{"_id":"6510859483af34e9e908fca4","slug":"250-mdr-patients-one-months-medicine-purchased-for-only-30-firozabad-news-c-169-1-sagr1024-5544-2023-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: एमडीआर के 250 मरीज, 30 के लिए ही खरीदी एक माह की दवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: एमडीआर के 250 मरीज, 30 के लिए ही खरीदी एक माह की दवा
Mon, 25 Sep 2023 12:23 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 25 Sep 2023 12:23 AM IST
विज्ञापन
फिरोजाबाद। एमडीआर (मल्टी ड्रग रजिस्टेंट) टीबी मरीजों के लिए दिन अच्छे नहीं चल रहे हैं। जिले के टीबी अस्पताल सहित सभी टीबी यूनिटों पर एमडीआर टीबी की दवाओं का संकट गहरा गया है। शासन से दवाओं की सप्लाई नहीं आ रही है। डेढ़ माह बाद स्वास्थ्य विभाग ने दवाएं खरीदीं। मगर, 250 मरीजों के बजाय 30 मरीजों की ही एक माह की दवा को खरीदा। जो टीबी अस्पताल से तीन दिन में ही बंट गईं। हालत यह है कि टीबी की दवाएं बाहर भी नहीं मिल रही हैं।
जनपद में टीबी के 4200 मरीज हैं। इनमें 250 के करीब एमडीआर के हैं। पिछले दो माह से टीबी के एमडीआर मरीजों को दी जाने वाली तीन दवाओं की कमी हो गई है, जिसमें लाइंजोलिव, क्लोफाजिमिन, साइक्लोसीरिन शामिल हैं। दवाओं का संकट आने के बाद से मरीजों को अन्य दवाएं तो दी जा रही हैं, लेकिन इन तीनों दवाओं के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। डेढ़ माह बाद स्वास्थ्य विभाग दवाएं खरीदी थी। साइक्लससीरिन दवा की तो खरीद ही नहीं। मगर, 250 एमडीआर मरीजों के सापेक्ष सिर्फ 30 मरीजों के लिए दवाएं खरीदीं। जो तीन दिन में ही दवा बंट गए। शेष मरीजों की सांसे बिना दवाओं के अटक रही हैं। ऐसे में यह मरीज जिंदगी बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से उम्मीद लगाए हुए हैं।
आए दिन होता है टीबी मरीजों की जान से खिलवाड़
आए दिन टीबी मरीजों की जान से खिलवाड़ होता है। बीते एक साल तक सीबी नेट मशीन खराब पड़ी रही। इसके बाद ट्रूनेट मशीनों से जांचे करीब एक माह के लिए बंद हो गइ थी। एक्सरा भी लंबे समय तक खराब पड़ा रहा था। अब दवाओं का संकट बरकरार है। जबकि टीबी मरीजों की जान बचाने के लिए नियमित दवा की सलाह देते हैं। एमडीआर तो टीबी का सबसे खतरनाक रूप है।
विज्ञापन
- कुछ दवाएं खरीदी थी, मगर वह दवाएं वितरित हो गईं। 23 सितंबर को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक होनी थी। दवाओं की खरीद के लिए अनुमति मिलनी थी। मगर, जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के बजाय संक्रामक रोग की बैठक हुई। अब 29 को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक होगी, उसमें दवाओं की खरीद के लिए अनुमति ली जाएगी। - डा. ब्रजमोहन, जिला क्षय रोग अधिकारी फिरोजाबाद
विज्ञापन
जनपद में टीबी के 4200 मरीज हैं। इनमें 250 के करीब एमडीआर के हैं। पिछले दो माह से टीबी के एमडीआर मरीजों को दी जाने वाली तीन दवाओं की कमी हो गई है, जिसमें लाइंजोलिव, क्लोफाजिमिन, साइक्लोसीरिन शामिल हैं। दवाओं का संकट आने के बाद से मरीजों को अन्य दवाएं तो दी जा रही हैं, लेकिन इन तीनों दवाओं के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। डेढ़ माह बाद स्वास्थ्य विभाग दवाएं खरीदी थी। साइक्लससीरिन दवा की तो खरीद ही नहीं। मगर, 250 एमडीआर मरीजों के सापेक्ष सिर्फ 30 मरीजों के लिए दवाएं खरीदीं। जो तीन दिन में ही दवा बंट गए। शेष मरीजों की सांसे बिना दवाओं के अटक रही हैं। ऐसे में यह मरीज जिंदगी बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से उम्मीद लगाए हुए हैं।
विज्ञापन
आए दिन होता है टीबी मरीजों की जान से खिलवाड़
आए दिन टीबी मरीजों की जान से खिलवाड़ होता है। बीते एक साल तक सीबी नेट मशीन खराब पड़ी रही। इसके बाद ट्रूनेट मशीनों से जांचे करीब एक माह के लिए बंद हो गइ थी। एक्सरा भी लंबे समय तक खराब पड़ा रहा था। अब दवाओं का संकट बरकरार है। जबकि टीबी मरीजों की जान बचाने के लिए नियमित दवा की सलाह देते हैं। एमडीआर तो टीबी का सबसे खतरनाक रूप है।
विज्ञापन
- कुछ दवाएं खरीदी थी, मगर वह दवाएं वितरित हो गईं। 23 सितंबर को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक होनी थी। दवाओं की खरीद के लिए अनुमति मिलनी थी। मगर, जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक के बजाय संक्रामक रोग की बैठक हुई। अब 29 को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक होगी, उसमें दवाओं की खरीद के लिए अनुमति ली जाएगी। - डा. ब्रजमोहन, जिला क्षय रोग अधिकारी फिरोजाबाद