नई आबादी नगला पचिया में नहीं घूमा विकास का पहिया
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हिमांयुपुर सब्जी मंडी के समीप नई आबादी नगला पचिया को बसे करीब 15 साल हो गए। यह क्षेत्र नगर निगम की सीमा में आता है। फिर भी क्षेत्र में न तो नालियां बनी है और न ही सड़क। पानी की निकासी न होने के कारण जलभराव हो जाता है।
क्षेत्र की गलियों के साथ सड़क का भी कई बार सर्वे हो चुका है। लेकिन विकास के नाम पर एक ईंट निगम ने नहीं लगर्वाई। अवैध खनन करने वालों ने वाहनों की निकासी का यही रास्ता अपना लिया है। लोग विरोध करते है तो झगड़ा होता है।
क्षेत्रीय पार्षद और नगर निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई। लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।
राजवीर सिंह, क्षेत्रीय नागरिक
सबसे अधिक दिक्कत बरसात के दिनों में होती है। पानी की निकासी का साधन न होने के कारण मोहल्ला तालाब का रूप धारण कर लेता है।
विपिन कुमार, क्षेत्रीय नागरिक
बालू और मिट्टी खनन के ट्रैक्टर ट्राली इधर से गुजरती है। इस कारण सड़क और अधिक खराब हो गई है। मना करने पर चालक विवाद करने पर अमादा हो जाते है।
पप्पू कुमार, क्षेत्रीय नागरिक
कुछ समय पूर्व सड़क बनी थी। लेकिन आधा काम होने के कारण बनी हुई सड़क भी टूट गई है। इसके चलते परेशानी और बढ़ गई है।
नीरज, क्षेत्रीय नागरिक
पाइप लाइन तो डाल दी गई, लेकिन कनैक्शन नहीं दिए गए है। पानी की दिक्कत काफी है। कोई सुनवाई नहीं हो रही।
शांतिदेवी, क्षेत्रीय निवासी
समस्याओं के कारण लोग खुद का मकान छोड़कर किराए पर रहने को मजबूर हो रहे हैं। स्कूल खुल जाने पर बच्चे आए दिन गिरकर घायल हो जाते है।
शकुंतला देवी, क्षेत्रीय निवासी