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आज बांधेंगी बहनें भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र

Thu, 18 Aug 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर
ब्यूरो अमर उजाला, फतेहपुर Updated Thu, 18 Aug 2016 01:53 AM IST
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Today, brothers, sisters tie the sacred thread on the wrist of protecting
भाई के लिए राखी खरीदती बहनें। - फोटो : अमर उजाला
श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाए जाने वाला भाई-बहन  के अटूट रिश्ते का प्रतीक त्योहार रक्षाबंधन पर्व गुरुवार 18 अगस्त को मनाया जाएगा। त्योहार की तैयारियां पूरी हो गई हैं।
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चौक बाजार में दस से लेकर 300 रुपये तक की राखियां लगी रही, जिनकी बहनों ने खरीददारी की। सबसे ज्यादा बहनें भाइयों के लिए जरकन की नग वाली राखियां खरीदीं। जरकन के नग वाली राखी 100 से 150 और 200 रुपये तक है। इसी प्रकार बच्चों को माई फ्रेंड गणेशा, डोरेमान, छोटा भीम, कृष्णा की राखियां खास पसंद रही हैं।
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इसी प्रकार कलक्टरगंज, पटेलनगर, देवीगंज, पत्थरकटा, बाकरगंज पक्का तालाब आदि इलाकों में राखियों की दुकानों में बहनें राखी खरीदती नजर आईं। चौक में राखी बेच रहे दुकानदार ऋतुराज श्रीवास्तव ने बताया कि सबसे ज्यादा जरकन नग वाली राखी बिक रही हैं। इसके अलावा रेशमी धागों की मांग है। दुकानदार विनोद सिंह ने बताया कि कानपुर और दिल्ली से राखियों का कलेक्शन लेकर आए हैं।
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तीन बजे से पहले राखी बांधना उचित होगा- फतेहपुर। आचार्य पंडित दुर्गादत्त शास्त्री एवं आचार्य पंडित कृष्ण दत्त अवस्थी ने बताया कि 18 अगस्त को दोपहर तीन बजे के पहले ही राखी बांधना सही रहेगा, क्योंकि उसके बाद पूर्णिमा का मान समाप्त हो जाएगा।


पूर्णिमा का मान समाप्त होते ही परेवा लग जाएगी। 17 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 45 बजे से श्रावण पूर्णिमा का मान लग गया है, जो 18 अगस्त को दोपहर 3.01 बजे तक रहेगा। 18 को उदया तिथि में पूर्णिमा का मान मिलने से इसी दिन राखी बांधना उत्तम है। वैसे सूर्यास्त तक भी राखी बांधी जा सकती है।




पूजा की थाली में ये सात चीजें हैं महत्वपूर्ण -- सभी बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधने से पहले एक विशेष थाली सजाती हैं। इस थाली में कुमकुम, चावल, नारियल, रक्षा सूत्र (राखी), मिठाई, गंगाजल से भरा कलश सात खास चीजें होनी चाहिए।


राखी बांधते समय यह श्लोक बोलें -- ‘येन बद्धो बलि: राजा दानवेन्द्रो महाबल:। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल:।।’
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