फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Fatehpur News ›   The farmer died after being upset connection

कनेक्शन न मिलने से परेशान किसान ने जान दी

Sat, 12 Nov 2016 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहपुर Updated Sat, 12 Nov 2016 12:41 AM IST
विज्ञापन
The farmer died after being upset connection
पोस्टमार्टम हाउस में आरोप लगाता बेटा कमलेश व अन्य परिजन - फोटो : अमर उजाला
हथगाम के एक किसान होरीलाल ने शुक्रवार को भ्रष्ट सिस्टम से ऊबकर खुदकुशी कर ली। शव घर से तीन सौ मीटर दूर आम के पेड़ पर लटका मिला। परिजनों का आरोप है कि बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों और दलालों से परेशान होकर उन्होंने जान दी है। नलकूप का कनेक्शन लेने के लिए रुपये जमा करने के बाद भी इतना दौड़ाया गया कि वह हताश हो गए। फसल भी बर्बाद हो गई थी। हालांकि जेई ने पैसे लेने की जानकारी की बात से इंकार किया है।
विज्ञापन



होरीलाल (65) हथगाम थाना क्षेत्र के रंगेहर मजरे रायचंद्रपुर गांव निवासी थे। वह गांव में बनेमकान में पत्नी विद्या देवी और छोटे बेटों सुरजीत, रंजीत के साथ रहते थे। बड़ा बेटा कमलेश नलकूप वाले मकान में रहता है। सुरजीत ने बताया कि गुरुवार रात पिता उसके पास सो रहे थे। उन्हें आधी रात जाते समय टोका तो लघुशंका जाने की बात कही। इसके बाद उसकी आंख लग गई। सुबह लगभग पांच बजे पास के जंगल से लौट रहे ग्रामीणों ने पिता के शव को आम के पेड़ पर लटका देखने की बात बताई तो वे लोग भागकर वहां पहुंचे।
विज्ञापन


पोस्टमार्टम हाउस में बेटे कमलेश ने बताया कि उसके पिता की दस माह पहले एक बिजली कर्मी से नलकूप कनेक्शन की बात हुई थी। पिता से 65 हजार रुपये में पूरे कनेक्शन का मामला तय हुआ था। 40 हजार रुपये जमा किए थे। विभाग ने बगैर किसी लिखापढ़ी के ट्रांसफार्मर, विद्युत पोल देकर लाइनमैन से लाइन जुड़वा दी थी। कनेक्शन संबंधी कागजात नहीं दिए थे। बताया कि जुलाई में एक बिजली कर्मी टीम के साथ पहुंचा और कनेक्शन को अवैध बताकर रुपये मांगने लगा। वसूली का विरोध करने पर मारपीट हुई थी। परिवार के पांच लोगों के खिलाफ लाइनमैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दोबारा कनेक्शन के लिए हथगाम क्षेत्र के एक बिजली के दलाल से पिता की बातचीत हुई थी। उसने तीस हजार रुपये दो माह पहले कनेक्शन कराने के लिए थे। वह भी लगातार कनेक्शन के कागजात देने के  लिए दस-दस दिन की मोहलत मांगता रहा। दलाल के पास गुरुवार को भी पिता गए थे। उसने फिर टरका दिया था। इस दौरान चार बीघा निजी और करीब छह बीघा बटाई की मटर, सब्जियों और धान की फसल बर्बाद हो गई थी। इससे ही परेशान होकर पिता ने आत्महत्या की है। दूसरी ओर थानेदार केके मिश्रा का कहना है कि बिजली विभाग के विवाद के बारे में उन्हें जानकारी नहीं हैं। आत्महत्या का कारण साफ नहीं है। किसान बीमार भी रहता था। उधर, जेई अविनाश यादव का कहना है कि चेकिंग के दौरान जो भी अवैध कनेक्शन मिलते हैं। उन पर कार्रवाई होती है। मारपीट उनके लाइन मैन के साथ हुई थी तब व पड़ोस के गांव में चेकिंग कर रहे थे। कनेक्शन के लिए रुपये किसे किसान ने दिए थे यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------------------------

फतेहपुर। किसान होरीलाल बिजली विभाग के सिस्टम वाले भंवर जाल में फंस गए थे। मारपीट की घटना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी भी नाराज हो गए थे। इससे भी उनका बिजली कनेक्शन नामुमकिन हो गया था। ग्रामीणों ने बताया कि जुलाई माह में होरीलाल का कनेक्शन बिजली विभाग की टीम काटने पहुंची थी। तब उसका नलकूप नहीं चल रहा था। उसकी लाइन हाई टेंशन से सीधे जुड़ी थी। बाकायदा उसका ट्रांसफर्मर भी नलकूप के लिए लगा था। इससे साफ है किसान को यह सारी सुविधाएं विभाग ने ही मुहैया कराई होगी। उसी विभाग के लोग कनेक्शन काटने पहुंचे तो किसान परिवार का भड़कना जायज था। तब लाइनमैन अशोक ने होरीलाल, उसकी पत्नी विद्या देवी बेटे कमलेश, अमरेंद्र, बहू सुशीला देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इन लोगों को जमानत करानी पड़ी थी। परिवार का आरोप है कि किसान को मोटी रकम देने के बाद नलकूप चलाने की जरूरत का सामान विभाग के सक्रिय दलाल मुहैया करा देते हैं। किसान का काम चलने लगता है तो वह भी निष्क्रिय हो जाता है। इसके बाद शुरू होता है कि अवैध कनेक्शन होने की वसूली का खेल।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed