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Fatehpur News: बोर्ड ने 12 घंटे बाद बजट प्रस्ताव किया मंजूर
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फतेहपुर। नगर पालिका बोर्ड की 12 घंटे चली बैठक के बाद सभासदों ने वित्तीय बजट को स्वीकृति प्रदान की। दोपहर एक बजे से शुरू बैठक मध्यरात्रि के बाद एक बजे समाप्त हुई। बैठक में आय व्यय ब्योरा का अनुमोदन सभासदों ने किया। हालांकि बजट बंटवारे को लेकर सभासदों के बीच आपस में नोकझोंक हुई। बात इतनी बढ़ी कि बैठक देर रात तक चली।
बैठक में सभासद संजय लाला ने कहा कि सभासदों के पास कोई बजट नहीं होता है। ऐसे में छोटे निर्माण एवं मरम्मत के लिए ईओ और चेयरमैन के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में सभी सभासदों को सालाना 35-35 लाख रुपये के बजट की व्यवस्था की जाए। वरिष्ठ सभासद विनय तिवारी ने इस प्रस्ताव पर संशोधित प्रस्ताव रखा। कहा कि जो वार्ड विकसित हैं, उन्हें 20-20 लाख और पिछड़े वार्डों का 40-40 लाख का बजट आवंटित किया जाए। इस बात पर सभासद बिफर गए। बोले कि नगर पालिका विकास में भेदभाव पहले से ही बरत रही है। किसी वार्ड में एक करोड़ का काम कराया गया है, तो किसी वार्ड में तीन करोड़ के काम हुए हैं। यह पूरी तरह से गलत है। यह बहस लंबे समय तक खिची। इस मामले में पुलिस को हस्तक्षेप करने पर मामला शांत हो पाया। अंत में संशोधित प्रस्ताव पारित हो गया।
बैठक में पुरानी तहसील के सामने नगर पालिका की निर्मित 17 दुकानों के किराए का मामला उठा। यह दुकानों 61 रुपये महीने के किराए में उठी हैं। सभासदों ने किराया बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। इस पर बोर्ड ने पांच सदस्यीय मूल्यांकन कमेटी गठित की। इसमें सफाई निरीक्षक राकेश कुमार गौड़़, सफाई निरीक्षक चंद्राकर, सभासद संजय लाला, शादाब अहमद, नीरा लोधी को शामिल किया गया। इस कमेटी की रिपोर्ट पर दुकानों के किराए में वृद्धि होगी।
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बैठक में सभासद संजय लाला ने कहा कि सभासदों के पास कोई बजट नहीं होता है। ऐसे में छोटे निर्माण एवं मरम्मत के लिए ईओ और चेयरमैन के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे में सभी सभासदों को सालाना 35-35 लाख रुपये के बजट की व्यवस्था की जाए। वरिष्ठ सभासद विनय तिवारी ने इस प्रस्ताव पर संशोधित प्रस्ताव रखा। कहा कि जो वार्ड विकसित हैं, उन्हें 20-20 लाख और पिछड़े वार्डों का 40-40 लाख का बजट आवंटित किया जाए। इस बात पर सभासद बिफर गए। बोले कि नगर पालिका विकास में भेदभाव पहले से ही बरत रही है। किसी वार्ड में एक करोड़ का काम कराया गया है, तो किसी वार्ड में तीन करोड़ के काम हुए हैं। यह पूरी तरह से गलत है। यह बहस लंबे समय तक खिची। इस मामले में पुलिस को हस्तक्षेप करने पर मामला शांत हो पाया। अंत में संशोधित प्रस्ताव पारित हो गया।
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बैठक में पुरानी तहसील के सामने नगर पालिका की निर्मित 17 दुकानों के किराए का मामला उठा। यह दुकानों 61 रुपये महीने के किराए में उठी हैं। सभासदों ने किराया बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। इस पर बोर्ड ने पांच सदस्यीय मूल्यांकन कमेटी गठित की। इसमें सफाई निरीक्षक राकेश कुमार गौड़़, सफाई निरीक्षक चंद्राकर, सभासद संजय लाला, शादाब अहमद, नीरा लोधी को शामिल किया गया। इस कमेटी की रिपोर्ट पर दुकानों के किराए में वृद्धि होगी।
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