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सौ शैय्या अस्पताल में 330 मरीज भर्ती
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फिरोजाबाद ! जिला अस्पताल स्थित वार्ड नंबर चार और पांच हुए फुल
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। शासन-प्रशासन की पूरी ताकत झोंकने के बाद भी जनपद में वायरल संक्रमण और डेंकू का कमजोर नहीं हुआ है। मरीजों की तादात बढ़ने के साथ अब अस्पतालों में स्थिति बेकाबू हो रही है। मेडिकल कॉलेज के सौ शैय्या वार्ड में में बृहस्पतिवार को मरीजों की संख्या और बढ़ गई। भर्ती मरीजों की संख्या 330 के तक पहुंच गई। एक दिन में करीब 104 मरीज भर्ती हुए। अस्पताल प्रबंधन को अलग से बेंच वार्ड और गैलरी में डालनी पड़ी। एक पलंग पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। बच्चों को भर्ती कराने के लिए अस्पताल में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। इधर, अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में बना मेडिसन वार्ड में भी फुल हो चुका है।
मरीजों की प्लेटलेट्स तेजी से गिरने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों को भर्ती करना चिकित्सकों की मजबूरी बन रहा है। सौ शैय्या अस्पताल का वार्ड में क्षमता से अधिक बालरोगी भर्ती हैं। अस्पताल प्रशासन ने बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण वार्डों में पलंग के बीच में बैंच डलवाई। इसके बाद भी बच्चे भर्ती नहीं हुए तो स्लिप पर बच्चों को लेटाकर बोतल चढ़ाई। एक स्ट्रेचर पर दो-दो मरीज भर्ती किए गए।
मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण इलाज में भी आपाधापी की स्थिति बनीं रही। मरीजों का आरोप है कि स्टाफ भी समय से नहीं सुन रहा है। बच्चों को भर्ती करने के बाद ही बोतल खत्म होने से लेकर दवा का खुद ख्याल रखना पड़ रहा है। हालांकि मरीजों की संख्या बढ़ता देखकर स्वास्थ्य विभाग ने संसाधन जुटाना शुरु कर दिए हैं। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग नवनिर्मित बिल्डिंग में वार्ड शुरु कराएगा। तैयारियां तेज कर दी हैं।
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इधर, पुरानी बिल्डिंग में मेडिसन वार्ड में 18 साल से अधिक उम्र के मरीजों को भर्ती किया गया है। यह वार्ड भी वायरल बुखार और डेंगू के मरीजों से फुल हो गया है। बरामदे में पड़े अतिरिक्त पलंग भी फुल हो गए हैं। तीमारदार बरामदे में पड़े टूटे पलंग पर भी मरीज को भर्ती कराकर इलाज करा रहे हैं। स्थिति यह बन रही है कि इन वार्ड भी एक पलंग पर दो-दो मरीज लेटाने पड़ सकते हैं।
मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। वार्डों में 300 से ज्यादा मरीज भर्ती हो गए हैं। हमने बच्चों को भर्ती कराने के इंतजाम किए हैं। अतिरिक्त पलंग की व्यवस्था की है। जल्द ही नया वार्ड भी शुरु करने जा रहे हैं। स्टाफ भी पूरा सहयोग कर रहा है।
डा. संगीता अनेजा, प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज
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मरीजों की प्लेटलेट्स तेजी से गिरने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में बच्चों को भर्ती करना चिकित्सकों की मजबूरी बन रहा है। सौ शैय्या अस्पताल का वार्ड में क्षमता से अधिक बालरोगी भर्ती हैं। अस्पताल प्रशासन ने बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण वार्डों में पलंग के बीच में बैंच डलवाई। इसके बाद भी बच्चे भर्ती नहीं हुए तो स्लिप पर बच्चों को लेटाकर बोतल चढ़ाई। एक स्ट्रेचर पर दो-दो मरीज भर्ती किए गए।
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मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण इलाज में भी आपाधापी की स्थिति बनीं रही। मरीजों का आरोप है कि स्टाफ भी समय से नहीं सुन रहा है। बच्चों को भर्ती करने के बाद ही बोतल खत्म होने से लेकर दवा का खुद ख्याल रखना पड़ रहा है। हालांकि मरीजों की संख्या बढ़ता देखकर स्वास्थ्य विभाग ने संसाधन जुटाना शुरु कर दिए हैं। जल्द ही स्वास्थ्य विभाग नवनिर्मित बिल्डिंग में वार्ड शुरु कराएगा। तैयारियां तेज कर दी हैं।
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इधर, पुरानी बिल्डिंग में मेडिसन वार्ड में 18 साल से अधिक उम्र के मरीजों को भर्ती किया गया है। यह वार्ड भी वायरल बुखार और डेंगू के मरीजों से फुल हो गया है। बरामदे में पड़े अतिरिक्त पलंग भी फुल हो गए हैं। तीमारदार बरामदे में पड़े टूटे पलंग पर भी मरीज को भर्ती कराकर इलाज करा रहे हैं। स्थिति यह बन रही है कि इन वार्ड भी एक पलंग पर दो-दो मरीज लेटाने पड़ सकते हैं।
मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। वार्डों में 300 से ज्यादा मरीज भर्ती हो गए हैं। हमने बच्चों को भर्ती कराने के इंतजाम किए हैं। अतिरिक्त पलंग की व्यवस्था की है। जल्द ही नया वार्ड भी शुरु करने जा रहे हैं। स्टाफ भी पूरा सहयोग कर रहा है।
डा. संगीता अनेजा, प्राचार्य
मेडिकल कॉलेज