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Fatehpur News: आजीवन कारावास के फैसले को हाईकोर्ट में देंगे चुनौती

Sat, 18 Jul 2026 12:34 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:34 AM IST
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The life imprisonment verdict will be challenged in the High Court.
फतेहपुर। असोथर थाना क्षेत्र के रिठवां गांव में वर्ष 2008 में बसपा कार्यकर्ता पुत्तनलाल पासवान की जहरीली शराब पिलाकर हत्या के मामले में विशेष न्यायालय एससी-एसटी एक्ट की ओर से सुनाए गए आजीवन कारावास के फैसले के बाद कानूनी लड़ाई अब इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचने की तैयारी में है। दोषी ठहराए गए पूर्व प्रधान समेत पांचों अभियुक्त फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
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बचाव पक्ष की ओर से ज्ञान सिंह यादव (पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह यादव के पिता) ने बताया कि निचली अदालत के फैसले का अध्ययन किया जा रहा है। प्रमाणित प्रति मिलने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दाखिल की जाएगी। उनका कहना है कि मुकदमे के दौरान कई तथ्यों और गवाहियों पर विचार नहीं किया गया जिन्हें अपील का प्रमुख आधार बनाया जाएगा।
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दूसरी ओर पुत्तनलाल के पुत्र सुरेंद्र और वीरेंद्र फैसले से संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि 18 वर्ष के लंबे इंतजार के बाद न्याय मिला है और वे चाहते हैं कि हाईकोर्ट भी निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखे। परिवार का कहना है कि मुकदमे की पैरवी के दौरान उन्हें आर्थिक, मानसिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
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मामले से जुड़े अधिवक्ताओं के अनुसार सत्र न्यायालय के फैसले के खिलाफ दोषसिद्ध व्यक्ति को हाईकोर्ट में अपील करने का वैधानिक अधिकार है। अपील दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट रिकॉर्ड तलब कर दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगा। आवश्यकता होने पर सजा स्थगन और जमानत संबंधी आवेदन पर भी सुनवाई हो सकती है। अंतिम निर्णय हाईकोर्ट के आदेश पर निर्भर करेगा।

आगे की है ये तैयारी
- फैसले की प्रमाणित प्रति प्राप्त की जाएगी।
- दोषियों की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक अपील दाखिल की जाएगी।
- सजा स्थगन और जमानत के लिए अलग से प्रार्थना पत्र दिया जा सकता है।
- हाईकोर्ट रिकॉर्ड तलब कर दोनों पक्षों की दलीलें सुनेगा।
- अंतिम निर्णय तक कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
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