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नहीं जमा हुए बिजली बिल, पंजीकरण भी रहा ठप
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फतेहपुर। बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भविष्य निधि सुरक्षा की मांग को लेकर दूसरे दिन भी कार्य बहिष्कार पर रहे। बिजली के बकाया बिल नहीं जमा हुए, बकायेदारों का पंजीकरण भी ठप रहा। जिससे विभाग का लाखों रुपये का राजस्व फंस गया है। अधिशासी अभियंता व उपखंड अधिकारी के कार्यालय में पंजीकरण कराने आए बकायेदारों को लौटना पड़ा। हालांकि अवर अभियंता व संविदा कर्मी काम पर रहे। इससे बिजली सप्लाई पर विशेष फर्क नहीं पड़ा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में अधिकारी व कर्मचारियों ने आबूनगर के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में दूसरे दिन धरना-प्रदर्शन किया। अधिशासी अभियंता आरएन सिंह ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई को जीपीएफ, सीपीएफ की धनराशि को गलत जगह निवेश किया गया। उनके पास इसका कोई रिकार्ड भी नहीं है। हमारी सरकार से मांग हैं कि जीपीएफ, सीपीएफ धनराशि की जिम्मेदारी सरकार लिखित रूप से ले। तभी यह आंदोलन समाप्त होगा। समिति के संयोजक उमाकांत अग्रिहोत्री ने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी पूरे सेवाकाल में जीपीएफ, सीपीएफ से धनराशि को बचा कर अपने बुढ़ापे और बच्चों के लिए रखता है। इस सरकार के लोगों ने धनराशि का बंदरबांट कर दिया। अधीक्षण अभियंता आनंद प्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार जब तक जीपीएफ, सीपीएफ की जिम्मेदारी नहीं लेगी। यह धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस मौके पर अध्यक्ष धीरेंद्र यादव, अधिशासी अभियंता मेघ सिंह, अम्रेंदु सिंह, वाईके सिंह, चंद्रेश रायजादा, दीप नारायण, सुरेश मौर्य, बुद्धराज, कमल पांडेय, लवकुश मौर्य, पंकज तिवारी, ज्ञानेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, रामनरेश, राजेश, अजीत सोनी, मदन गोपाल, पवन, कुमार, जयदीप, गुलाब, विनय कुमार शुक्ला, अरविंद सिंह, राजू साहू, अनिल कुमार, गजेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के नेतृत्व में अधिकारी व कर्मचारियों ने आबूनगर के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में दूसरे दिन धरना-प्रदर्शन किया। अधिशासी अभियंता आरएन सिंह ने कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की गाढ़ी कमाई को जीपीएफ, सीपीएफ की धनराशि को गलत जगह निवेश किया गया। उनके पास इसका कोई रिकार्ड भी नहीं है। हमारी सरकार से मांग हैं कि जीपीएफ, सीपीएफ धनराशि की जिम्मेदारी सरकार लिखित रूप से ले। तभी यह आंदोलन समाप्त होगा। समिति के संयोजक उमाकांत अग्रिहोत्री ने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी पूरे सेवाकाल में जीपीएफ, सीपीएफ से धनराशि को बचा कर अपने बुढ़ापे और बच्चों के लिए रखता है। इस सरकार के लोगों ने धनराशि का बंदरबांट कर दिया। अधीक्षण अभियंता आनंद प्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार जब तक जीपीएफ, सीपीएफ की जिम्मेदारी नहीं लेगी। यह धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।
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इस मौके पर अध्यक्ष धीरेंद्र यादव, अधिशासी अभियंता मेघ सिंह, अम्रेंदु सिंह, वाईके सिंह, चंद्रेश रायजादा, दीप नारायण, सुरेश मौर्य, बुद्धराज, कमल पांडेय, लवकुश मौर्य, पंकज तिवारी, ज्ञानेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार, रामनरेश, राजेश, अजीत सोनी, मदन गोपाल, पवन, कुमार, जयदीप, गुलाब, विनय कुमार शुक्ला, अरविंद सिंह, राजू साहू, अनिल कुमार, गजेंद्र सिंह मौजूद रहे।
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