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बलदाऊ की मूर्ति से पता चलेगी चोरी मूर्तियों की धातु
अमर उजाला ब्यूरो फतेहपुर
Updated Sat, 24 Dec 2016 11:45 PM IST
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पुरोहित परिवार के मंदिर में बलदाऊ की मूर्ति।
- फोटो : अमर उजाला
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बुढ़वा गांव मेें राधा कृष्ण की चोरी मूर्ति का सुराग पुलिस नहीं लगा सकी है। गांव में मूर्तियों की स्थापना के वक्तआई एक तीसरी मूर्ति होने का खुलासा हुआ है। यह भगवान कृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ की मूर्ति है। यह हिंदू समाज की पर्दा प्रथा टूटने के डर से दूसरे मंदिर में स्थापित की गई थी।
पुलिस को पुरोहित बलराम चतुर्वेदी ने बताया उनके बुजुर्गों ने राधाकृष्ण की मूर्ति की स्थापना कराई थी। राधा कृष्ण के साथ बलदाऊ जी की मूर्ति आई थी। एक साथ राम लक्ष्मण सीता के मंदिरों की तरह ही बलदाऊ राधा कृष्ण की मूर्तियां स्थापित कराई जानी थी। तभी ब्राह्मणों के मन में उस वक्त विचार आया कि कृष्ण के बलदाऊ बड़े भाई हैं। हिंदू समाज में बड़े भाई का पर्दा होता है।
इसी वजह से राधा कृष्ण की मंदिरों में बलदाऊ की मूर्ति नहीं लगाई गई। एसएचओ अनिल रॉय ने बताया कि बलदाऊ की मूर्ति से चोरी गई राधा व कृष्ण की मूर्ति की धातु का पता चल जाएगा।
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पुलिस को पुरोहित बलराम चतुर्वेदी ने बताया उनके बुजुर्गों ने राधाकृष्ण की मूर्ति की स्थापना कराई थी। राधा कृष्ण के साथ बलदाऊ जी की मूर्ति आई थी। एक साथ राम लक्ष्मण सीता के मंदिरों की तरह ही बलदाऊ राधा कृष्ण की मूर्तियां स्थापित कराई जानी थी। तभी ब्राह्मणों के मन में उस वक्त विचार आया कि कृष्ण के बलदाऊ बड़े भाई हैं। हिंदू समाज में बड़े भाई का पर्दा होता है।
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इसी वजह से राधा कृष्ण की मंदिरों में बलदाऊ की मूर्ति नहीं लगाई गई। एसएचओ अनिल रॉय ने बताया कि बलदाऊ की मूर्ति से चोरी गई राधा व कृष्ण की मूर्ति की धातु का पता चल जाएगा।
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