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पेट भरने के लिए स्कूलों में बच्चे भर रहे पानी
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Thu, 21 Apr 2016 12:21 AM IST
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प्राथमिक स्कूल लाला बाजार में पानी लेकर जाते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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परिषदीय स्कूलों में पेयजल की समस्या से मध्यान्ह भोजन योजना प्रभावित हो रही है। नगर समेत ग्रामीण क्षेत्र के 690 स्कूलों के हैंडपंप खराब होने के कारण एमडीएम तैयार करने के लिए बच्चों को दूरदराज के इलाकों से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। सुबह स्कूल खुलते ही बच्चे बर्तनों में पानी लाकर स्टाक करते हैं। इसके बाद उन्हें दोपहर का भोजन नसीब हो पा रहा है।
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जिले में 2700 परिषदीय स्कूल हैं। इनमें 368 प्राथमिक स्कूलों के हैंडपंप स्थाई रूप से खराब हैं, जबकि 84 में हैंडपंप लगाए ही नहीं गए हैं। इसी तरह 138 उच्च प्राथमिक स्कूलों के हैंडपंप स्थाई रूप से खराब हैं, जबकि 100 स्कूलों में हैंडपंप लगाए ही नहीं गए हैं।
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ग्रामीण क्षेत्र की कौन कहे, शहर के आदर्श मसवानी, सादीपुर, रामगंज पक्का तालाब, महाजरी, आबूनगर सेकंड में हैंडपंपों नहीं हैं। परिषदीय स्कूलों का समय सुबह सात से दोपहर के 12 बजे तक का है। ऐसे में इन स्कूलों में प्रार्थना सभा के पहले बच्चों को दूर लगे हैंडपंपों से पानी भरकर लाना पड़ता है। स्कूल में पानी भरने के बाद एमडीएम पकाने का काम शुरू होता है।
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