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Firozabad News: संस्था को किया 50 लाख का भुगतान, आज से शुरू होगा एसटीपी
Wed, 11 Sep 2024 12:14 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Wed, 11 Sep 2024 12:14 AM IST
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फिरोजाबाद। 11 दिन से बंद 67 एमएलडी जल शोधन क्षमता वाली सोफीपुर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बुधवार से दोबारा चालू होने की उम्मीद है। जल निगम के पत्र के बाद नगर निगम ने मंगलवार को प्लांट देखरेख कर रही संस्था मैसर्स त्रिवेणी इंजनियरिंग सर्विस को करीब 50 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। बाकी हर माह करीब 22 लाख का भुगतान किये जाने का आश्वासन दिया है।
शहर से प्रतिदिन निकलने वाले गंदे पानी के निस्तारण को सोफीपुर में करीब 67 एमएलडी क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंटर प्लांट संचालित है। जन निगम द्वारा निर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की देखरेख का जिम्मा मैसर्स त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड नोएडा को दिया गया है। निर्माण कर्ता शाखा एवं नगर निगम द्वारा बीते दो साल से मरम्मत शुल्क का भुगतान नहीं किया गया है।
लगभग 8.81 करोड़ का भुगतान नहीं किये जाने के कारण संस्था ने प्लांट संचालन का काम बीते 31 अगस्त को बंद कर दिया। तभी से शहर से निकलने वाला गंदा व दूषित पानी यमुना नदी में प्रवाहित हो रहा है। यह मामला प्रकाश में आने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जल निगम और नगर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी कर जुर्माना की चेतावनी दी थी।
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पीसीबी के नोटिस जारी होने के बाद हरकत में आए जल निगम और नगर निगम में कार्यदायी संस्था के बकाया भुगतान को सहमति बन गई। नगर आयुक्त घनश्याम मीणा के मुताबिक कार्यदायी संस्था को तत्काल तौर पर 50 लाख रुपये का बकाया भुगतान कर दिया है। वहीं नगर निगम द्वारा कार्यदायी संस्था को प्रतिमाह 22 लाख रुपये रखरखाव शुल्क अदा करने का आश्वासन दिया है। ऐसे में प्लांट का संचालन बुधवार से दोबारा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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जल निगम से वार्ता के बाद नगर निगम द्वारा कार्यदायी संस्था को 50 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। बाकी हर माह 22 लाख रुपये की धनराशि राज्य वित्त की धनराशि से की जाएगी। कार्यदायी संस्था द्वारा बुधवार से प्लांट शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
घनश्याम मीणा, नगर आयुक्त
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शहर से प्रतिदिन निकलने वाले गंदे पानी के निस्तारण को सोफीपुर में करीब 67 एमएलडी क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंटर प्लांट संचालित है। जन निगम द्वारा निर्मित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की देखरेख का जिम्मा मैसर्स त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड नोएडा को दिया गया है। निर्माण कर्ता शाखा एवं नगर निगम द्वारा बीते दो साल से मरम्मत शुल्क का भुगतान नहीं किया गया है।
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लगभग 8.81 करोड़ का भुगतान नहीं किये जाने के कारण संस्था ने प्लांट संचालन का काम बीते 31 अगस्त को बंद कर दिया। तभी से शहर से निकलने वाला गंदा व दूषित पानी यमुना नदी में प्रवाहित हो रहा है। यह मामला प्रकाश में आने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जल निगम और नगर निगम को कारण बताओ नोटिस जारी कर जुर्माना की चेतावनी दी थी।
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पीसीबी के नोटिस जारी होने के बाद हरकत में आए जल निगम और नगर निगम में कार्यदायी संस्था के बकाया भुगतान को सहमति बन गई। नगर आयुक्त घनश्याम मीणा के मुताबिक कार्यदायी संस्था को तत्काल तौर पर 50 लाख रुपये का बकाया भुगतान कर दिया है। वहीं नगर निगम द्वारा कार्यदायी संस्था को प्रतिमाह 22 लाख रुपये रखरखाव शुल्क अदा करने का आश्वासन दिया है। ऐसे में प्लांट का संचालन बुधवार से दोबारा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
जल निगम से वार्ता के बाद नगर निगम द्वारा कार्यदायी संस्था को 50 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है। बाकी हर माह 22 लाख रुपये की धनराशि राज्य वित्त की धनराशि से की जाएगी। कार्यदायी संस्था द्वारा बुधवार से प्लांट शुरू कराने का आश्वासन दिया है।
घनश्याम मीणा, नगर आयुक्त