{"_id":"eb495f76c2c5ca91453587da940f36dc","slug":"the-ultrasound-system-of-the-district-hospital-radiologists-arbitrary-fell-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेडियोलॉजिस्ट की मनमानी से जिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड व्यवस्था फेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेडियोलॉजिस्ट की मनमानी से जिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड व्यवस्था फेल
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
Updated Fri, 14 Aug 2015 12:37 AM IST
विज्ञापन
हंसवा निवासी सुमन देवी को कुछ माह का गर्भ है। गुरुवार को वह अल्ट्रासाउंड कराने जिला अस्पताल आई थीं। लगभग चार घंटे इंतजार के बाद बिना जांच कराए घर लौट गईं। इसी तरह सदर के खंभापुर की प्रियंका, तेलियानी के कोराईं गांव निवासी सावित्री देवी का अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ। यह हाल तब है जब हाल ही में मुख्यमंत्री स्तर से से जिला अस्पतालों में मुफ्त अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मुफ्त मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के महत्वपूर्ण एजेंडे में जनता को बेहतर चिकित्सीय लाभ दिलाने का बिंदु शामिल है लेकिन जिला चिकित्सालय की बदहाल व्यवस्था से प्रदेश सरकार की किरकिरी हो रही है। जिला अस्पताल की अल्ट्रासाउंड व्यवस्था फेल हो गई है। गुरुवार को महिला और पुरुष अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीजों को भटकना पड़ा। जिला पुरुष अस्पताल के रेडियोलाजिस्ट विभाग में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। यहां रेडियोलाजिस्ट डा. मनु गोपाल तैनात हैं, लेकिन नियमित न आने से मरीजों को अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाता। मरीज आते हैं और भटकते रहते हैं और बाद में उन्हे प्राइवेट केंद्रों से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है। इसी प्रकार जिला महिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड मशीन तेज वोल्टेज आने से फुंक गई। ऐसे में गुरुवार को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए पहुंची करीब दो दर्जन गर्भवती महिलाओ को निजी केंद्रों की शरण लेनी पड़ी। दूर दराज से आए गरीब मरीजों को अधिक पैसा खर्च करके इलाज कराना पड़ता है जबकि पिछले दिनों जिलाधिकारी पुष्पा सिंह ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण करते हुए बेहतर चिकित्सीय व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कक्ष के सामने बैठी गर्भवती महिलाएं हंसवा निवासी सुमन देवी, सदर के खंभापुर की प्रियंका, तेलियानी के कोराईं गांव निवासी सावित्री देवी आदि ने बताया कि तीन चार घंटे से इंतजार कर रहे लेकिन अल्ट्रासाउंड नहीं हुए। अब प्राइवेट जांच करानी पड़ती है। महिला अस्पताल की सीएमएस डा.रेखारानी ने बताया कि वोल्टेज ट्रिपिंग करने की वजह से मशीन जली है। अधिशासी अभियंता को पत्र लिखा है।
विज्ञापन
कोट
पिछले दिनों जिला अस्पताल का निरीक्षण कर सीएमओ और सीएमएस को इलाज के बेहतर इंतजाम के निर्देश दिए थे। स्वतंत्रता दिवस के बाद पुन: निरीक्षण किया जाएगा। रेडियोलाजिस्ट नियमित क्यों नहीं आ रहे हैं इसकी भी सीएमएस से जानकारी ली जाएगी। यदि गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई की जाएगी। - पुष्पा सिंह, जिलाधिकारी।
विज्ञापन
मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल्द ही जिला अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा और जिलाधिकारी से गड़बड़ी की जानकारी दी जाएगी। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं की शिकायत शासन तक की जाएगी।’ - विक्रम सिंह, सदर विधायक।