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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   Three people siphoned off 96,500 in pension using fake disability certificates; master fraudster arrested.

Fatehpur News: फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्रों से तीन ने हड़पी 96,500 रुपये की पेंशन, महाठग गिरफ्तार

Thu, 10 Sep 2026 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2026 11:54 PM IST
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Three people siphoned off 96,500 in pension using fake disability certificates; master fraudster arrested.
फोटो-43-सदर कोतवाली में बैठा ठगी का आरोपी सुमित सिंह। स्रोत: पुलिस
फतेहपुर। बेरोजगारों को नौकरी समेत अन्य तरीकों से ठगी का शिकार बनाने के आरोपी ने खुद और परिवार के सदस्यों के फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी पेंशन भी हड़प ली। कई वर्षों तक तीनों ने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर कुल 96,500 रुपये की दिव्यांग पेंशन प्राप्त की।
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शिकायत के बाद जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी प्रगति मिश्रा ने सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं कोतवाली पुलिस ने देर शाम महाठग सुमित सिंह को गिरफ्तार कर लिया है।
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जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय के वरिष्ठ सहायक शशांक कुमार ने बताया कि आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत मिली थी। इसमें थरियांव थाना क्षेत्र के रामपुर निवासी अर्जुन सिंह, ज्ञान सिंह, सुमित सिंह और सुनीता पर फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाकर पेंशन लेने का आरोप लगाया गया था।
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मामले की सीएमओ और बीडीओ स्तर से जांच कराई गई। सीएमओ की जांच में अर्जुन सिंह, उनके पुत्र सुमित सिंह और पत्नी सुनीता के दिव्यांग प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए। तीनों प्रमाणपत्र निरस्त कर पेंशन बंद कर दी गई।
विभाग ने अब तक प्राप्त पेंशन की धनराशि एक सप्ताह में दफ्तर में जमा करने का नोटिस जारी किया है। अर्जुन ने 27,000, सुमित ने 45,500 और सुनीता ने 24,000 रुपये पेंशन के रूप में लिए हैं। फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने का मास्टरमाइंड सुमित सिंह को बताया जा रहा है। सदर कोतवाली के अपराध निरीक्षक सुरेश सिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ बुधवार को धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है।



दिव्यांग बोर्ड पर उठ रहे सवाल
एक ही परिवार के तीन सदस्यों के फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी होने से स्वास्थ्य विभाग के दिव्यांग पैनल बोर्ड पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। वर्ष 2019 में जारी प्रमाणपत्रों को लेकर सवाल है कि बिना जांच के एक परिवार के तीन सदस्यों को दिव्यांग प्रमाणपत्र कैसे जारी कर दिए गए। इससे बोर्ड में शामिल अधिकारी, कर्मचारी और डॉक्टर भी सवालों के घेरे में हैं। प्रमाणपत्र वर्ष 2019 में जारी किए गए थे। दिव्यांग बोर्ड के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. सुरेश कुमार ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट भेज दी गई है। प्रमाणपत्र के मामले में ज्ञान सिंह को जांच के लिए कार्यालय बुलाया गया है लेकिन वह अभी नहीं आए हैं।

फोटो-43-सदर कोतवाली में बैठा ठगी का आरोपी सुमित सिंह। स्रोत: पुलिस

फोटो-43-सदर कोतवाली में बैठा ठगी का आरोपी सुमित सिंह। स्रोत: पुलिस

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