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झोलाछापों को किराए पर जगह देना भवन स्वामी को पड़ेगा महंगा
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झोलाछापों को किराए पर जगह देना भवन स्वामी को पड़ेगा महंगा
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। झोलाछापों को क्लीनिक या हॉस्पिटल खोलने के लिए दुकान या भवन देना स्वामी को महंगा पड़ेगा। छापेमारी के दौरान पंजीकरण न मिलने पर भवन को सील कर दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी। यह आदेश मुख्य चिकित्साधिकारी ने जारी कर दिया है। इस आदेश से भवन स्वामी हैरान हैं।
जनपद में कई हॉस्पिटल, क्लीनिक एवं पैथॉलॉजी सेंटर किराये के मकान या दुकान में संचालित हो रहे हैं। अधिकांश का स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने जाता है तो संचालक अस्पताल या क्लीनिक को छोड़कर चले जाते हैं। ऐसे में किराये का भवन होने के कारण सील भी नहीं कर पाते हैं। इस प्रकार से कई चिकित्सक कार्रवाई से बच गए हैं। मगर अब स्वास्थ्य विभाग ने नया रास्ता निकाला है। आदेश दिए हैं कि भवन स्वामी किराये पर देने से पूर्व सुनिश्चित कर लें कि उक्त चिकित्सक की ओर से पंजीकरण कराया है या नहीं। नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि छापेमारी के दौरान अवैध क्लीनिक को सील किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजाबाद। झोलाछापों को क्लीनिक या हॉस्पिटल खोलने के लिए दुकान या भवन देना स्वामी को महंगा पड़ेगा। छापेमारी के दौरान पंजीकरण न मिलने पर भवन को सील कर दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी। यह आदेश मुख्य चिकित्साधिकारी ने जारी कर दिया है। इस आदेश से भवन स्वामी हैरान हैं।
जनपद में कई हॉस्पिटल, क्लीनिक एवं पैथॉलॉजी सेंटर किराये के मकान या दुकान में संचालित हो रहे हैं। अधिकांश का स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने जाता है तो संचालक अस्पताल या क्लीनिक को छोड़कर चले जाते हैं। ऐसे में किराये का भवन होने के कारण सील भी नहीं कर पाते हैं। इस प्रकार से कई चिकित्सक कार्रवाई से बच गए हैं। मगर अब स्वास्थ्य विभाग ने नया रास्ता निकाला है। आदेश दिए हैं कि भवन स्वामी किराये पर देने से पूर्व सुनिश्चित कर लें कि उक्त चिकित्सक की ओर से पंजीकरण कराया है या नहीं। नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि छापेमारी के दौरान अवैध क्लीनिक को सील किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी भवन स्वामी की होगी।
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