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नहर में पानी देख किसान खुश
अमर उजाला ब्यूरो/फतेहपुर
Updated Tue, 29 May 2018 12:17 AM IST
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निचली गंगा नहर मेें आया पानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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निचली गंगा नहर में सोमवार को 550 क्यूसेक पानी आ गया, जो शासन के तय रोस्टर से 15 क्यूसेक अधिक है। नहर में पानी देख किसानों ने खुशी जताई है। धान की नर्सरी बोने वाले किसानों ने नहर में पानी आते ही तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, सूखे तालाबों में पानी भरने का काम भी शुरू होगा।
खरीफ फसल में 21 मई से निचली गंगा नहर का रोस्टर चल रहा है। 15 दिन के इस रोस्टर में 535 क्यूसेक पानी है, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद नहर में पानी आया है। बहुआ के किसान मानसिंह ने बताया कि धान के नर्सरी की बुआई 20 मई से शुरू हो जाती है। नहर में पानी न आने की वजह से अभी तक खेतों का पलेवा नहीं हुआ है। खेत के पलेवा से मिट्टी की गर्मी कम हो जाती है, तभी नर्सरी की बुआई की जाएगी। अब नहर में पानी आ गया है। खेत का पलेवा शुरू कर दिया जाएगा।
गौरी गांव के किसान रुद्रपाल सिंह ने बताया कि खरीफ की फसल का 15 दिन देरी से रोस्टर बनाया गया है। उसमें भी एक सप्ताह तक पानी नहीं आया है। अब नहर में पानी आया है। एक सप्ताह में धान की नर्सरी बुआई कर दी जाएगी। क्षेत्र के बहुआ, गौरी, लोधनडेरा, सिधांव सुजानपुर, गंगाईपार, बड़ागांव, जजरहा गांव में नहर के पानी के सहारे लोग खेती करते हैं।
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383 तालाब में भरा जाना है पानी
फतेहपुर। प्रशासन ने निचली गंगा नहर से 383 तालाबों में पानी भराने का लक्ष्य दिया है। नहर में अभी तक पानी न होने की वजह से तालाब नहीं भराए गए हैं। पानी आते ही अधिकारियों ने अवर अभियंताओं को तालाबों की सूची देकर पानी भराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिशासी अभियंता वैभव सिंह का कहना है कि 155 तालाबों में पहले पानी भराया जा चुका है। इसी रोस्टर में शेष 228 तालाबों में पानी भरा दिया जाएगा। निचली गंगा नहर में एक सप्ताह पानी रहेगा। किसान भी तब तक धान की नर्सरी की बुआई कर लेंगे।
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खरीफ फसल में 21 मई से निचली गंगा नहर का रोस्टर चल रहा है। 15 दिन के इस रोस्टर में 535 क्यूसेक पानी है, लेकिन एक सप्ताह बीतने के बाद नहर में पानी आया है। बहुआ के किसान मानसिंह ने बताया कि धान के नर्सरी की बुआई 20 मई से शुरू हो जाती है। नहर में पानी न आने की वजह से अभी तक खेतों का पलेवा नहीं हुआ है। खेत के पलेवा से मिट्टी की गर्मी कम हो जाती है, तभी नर्सरी की बुआई की जाएगी। अब नहर में पानी आ गया है। खेत का पलेवा शुरू कर दिया जाएगा।
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गौरी गांव के किसान रुद्रपाल सिंह ने बताया कि खरीफ की फसल का 15 दिन देरी से रोस्टर बनाया गया है। उसमें भी एक सप्ताह तक पानी नहीं आया है। अब नहर में पानी आया है। एक सप्ताह में धान की नर्सरी बुआई कर दी जाएगी। क्षेत्र के बहुआ, गौरी, लोधनडेरा, सिधांव सुजानपुर, गंगाईपार, बड़ागांव, जजरहा गांव में नहर के पानी के सहारे लोग खेती करते हैं।
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383 तालाब में भरा जाना है पानी
फतेहपुर। प्रशासन ने निचली गंगा नहर से 383 तालाबों में पानी भराने का लक्ष्य दिया है। नहर में अभी तक पानी न होने की वजह से तालाब नहीं भराए गए हैं। पानी आते ही अधिकारियों ने अवर अभियंताओं को तालाबों की सूची देकर पानी भराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। अधिशासी अभियंता वैभव सिंह का कहना है कि 155 तालाबों में पहले पानी भराया जा चुका है। इसी रोस्टर में शेष 228 तालाबों में पानी भरा दिया जाएगा। निचली गंगा नहर में एक सप्ताह पानी रहेगा। किसान भी तब तक धान की नर्सरी की बुआई कर लेंगे।