{"_id":"66e4b256216103423301f834","slug":"villagers-troubled-by-monkey-terror-fatehpur-news-c-217-1-sknp1021-121218-2024-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehpur News: बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehpur News: बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान
विज्ञापन
औंग। थाना क्षेत्र के 15 गांवों में बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। हर गांव में सैंकड़ों की संख्या में बंदर मौजूद हैं। पलक झपकते ही घर में घुसकर कपड़े व अन्य सामान उठा ले जाते हैं। झुंड के झुंड बंदर लोगों को काटने के लिए दौड़ते हैं।
बंदरों की वजह से लोगों ने अपने घर की छतों पर जालियां लगवा रखी हैं। अक्सर लोग अपने घर के आंगन में ही कपड़े सुखाते हैं। बंदरों के आतंक से बच्चों का बचपन घर में कैद हो गया है। गोधरौली, औंग, बैला पुरवा, बनियन खेड़ा लोधनपुरवा, रामपुर, गंगचौली खुर्द, गंगचौली बुजुर्ग, खदरा, रानीपुर, मानिकपुर, शिवराजपुर, विकमपुर, थानपुर अन्य गांव में झुंड के झुंड बंदर आतंक का पर्याय बने हैं। बिंदकी रेंज के वन दरोगा श्रवण शुक्ला ने बताया कि विभाग के पास कोई बजट नहीं है। इस हालत में बंदरों को पकड़ने के लिए मथुरा से टीम बुलाई जाती रही है। सभी ग्रामीण एकत्रित होकर बंदरों को जंगलों की तरफ भगा दें।
विज्ञापन
बंदरों की वजह से लोगों ने अपने घर की छतों पर जालियां लगवा रखी हैं। अक्सर लोग अपने घर के आंगन में ही कपड़े सुखाते हैं। बंदरों के आतंक से बच्चों का बचपन घर में कैद हो गया है। गोधरौली, औंग, बैला पुरवा, बनियन खेड़ा लोधनपुरवा, रामपुर, गंगचौली खुर्द, गंगचौली बुजुर्ग, खदरा, रानीपुर, मानिकपुर, शिवराजपुर, विकमपुर, थानपुर अन्य गांव में झुंड के झुंड बंदर आतंक का पर्याय बने हैं। बिंदकी रेंज के वन दरोगा श्रवण शुक्ला ने बताया कि विभाग के पास कोई बजट नहीं है। इस हालत में बंदरों को पकड़ने के लिए मथुरा से टीम बुलाई जाती रही है। सभी ग्रामीण एकत्रित होकर बंदरों को जंगलों की तरफ भगा दें।
विज्ञापन