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यूपी: फतेहपुर में खजाने के लालच में शिव मंदिर के नीचे खोदी सुरंग, हजार साल प्राचीन होने का अनुमान
Thu, 18 Feb 2021 10:18 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Thu, 18 Feb 2021 10:18 PM IST
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खजाने की लालच में शिव मंदिर के नीचे खोदी सुरंग
- फोटो : amar ujala
फतेहपुर में किशनपुर के एकडला गांव में यमुना किनारे स्थित प्राचीन शिव मंदिर में किसी ने सुरंग खोद डाली। यह सुरंग खजाने के लालच में खोदी गई। गुरुवार शाम को जब चरवाहे मंदिर के नजदीक गए तो उन्हें सुरंग के बारे में पता चला।
मुगल शासक अकबर के दरबार में नौ रत्नों में से एक रहे बीरबल का ननिहाल एकडला गांव है। ऐसे में यहां मुगल कालीन छोटे-बड़े मंदिर बने हुए हैं। मंदिर के नीचे हमेशा खजाना होने की चर्चाएं होती रहती हैं। ऐसे में बंजारों की नजर मंदिरों पर रहती है। इसी खजाने के लालच में बुधवार की रात किसी ने शिव मंदिर के नीचे सुरंग खोद डाली।
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मुगल शासक अकबर के दरबार में नौ रत्नों में से एक रहे बीरबल का ननिहाल एकडला गांव है। ऐसे में यहां मुगल कालीन छोटे-बड़े मंदिर बने हुए हैं। मंदिर के नीचे हमेशा खजाना होने की चर्चाएं होती रहती हैं। ऐसे में बंजारों की नजर मंदिरों पर रहती है। इसी खजाने के लालच में बुधवार की रात किसी ने शिव मंदिर के नीचे सुरंग खोद डाली।
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गांव के जयकांत सिंह ने बताया कि मंदिर के नीचे करीब 10 से 12 फीट लंबी सुरंग खोदी गई है। आठ साल पहले अक्तूबर 2012 में दीवार क्षतिग्रस्त करके एक सुरंग खोदी गई थी। एसओ किशनपुर पंधारी सरोज ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए जानकारी हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी।
हजार साल पुराना मंदिर होने का अनुमान
एकडला गांव में यमुना नदी के किनारे स्थित शिव मंदिर करीब एक हजार साल पुराना बताया जा रहा है। एकडला निवासी व पंचदेव यमुना नदी मित्र समिति के सचिव जयकांत सिंह बताते हैं कि करीब आठ साल पहले मंदिर में इसी तरह सुरंग बनाई गई थी।
उसी समय मंदिर के किनारे लोगों को कुछ प्राचीन सिक्के मिले थे। जब इन सिक्कों को जांच लिए ले जाया गया तो पाया गया कि यह हजार से 1200 साल पुराने सिक्के हैं। अनुमान के अनुसार ही यह मंदिर भी उतना ही पुराना है। शिवलिंग कसौटी के पत्थर से बना हुआ है। यह पत्थर ही अपने आप में दुर्लभ होता है।
हजार साल पुराना मंदिर होने का अनुमान
एकडला गांव में यमुना नदी के किनारे स्थित शिव मंदिर करीब एक हजार साल पुराना बताया जा रहा है। एकडला निवासी व पंचदेव यमुना नदी मित्र समिति के सचिव जयकांत सिंह बताते हैं कि करीब आठ साल पहले मंदिर में इसी तरह सुरंग बनाई गई थी।
उसी समय मंदिर के किनारे लोगों को कुछ प्राचीन सिक्के मिले थे। जब इन सिक्कों को जांच लिए ले जाया गया तो पाया गया कि यह हजार से 1200 साल पुराने सिक्के हैं। अनुमान के अनुसार ही यह मंदिर भी उतना ही पुराना है। शिवलिंग कसौटी के पत्थर से बना हुआ है। यह पत्थर ही अपने आप में दुर्लभ होता है।