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जोरदार बारिश से सड़कें हुईं लबालब
अमर उजाला फतेहपुर
Updated Sat, 16 Jul 2016 12:42 AM IST
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थरियांव कस्बा के जीटी रोड में भरा बारिश का पानी।
- फोटो : अमर उजाला
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आषाढ़ माह के दूसरे पखवाड़े में रिमझिम बारिश के बाद शुक्रवार को जोरदार बारिश हुई। तीन घंटे की तेज बारिश से शहर व कस्बों में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया। कई सड़कें बारिश के पानी से लबालब हो गईं। इस कारण लोगों का आवागमन बंद रहा। कई मुहल्लों में बारिश का पानी लोगों के घरों में घुस गया। इस बारिश ने आम लोगों और किसानों को राहत दी है।
बता दें कि कई साल से सूखा की मार से जूझ रहे किसानों इस बार की बारिश ने राहत दी है। मानसूनी आंकड़ों के अनुसार आषाढ़ के पहले पखवाड़े से ही बारिश शुरू हो गई है, जिसमें किसानों ने दलहन, तिलहन फसल की बुआई समय से कर ली है। धान की रोपाई के समय किसानों पर कृपा बरसनी शुरू हुई है। शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे से बारिश शुरू हुई। तीन घंटे की जोरदार बारिश से किसानों के खेत-खलिहान लबालब भर गए।
अच्छी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। धान की खेती करने वाले किसानों के लिए बारिश वरदान साबित हुई। पानी को खेत में रोकने के लिए बारिश में ही किसान मेड़ों की मरम्मत करते दिखाई दिए। किराये के पानी से खेत भर कर धान लगाने वाले किसानों को बहुत बड़ी राहत मिली है। इसमें सिंचाई विहीन किसानों का हजारों रुपये की बचत हुई है। थरियांव प्रतिनिधि के अनुसार तेज बारिश से कस्बा का जीटी रोड पानी से लबालब भर गया। नाली चौक होने की वजह से पानी सड़क के ऊपर से बहता रहता। बारिश बंद होने के एक घंटे बाद भी सड़क पर पानी भरा रहा। लोग पानी से निकलने के लिए मजबूर रहे।
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शहर के इन मोहल्लों में भरा पानी:- तीन घंटे की बारिश में ही शहर के कई मोहल्लों में नगर पालिका के व्यवस्था की पोल खुल गई। नालियां लबालब होकर सड़क पर आ गईं। खलील नगर, रानी कालोनी, आवास विकास विभाग की मनभावन वाली गली, गंगानगर कालोनी, देवीगंज, दक्षिणी गौतम नगर, बांदा-सागर रोड, खेलदार मोहल्ला, आबूनगर रेड़इया, कोतवाली रोड से जुड़ी गलियों में हालात बदतर दिखे।
अब तक 155 मिली बारिश:- कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार अंतिम जुलाई तक 279 मिली बारिश होनी चाहिए, जिसमें 155 मिली बारिश अब तक हुई है। शुक्रवार को सुबह से दोपहर तक की बारिश 50 मिली रिकार्ड की गई है।
धान में छिड़कें यूरिया- जिला कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने बताया कि देर में धान की नर्सरी बुवाई वाले किसान यूरिया उर्वरक छिड़काव कर दें। जिन किसानों ने धान की रोपाई कर ली है, वह 15 से 20 दिन के बाद 50 किलो प्रति एकड़ की दर से यूरिया और जिंक सल्फेट मिलाकर छिड़काव करें। इससे धान के पौध में अंकुर (किल्ले) निकलने शुरू हो जाएंगे।
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बता दें कि कई साल से सूखा की मार से जूझ रहे किसानों इस बार की बारिश ने राहत दी है। मानसूनी आंकड़ों के अनुसार आषाढ़ के पहले पखवाड़े से ही बारिश शुरू हो गई है, जिसमें किसानों ने दलहन, तिलहन फसल की बुआई समय से कर ली है। धान की रोपाई के समय किसानों पर कृपा बरसनी शुरू हुई है। शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे से बारिश शुरू हुई। तीन घंटे की जोरदार बारिश से किसानों के खेत-खलिहान लबालब भर गए।
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अच्छी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए। धान की खेती करने वाले किसानों के लिए बारिश वरदान साबित हुई। पानी को खेत में रोकने के लिए बारिश में ही किसान मेड़ों की मरम्मत करते दिखाई दिए। किराये के पानी से खेत भर कर धान लगाने वाले किसानों को बहुत बड़ी राहत मिली है। इसमें सिंचाई विहीन किसानों का हजारों रुपये की बचत हुई है। थरियांव प्रतिनिधि के अनुसार तेज बारिश से कस्बा का जीटी रोड पानी से लबालब भर गया। नाली चौक होने की वजह से पानी सड़क के ऊपर से बहता रहता। बारिश बंद होने के एक घंटे बाद भी सड़क पर पानी भरा रहा। लोग पानी से निकलने के लिए मजबूर रहे।
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शहर के इन मोहल्लों में भरा पानी:- तीन घंटे की बारिश में ही शहर के कई मोहल्लों में नगर पालिका के व्यवस्था की पोल खुल गई। नालियां लबालब होकर सड़क पर आ गईं। खलील नगर, रानी कालोनी, आवास विकास विभाग की मनभावन वाली गली, गंगानगर कालोनी, देवीगंज, दक्षिणी गौतम नगर, बांदा-सागर रोड, खेलदार मोहल्ला, आबूनगर रेड़इया, कोतवाली रोड से जुड़ी गलियों में हालात बदतर दिखे।
अब तक 155 मिली बारिश:- कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार अंतिम जुलाई तक 279 मिली बारिश होनी चाहिए, जिसमें 155 मिली बारिश अब तक हुई है। शुक्रवार को सुबह से दोपहर तक की बारिश 50 मिली रिकार्ड की गई है।
धान में छिड़कें यूरिया- जिला कृषि अधिकारी रविकांत सिंह ने बताया कि देर में धान की नर्सरी बुवाई वाले किसान यूरिया उर्वरक छिड़काव कर दें। जिन किसानों ने धान की रोपाई कर ली है, वह 15 से 20 दिन के बाद 50 किलो प्रति एकड़ की दर से यूरिया और जिंक सल्फेट मिलाकर छिड़काव करें। इससे धान के पौध में अंकुर (किल्ले) निकलने शुरू हो जाएंगे।