{"_id":"601c36e8348be73cf675d579","slug":"up-life-imprisonment-for-father-grandparents-on-the-testimony-of-son-in-fatehpur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: फतेहपुर में बेटेे की गवाही पर पिता, दादा-दादी को उम्रकैद, सुनाई मां पर जुल्म कर हत्या की दास्तां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: फतेहपुर में बेटेे की गवाही पर पिता, दादा-दादी को उम्रकैद, सुनाई मां पर जुल्म कर हत्या की दास्तां
Fri, 05 Feb 2021 12:57 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 05 Feb 2021 12:57 AM IST
विज्ञापन
जेल
- फोटो : पिक्साबे
फतेहपुर में मां की गला घोटकर हत्या के मामले में बेटे की गवाही पर फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) के न्यायाधीश ने पिता और दादा-दादी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।साथ ही तीनों पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
गाजीपुर थानाक्षेत्र के मलाका गांव निवासी महेश कुमार ने अपनी बहन विमला की शादी वर्ष 2000 में बरुहा गांव के रमाकांत के साथ की थी। रमाकांत कानपुर में प्राइवेट नौकरी करता था। वहां उसके संबंध किसी अन्य महिला से हो गए।
विज्ञापन
गाजीपुर थानाक्षेत्र के मलाका गांव निवासी महेश कुमार ने अपनी बहन विमला की शादी वर्ष 2000 में बरुहा गांव के रमाकांत के साथ की थी। रमाकांत कानपुर में प्राइवेट नौकरी करता था। वहां उसके संबंध किसी अन्य महिला से हो गए।
विज्ञापन
इसकी जानकारी पर विमला ने आपत्ति जताई, तो रमाकांत उसे आए दिन मारने पीटने लगा। 5 अक्तूबर 2014 की रात 11 बजे रमाकांत ने अपने पिता मोतीलाल और मां गोविंदी के साथ मिलकर विमला को जमकर पीटा और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
मां पर हो रहे इस जुल्म को उनका आठ साल का बेटा लवलेश देखता रहा। घटना के बाद मृतका के भाई महेश कुमार ने 7 अक्तूबर 2014 को बहनोई व उसके माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस के चार्जशीट लगाने के बाद से मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में चल रहा था।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव व अजीत सिंह राठौर ने बताया कि घटना से संबंधित साक्ष्य और लवलेश की गवाही कोर्ट में हुई। इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम लाल बाबू यादव ने तीनों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट का फैसला आने के बाद तीनों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
मां पर हो रहे इस जुल्म को उनका आठ साल का बेटा लवलेश देखता रहा। घटना के बाद मृतका के भाई महेश कुमार ने 7 अक्तूबर 2014 को बहनोई व उसके माता-पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस के चार्जशीट लगाने के बाद से मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में चल रहा था।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रहस बिहारी श्रीवास्तव व अजीत सिंह राठौर ने बताया कि घटना से संबंधित साक्ष्य और लवलेश की गवाही कोर्ट में हुई। इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम लाल बाबू यादव ने तीनों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट का फैसला आने के बाद तीनों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।