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या अल्लाह, अपने बंदों पर करम कर
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहपुर
Updated Thu, 07 Jul 2016 02:03 AM IST
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कजियाना मस्जिद में ईद की नमाज अदा करते रोजेदार।
- फोटो : अमर उजाला
जिले में ईद की खुशियां शिया समुदाय ने बुधवार को ही मनाई। इस समुदाय के लोगों ने अलग- अलग मस्जिदों में नमाज अदा कर अल्लाहताला से दुआएं मांगीं। नमाजियों ने मुल्क में अमन चैन के साथ भाईचारा कायम रखने की दुआएं मांगीं। नमाज के बाद एक-दूसरे के गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात रहा। इसके बाद मेहमाननवाजी का दौर चालू हुआ तो फिर चलता ही गया। मेजबान, खातिरदारी के लिए बांछे फैलाए नजर आए।
यूं तो सारे देश में ईदुल फितर का त्यौहार गुुरुवार को मनाया जाना है, लेकिन शिया समुदाय ने इरान में शिया धर्म गुरु अयातुल्लाह सीस्तानी के फतवे के बाद हिन्दुस्तान के शिया समुदाय के धर्म गुरु डॉ. कल्बे सादिक और मौलाना अहमद अली आब्दी के ईद का मंगलवार की आधी रात ऐलान किया। इस ऐलान के बाद ही शिया समुदाय ने रातोेरात ईद मनाने के इंतजामात करने चालू कर दिए। महिलाएं पकवान तैयार करने में मशगूल हो गईं तो बच्चे उनकी मदद को आगे आते रहे।
बाकरगंज किले पर मस्जिद में मौलाना सरफराज ने सुबह साढ़े सात बजे ईद की नमाज अदा कराई। बाकरगंज में ही बाकरअली खां अखना असरी मस्जिद में सुबह साढ़े आठ बजे मौलाना अमान हैदर ने ईद की नमाज अदा कराई, जबकि कजियाना की जामा मस्जिद में सुबह साढ़े नौ बजे इमाम मौलाना आबिद ने नमाज अदा कराई। शिया समुदाय ने ईदुल-फितर की इस खास नमाज में अल्लाहताला से मुल्क की तरक्की और सौहार्द बरकरार रखने की गुजारिश की।
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ईद की नमाज अदा करने के बाद जुटे शिया समुदाय के हर उम्र के शख्स ने एक दूसरे के गले लगकर मुबारकबाद दी। महिलाओं ने घरों में ईद की मुबारकबाद पेश की। मोबाइल के जरिय ईद मुबारक अम्मी जान, हैप्पी ईद अब्बू के संदेश फारवर्ड होने लगे। व्हाट्सअप से लेकर फेस बुक में ईद की खुशियां बिखरने लगीं। लोग एक चौखट से दूसरी चौखट पहुंचकर मेहमाननवाजी का लुत्फ लेते रहे। मेजबानों ने भी खातिरदारी मेें किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी। सूत फेनी और सेवई के लजीज स्वाद से मेहमानों का इस्तकबाल किया।
आज सुबह साढ़े आठ बजे नमाज- फतेहपुर। ईदुल-फितर की नमाज गुरुवार को ईदगाह समेत छोड़ी-बड़ी मस्जिदों में पढ़ी जाएगी। बुधवार को मस्जिदों को इबादत के लिए तैयार किया जाता रहा। नगर पालिका का सफाई दस्ता ईदगाह को तैयार करने में जुटा रहा। उधर, शाम ढलने के साथ सुन्नी समुदाय की निगाहें चांद के दीदार को टिक गईं। शाम से पहले कुुछ देर के लिए बरसात शुरू हाने से इस समुदाय के लोग शाम ढलने के साथ मोबाइल से दूसरे शहरों में रहने वाले जानकारों से चांद तस्दीक होने की जानकारी लेते रहे।
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यूं तो सारे देश में ईदुल फितर का त्यौहार गुुरुवार को मनाया जाना है, लेकिन शिया समुदाय ने इरान में शिया धर्म गुरु अयातुल्लाह सीस्तानी के फतवे के बाद हिन्दुस्तान के शिया समुदाय के धर्म गुरु डॉ. कल्बे सादिक और मौलाना अहमद अली आब्दी के ईद का मंगलवार की आधी रात ऐलान किया। इस ऐलान के बाद ही शिया समुदाय ने रातोेरात ईद मनाने के इंतजामात करने चालू कर दिए। महिलाएं पकवान तैयार करने में मशगूल हो गईं तो बच्चे उनकी मदद को आगे आते रहे।
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बाकरगंज किले पर मस्जिद में मौलाना सरफराज ने सुबह साढ़े सात बजे ईद की नमाज अदा कराई। बाकरगंज में ही बाकरअली खां अखना असरी मस्जिद में सुबह साढ़े आठ बजे मौलाना अमान हैदर ने ईद की नमाज अदा कराई, जबकि कजियाना की जामा मस्जिद में सुबह साढ़े नौ बजे इमाम मौलाना आबिद ने नमाज अदा कराई। शिया समुदाय ने ईदुल-फितर की इस खास नमाज में अल्लाहताला से मुल्क की तरक्की और सौहार्द बरकरार रखने की गुजारिश की।
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ईद की नमाज अदा करने के बाद जुटे शिया समुदाय के हर उम्र के शख्स ने एक दूसरे के गले लगकर मुबारकबाद दी। महिलाओं ने घरों में ईद की मुबारकबाद पेश की। मोबाइल के जरिय ईद मुबारक अम्मी जान, हैप्पी ईद अब्बू के संदेश फारवर्ड होने लगे। व्हाट्सअप से लेकर फेस बुक में ईद की खुशियां बिखरने लगीं। लोग एक चौखट से दूसरी चौखट पहुंचकर मेहमाननवाजी का लुत्फ लेते रहे। मेजबानों ने भी खातिरदारी मेें किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी। सूत फेनी और सेवई के लजीज स्वाद से मेहमानों का इस्तकबाल किया।
आज सुबह साढ़े आठ बजे नमाज- फतेहपुर। ईदुल-फितर की नमाज गुरुवार को ईदगाह समेत छोड़ी-बड़ी मस्जिदों में पढ़ी जाएगी। बुधवार को मस्जिदों को इबादत के लिए तैयार किया जाता रहा। नगर पालिका का सफाई दस्ता ईदगाह को तैयार करने में जुटा रहा। उधर, शाम ढलने के साथ सुन्नी समुदाय की निगाहें चांद के दीदार को टिक गईं। शाम से पहले कुुछ देर के लिए बरसात शुरू हाने से इस समुदाय के लोग शाम ढलने के साथ मोबाइल से दूसरे शहरों में रहने वाले जानकारों से चांद तस्दीक होने की जानकारी लेते रहे।