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Fatehpur News: लालगंज सीओ के साथ भ्रष्टाचार में मिले साक्ष्यों का होगा मिलान
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फतेहपुर। एसटीएफ (स्पेशल टॉस्क फोर्स) की ओर जिले में ओवरलोडिंग के मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई का जल्द शिकंजा कस सकता है। अब दोनाें जिलों के विवेचक संयुक्त रूप से अभी तक की जांच में मिले साक्ष्यों का मिलान करेंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जनपद और रायबरेली जिले में लालगंज थाने में एसटीएफ ने ओवरलोड ट्रकों की लोकेशन के नाम पर वसूली, खनिज अधिनियम व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत 11 व 12 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज कराईं थी। रायबरेली में दर्ज प्राथमिकी में जिले की निलंबित एआरटीओ प्रशासन और प्रवर्तन पुष्पांजलि मित्रा गौतम, उनका प्राइवेट चालक सिकंदर, पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी व उनका चालक अशोक तिवारी, भिटौरा सहिमापुर निवासी लोकेटर मिथुन, रायबरेली के लोकेटर मोहित सिंह शामिल हैं।
इधर थरियांव थाने में दर्ज कराई दूसरी प्राथमिकी में जिला खनिज अधिकारी और उसका गनर राजू सिंह, लोकेटर मुकेश तिवारी, धीरेंद्र सिंह, बबलू उर्फ श्याम सिंह, आरटीओ का प्राइवेट चालक ट्रक चालक विक्रम को नामजद किया गया था। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लोकेटर विकास पटेल, देवांश, धीरेंद्र सिंह, मोहित सिंह जेल भेजे जा चुके हैं जबकि अधिकारियों समेत कई लोग भागे हुए हैं।
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यहां की विवेचना सीओ थरियांव वीर सिंह और रायबरेली में मामले की विवेचना सीओ लालगंज अमित सिंह कर रहे हैं। विवेचना के करीब 55 दिन हो चुकें है। विवेचना में काफी साक्ष्यों का संकलन पुलिस कर चुकी है। खबर है कि अधिकारियों को सीधे तौर पर विवेचक लिंक करने में जुटे हैं। इसके लिए लोकेटर और अधिकारियों के बीच के साक्ष्य आवश्यक हैं। इन साक्ष्यों को इकट्ठा करने के लिए दोनों जिलों के विवेचकों को एक साथ बैठकर साक्ष्यों का मिलान करने के दिशा निर्देश अधिकारियों ने दिए हैं।
मामला दोनों जिलों में एसटीएफ की ओर से दर्ज प्राथमिकी का है। इसी वजह से दोनों जिलों के विवेचक साक्ष्य संकलन का मिलान एक साथ बैठकर करेंगे। साक्ष्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - महेंद्र पाल सिंह, एएसपी
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जनपद और रायबरेली जिले में लालगंज थाने में एसटीएफ ने ओवरलोड ट्रकों की लोकेशन के नाम पर वसूली, खनिज अधिनियम व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत 11 व 12 नवंबर को प्राथमिकी दर्ज कराईं थी। रायबरेली में दर्ज प्राथमिकी में जिले की निलंबित एआरटीओ प्रशासन और प्रवर्तन पुष्पांजलि मित्रा गौतम, उनका प्राइवेट चालक सिकंदर, पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी व उनका चालक अशोक तिवारी, भिटौरा सहिमापुर निवासी लोकेटर मिथुन, रायबरेली के लोकेटर मोहित सिंह शामिल हैं।
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इधर थरियांव थाने में दर्ज कराई दूसरी प्राथमिकी में जिला खनिज अधिकारी और उसका गनर राजू सिंह, लोकेटर मुकेश तिवारी, धीरेंद्र सिंह, बबलू उर्फ श्याम सिंह, आरटीओ का प्राइवेट चालक ट्रक चालक विक्रम को नामजद किया गया था। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद लोकेटर विकास पटेल, देवांश, धीरेंद्र सिंह, मोहित सिंह जेल भेजे जा चुके हैं जबकि अधिकारियों समेत कई लोग भागे हुए हैं।
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यहां की विवेचना सीओ थरियांव वीर सिंह और रायबरेली में मामले की विवेचना सीओ लालगंज अमित सिंह कर रहे हैं। विवेचना के करीब 55 दिन हो चुकें है। विवेचना में काफी साक्ष्यों का संकलन पुलिस कर चुकी है। खबर है कि अधिकारियों को सीधे तौर पर विवेचक लिंक करने में जुटे हैं। इसके लिए लोकेटर और अधिकारियों के बीच के साक्ष्य आवश्यक हैं। इन साक्ष्यों को इकट्ठा करने के लिए दोनों जिलों के विवेचकों को एक साथ बैठकर साक्ष्यों का मिलान करने के दिशा निर्देश अधिकारियों ने दिए हैं।
मामला दोनों जिलों में एसटीएफ की ओर से दर्ज प्राथमिकी का है। इसी वजह से दोनों जिलों के विवेचक साक्ष्य संकलन का मिलान एक साथ बैठकर करेंगे। साक्ष्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। - महेंद्र पाल सिंह, एएसपी