर्कशॉप प्रभारी एक्सईएन विकास कुरील तक पहुंचा। नवदुर्गा महोत्सव में सफाई व्यवस्था को देखते हुए नगद में डीजल मंगाया गया। इसके उपरांत ही वर्कशॉप से वाहन निकल सके।
वर्कशॉप में प्रतिदिन डीजल आ रहा है। सुबह देरी से डीजल आने के कारण कुछ वाहन बाद में निकाले गए। सुबह 10 बजे वर्कशॉप से 90-95 वाहन निकाले जा चुके हैं।
विकास कुरील, एक्सईएन