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बैंक में केवाईसी अपडेट होने पर मिलेगा पीएमएमवीवाई का लाभ
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फतेहपुर। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) के लाभार्थियों का बैंक में केवाईसी अपडेट नहीं है तो करा लें। बैंक से मिले नए आईएफएससी कोड को स्वास्थ्य विभाग में दर्ज करा दें। ताकि भुगतान समय पर किया जा सके। यह जानकारी सीएमओ डॉ. राजेंद्र सिंह ने दी।
सीएमओ ने बताया कि पिछले दिनों कुछ राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय हुआ है। इस कारण बैंकों के आईएफएससी कोड (भारतीय वित्तीय प्रणाली संहिता) बदल गए हैं। इस वजह से लाभार्थियों को भुगतान संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए केवाईसी (नो योर कस्टमर) करा लें और नए आईएफएससी कोड की जानकारी स्वास्थ्य विभाग में दर्ज करा दें, इससे उनका जल्द भुगतान किया जा सके।
योजना के जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को पोषण के लिए पांच हजार रुपये का लाभ तीन किश्तों में दिया जाता है।
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पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती को पहली किश्त में एक हजार रुपये मिलते हैं। गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में दो हजार रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किश्त में दो हजार रुपये दिए जाते हैं।
योजना के तहत जनवरी 2017 से अब तक (24 अगस्त) 47450 लाभार्थियों को करीब 17 करोड़ 21 लाख 15 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है। शासन की ओर से पहली बार मां बनने वाली करीब 52 हजार महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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सीएमओ ने बताया कि पिछले दिनों कुछ राष्ट्रीयकृत बैंकों का विलय हुआ है। इस कारण बैंकों के आईएफएससी कोड (भारतीय वित्तीय प्रणाली संहिता) बदल गए हैं। इस वजह से लाभार्थियों को भुगतान संबंधी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए केवाईसी (नो योर कस्टमर) करा लें और नए आईएफएससी कोड की जानकारी स्वास्थ्य विभाग में दर्ज करा दें, इससे उनका जल्द भुगतान किया जा सके।
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योजना के जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को पोषण के लिए पांच हजार रुपये का लाभ तीन किश्तों में दिया जाता है।
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पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती को पहली किश्त में एक हजार रुपये मिलते हैं। गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में दो हजार रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किश्त में दो हजार रुपये दिए जाते हैं।
योजना के तहत जनवरी 2017 से अब तक (24 अगस्त) 47450 लाभार्थियों को करीब 17 करोड़ 21 लाख 15 हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है। शासन की ओर से पहली बार मां बनने वाली करीब 52 हजार महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।