{"_id":"6a5a7e3ac20ac06d0e05fafa","slug":"waterlogging-on-main-road-causes-increased-trouble-authorities-oblivious-fatehpur-news-c-217-1-sknp1021-158755-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"नीट-यूजी : मेहनत से लहराया मेधा का परचम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीट-यूजी : मेहनत से लहराया मेधा का परचम
विज्ञापन
फोटो-15-खुशी। संवाद
फतेहपुर। कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति अटूट समर्पण का परिणाम एक बार फिर नीट-यूजी 2026 के परिणाम में देखने को मिला। जिले के मेधावी विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर न केवल परिवार बल्कि पूरे जनपद का गौरव बढ़ाया है। कई छात्रों ने एमबीबीएस में प्रवेश सुनिश्चित किया। वहीं अन्य ने शानदार रैंक और परसेंटाइल हासिल कर प्रतिभा का लोहा मनवाया। सफल विद्यार्थियों ने उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, गुरुजन और मेहनत को दिया।
हसवा ब्लॉक के एकारी गांव निवासी अवधेश साहू की बेटी खुशी साहू ने 99.58 परसेंटाइल अंक प्राप्त कर विशेष उपलब्धि हासिल की। वहीं चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल, बिंदकी के छात्र पीयूष राजन ने 96 परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया रैंक 3059 प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 2025-26 की इंटरमीडिएट परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक हासिल कर जनपद टॉप किया था।
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. नितिन तिवारी ने इसे विद्यालय और जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। पीयूष के पिता नरेश कुमार राजन दयानंद इंटर कॉलेज में अध्यापक हैं। मां अल्पना राजन गृहिणी हैं।
विज्ञापन
अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में प्रोफेसर पद पर तैनात सर्जन डॉ. नरेश विशाल के पुत्र रिषी विशाल ने नीट-2026 में ऑल इंडिया रैंक 1,01,996 प्राप्त की। डॉ. नरेश विशाल ने बताया कि रिषी का लक्ष्य उत्कृष्ट चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करना है।
शहर के रेलबाजार निवासी नागेंद्र वर्मा और अनीता वर्मा के पुत्र श्रेष्ठ वर्मा ने नीट-यूजी में 9960वीं रैंक हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया। उनकी सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है।
वहीं खागा और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। धाता ब्लॉक के सलेमपुर निवासी किसान रमाशंकर मिश्र के बेटे प्रियांशू मिश्र ने 608 अंक और ऑल इंडिया रैंक 7794 हासिल कर एमबीबीएस में सीट सुनिश्चित की। वर्ष 2025 में भी उन्होंने नीट क्वालीफाई किया था। कम अंक मिलने से केवल बीडीएस मिल रहा था। इस बार बेहतर प्रदर्शन कर उन्होंने अपना लक्ष्य हासिल किया।
हरदो निवासी दिवंगत फार्मासिस्ट कामता प्रसाद मिश्र के बेटे अभिजीत मिश्र ने दूसरे प्रयास में 595 अंक प्राप्त कर एमबीबीएस में प्रवेश का रास्ता बनाया। उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई सेंट मैरीज इंटर कॉलेज, खागा से पूरी की और घर से ऑनलाइन कोचिंग कर तैयारी की। पहले प्रयास में असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उनकी सफलता पर मां रमता देवी, दादी ममता देवी, छोटे भाई अंशुमान मिश्र और चाचा गुड्डू मिश्र ने खुशी जताई।
खागा निवासी बर्तन कारोबारी उमेश गुप्त की बेटी आशी कौशल ने 589 अंक हासिल कर सफलता प्राप्त की। इंटर तक की शिक्षा एपीएस इंटरनेशनल कॉलेज से पूरी करने के बाद उन्होंने कोटा (राजस्थान) में रहकर तैयारी की। दो बार असफल होने के बावजूद तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। उनकी मां आरती देवी गृहिणी हैं।
खागा के जनहितकारी इंटर कॉलेज के शिक्षक शिवप्रकाश चौधरी की पुत्री शिक्षा चौधरी ने भी नीट में सफलता हासिल कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया। शिक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और नियमित अध्ययन को दिया। शिवप्रकाश चौधरी ने बताया कि शिक्षा शुरू से ही मेधावी रही है।
खागा के चौडाखेर निवासी दिवंगत मनोज मिश्रा की बेटी आदिति मिश्रा ने पहले ही प्रयास में 551 अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की। इंटर तक की शिक्षा सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज, शहजादपुर, खागा से प्राप्त करने वाली आदिति ने दिवंगत पिता का डॉक्टर बनाने का सपना साकार किया।
विकासखंड ऐरायां के करहा गांव निवासी दिनेश सिंह के पुत्र आदित्य सिंह यादव ने 720 में से 599 अंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया। हाईस्कूल की शिक्षा सेंट मैरी इंटर कॉलेज, खागा से पूरी करने के बाद उन्होंने प्रयागराज में रहकर नीट की तैयारी की।
