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Fatehpur News: नहर में पानी भरपूर, फिर भी सूखे पड़े माइनर और रजबहा
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फोटो-17-जोगापुर गांव का सूखा पड़ा माइनर। संवाद
बकेवर। देवमई ब्लॉक की निचली गंगा नहर में पानी भरपूर होने के बावजूद गौरी, अरंज, खजुहा, पधारा और देवमई के रजबहों और माइनरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे करीब 1000 बीघा फसल की सिंचाई प्रभावित है। किसान निजी नलकूपों के भरोसे खेती बचाने को मजबूर हैं।
किसानों का कहना है कि हर साल उन्हें टेल तक पानी न पहुंचने की यही समस्या झेलनी पड़ती है। फिलहाल नहर में पानी की कोई कमी नहीं है, लेकिन खजुहा, ककरहिया, करनपुर, बिजुरी जैसी माइनरों के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। धान की फसल निकासी के दौर में है, और पानी की कमी से फसल बर्बाद होने का खतरा है।
पानी न मिलने के कारण किसान निजी नलकूपों से सिंचाई कर रहे हैं। इससे खर्च कई गुना बढ़ गया है। एक बीघे की सिंचाई में करीब एक हजार रुपये खर्च आ रहा है। खजुहा के किसान रामजीवन कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने चार बीघा खेत लागान पर लिया है, जो पूरी तरह नहर पर निर्भर है। पानी न मिलने से फसल अटकी है। तेज धूप ने हालात और खराब कर दिए हैं।
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रितेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने 17 बीघा खेत बोया है। किसानों ने खुद माइनर और रजबहा की सफाई कराई, फिर भी एक हफ्ते से पानी नहीं आया। अब दो-दो किलोमीटर दूर से पाइप लगाकर नलकूपों का पानी लाना पड़ रहा है।
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अभय प्रताप सिंह ने कहा, नहर में पानी की आपूर्ति पर्याप्त है। माइनरों और रजबहों की सफाई गेहूं की फसल के समय कराई गई थी। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।
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किसानों का कहना है कि हर साल उन्हें टेल तक पानी न पहुंचने की यही समस्या झेलनी पड़ती है। फिलहाल नहर में पानी की कोई कमी नहीं है, लेकिन खजुहा, ककरहिया, करनपुर, बिजुरी जैसी माइनरों के अंतिम छोर तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। धान की फसल निकासी के दौर में है, और पानी की कमी से फसल बर्बाद होने का खतरा है।
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पानी न मिलने के कारण किसान निजी नलकूपों से सिंचाई कर रहे हैं। इससे खर्च कई गुना बढ़ गया है। एक बीघे की सिंचाई में करीब एक हजार रुपये खर्च आ रहा है। खजुहा के किसान रामजीवन कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने चार बीघा खेत लागान पर लिया है, जो पूरी तरह नहर पर निर्भर है। पानी न मिलने से फसल अटकी है। तेज धूप ने हालात और खराब कर दिए हैं।
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रितेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने 17 बीघा खेत बोया है। किसानों ने खुद माइनर और रजबहा की सफाई कराई, फिर भी एक हफ्ते से पानी नहीं आया। अब दो-दो किलोमीटर दूर से पाइप लगाकर नलकूपों का पानी लाना पड़ रहा है।
सिंचाई विभाग के अवर अभियंता अभय प्रताप सिंह ने कहा, नहर में पानी की आपूर्ति पर्याप्त है। माइनरों और रजबहों की सफाई गेहूं की फसल के समय कराई गई थी। किसानों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही टेल तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।