आदित्य ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर अध्ययन, अनुशासन और कठिन परिश्रम को दिया। उन्होंने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। मेरा सपना एक अच्छा डॉक्टर बनकर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं देना है। उनकी इस उपलब्धि पर परिजन और शिक्षकों ने बधाई दी।
विज्ञापन
हसवा ब्लॉक के एकारी गांव निवासी अवधेश साहू की बेटी खुशी साहू ने 99.58 परसेंटाइल अंक प्राप्त कर विशेष उपलब्धि हासिल की। वहीं चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल, बिंदकी के छात्र पीयूष राजन ने 96 परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया रैंक 3059 प्राप्त की। उन्होंने वर्ष 2025-26 की इंटरमीडिएट परीक्षा में 98 प्रतिशत अंक हासिल कर जनपद टॉप किया था।
विज्ञापन
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. नितिन तिवारी ने इसे विद्यालय और जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। पीयूष के पिता नरेश कुमार राजन दयानंद इंटर कॉलेज में अध्यापक हैं। मां अल्पना राजन गृहिणी हैं।
विज्ञापन
अमर शहीद जोधा सिंह अटैया ठाकुर दरियाव सिंह चिकित्सा महाविद्यालय में प्रोफेसर पद पर तैनात सर्जन डॉ. नरेश विशाल के पुत्र रिषी विशाल ने नीट-2026 में ऑल इंडिया रैंक 1,01,996 प्राप्त की। डॉ. नरेश विशाल ने बताया कि रिषी का लक्ष्य उत्कृष्ट चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करना है।
शहर के रेलबाजार निवासी नागेंद्र वर्मा और अनीता वर्मा के पुत्र श्रेष्ठ वर्मा ने नीट-यूजी में 9960वीं रैंक हासिल कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया। उनकी सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है।
वहीं खागा और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। धाता ब्लॉक के सलेमपुर निवासी किसान रमाशंकर मिश्र के बेटे प्रियांशू मिश्र ने 608 अंक और ऑल इंडिया रैंक 7794 हासिल कर एमबीबीएस में सीट सुनिश्चित की। वर्ष 2025 में भी उन्होंने नीट क्वालीफाई किया था। कम अंक मिलने से केवल बीडीएस मिल रहा था। इस बार बेहतर प्रदर्शन कर उन्होंने अपना लक्ष्य हासिल किया।
हरदो निवासी दिवंगत फार्मासिस्ट कामता प्रसाद मिश्र के बेटे अभिजीत मिश्र ने दूसरे प्रयास में 595 अंक प्राप्त कर एमबीबीएस में प्रवेश का रास्ता बनाया। उन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई सेंट मैरीज इंटर कॉलेज, खागा से पूरी की और घर से ऑनलाइन कोचिंग कर तैयारी की। पहले प्रयास में असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उनकी सफलता पर मां रमता देवी, दादी ममता देवी, छोटे भाई अंशुमान मिश्र और चाचा गुड्डू मिश्र ने खुशी जताई।
खागा निवासी बर्तन कारोबारी उमेश गुप्त की बेटी आशी कौशल ने 589 अंक हासिल कर सफलता प्राप्त की। इंटर तक की शिक्षा एपीएस इंटरनेशनल कॉलेज से पूरी करने के बाद उन्होंने कोटा (राजस्थान) में रहकर तैयारी की। दो बार असफल होने के बावजूद तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की। उनकी मां आरती देवी गृहिणी हैं।
खागा के जनहितकारी इंटर कॉलेज के शिक्षक शिवप्रकाश चौधरी की पुत्री शिक्षा चौधरी ने भी नीट में सफलता हासिल कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया। शिक्षा ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और नियमित अध्ययन को दिया। शिवप्रकाश चौधरी ने बताया कि शिक्षा शुरू से ही मेधावी रही है।
खागा के चौडाखेर निवासी दिवंगत मनोज मिश्रा की बेटी आदिति मिश्रा ने पहले ही प्रयास में 551 अंक प्राप्त कर सफलता हासिल की। इंटर तक की शिक्षा सरस्वती बाल मंदिर इंटर कॉलेज, शहजादपुर, खागा से प्राप्त करने वाली आदिति ने दिवंगत पिता का डॉक्टर बनाने का सपना साकार किया।
विकासखंड ऐरायां के करहा गांव निवासी दिनेश सिंह के पुत्र आदित्य सिंह यादव ने 720 में से 599 अंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया। हाईस्कूल की शिक्षा सेंट मैरी इंटर कॉलेज, खागा से पूरी करने के बाद उन्होंने प्रयागराज में रहकर नीट की तैयारी की।
आदित्य ने अपनी सफलता का श्रेय निरंतर अध्ययन, अनुशासन और कठिन परिश्रम को दिया। उन्होंने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। मेरा सपना एक अच्छा डॉक्टर बनकर ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाएं देना है। उनकी इस उपलब्धि पर परिजन और शिक्षकों ने बधाई दी।

फोटो-15-खुशी। संवाद

फोटो-15-खुशी। संवाद

फोटो-15-खुशी। संवाद

फोटो-15-खुशी। संवाद

फोटो-15-खुशी। संवाद

फोटो-15-खुशी। संवाद

फोटो-15-खुशी। संवाद

फोटो-15-खुशी। संवाद

फोटो-15-खुशी। संवाद

फोटो-15-खुशी। संवाद